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30 मार्च 2018

इमली का हिम पीने से भूख खुलती है

Drinking Tamarind Detox Water Starts Hunger


इमली जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आने लगता है गोलगप्पे का चटपटा स्वाद हो या चाट पकौड़ी के स्वादिष्ट चटकारे हो इमली (Tamarind) के बिना यह सब फीका है भारतीय भोजन शैली में खटाई के तौर पर इमली का इस्तेमाल किया जाता है इमली पचने में भारी, वायु का नाश करने वाली तथा अग्नि को प्रदीप करने वाली, कब्ज को दूर करने वाली तथा कफ नाशक है-

इमली का हिम पीने से भूख खुलती है

भारत में इमली (Tamarind) के पेड़ आसानी से देखे जा सकते हैं इमली के पेड़ के बीज पत्ते फल तथा फूल सभी अंग औषधियों से भरपूर है इमली के पत्ते सब्जी तथा चटनियों में उपयोग किए जाते हैं वही इमली के बीजों को भूनकर औषधि के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है इमली के फूल को गुलकंद बनाकर खाया जाता है तथा इमली को भोजन में स्वाद बढ़ाने हेतु तथा भोजन को ज्यादा पौष्टिक बनाने हेतु डाला जाता है-

इमली (Tamarind) स्वादिष्ट, मधुर, रुचिकर, भूख बढ़ाने वाली, पाचक तथा अग्नि को प्रदीप करने वाली, कब्ज को दूर करने वाली तथा कफ नाशक है वायु तथा प्रमेह का नाश करने वाली, रक्त दोष को मिटाने वाली, सारक, कब्ज को दूर करने वाली, कृमि नाशक, हृदय के लिए हितकारी तथा व्रण व छालो का नाश करने वाली मानी गई है आयुर्वेद के मुताबिक पुरानी इमली नई इमली की तूलना में ज्यादा पौष्टिक व गुणकारी होती है एक वर्ष पुरानी इमली वायु तथा पित्तशामक मानी गई है-

इमली के हिम (Tamarind Detox Water) के फायदे-


इमली का हिम पीने से भूख खुलती है

1- इमली का हिम (Tamarind Detox Water) याने इमली को पानी में भिगोकर मसलकर बनाया हुआ पानी ही इमली का हिम कहलाता है इमली का हिम तृषा दूर करने वाला, श्रम को कम करने वाला, भ्रम तथा घबराहट (Anxiety) व ग्लानि को मिटाने वाला तथा ताजगी व उत्साह वर्धन करने वाला है-

2- इमली का हिम (Tamarind Detox Water)  पित्तशामक भी है इमली के हिम से उष्माघात तथा लू लगने से होने वाली समस्याओं में बेहद लाभ मिलता है रात को पकी हुई इमली को डूबने पानी में भिगोकर रखें सुबह यह पानी में मिश्री मिलाकर यह पानी पीने से बद्धकोष्ठ (Constipation) व कब्ज की समस्या मिटती है-

3- इमली का हिम रात को पीने से आंतों की गर्मी शांत होती है तथा पेट अच्छे से साफ होता है और अगर यह हिम सुबह पिया जाए तो पित्त प्रकोप, एसिडिटी, उल्टी जैसी समस्याएं कम होती हैं तथा उल्टियों में इमली का हिम बेहद लाभदायक है-

4- मुंह के छालों (Mouth Ulcer) में इमली के हिम (Tamarind Detox Water) में मिश्री मिलाकर इस हिम से गंडूष करने से मुंह के छालों में लाभ मिलता है-

5- इमली के हिम में  काली मिर्च का चूर्ण डालकर कुल्ले करने से अरुचि कम होती है तथा वमन (Vomit) का वेग भी मिलता है-

6- इमली के हिम में गुड, काली मिर्च, इलायची का चूर्ण मिलाकर पीने से भूख खुलती है और अरूचि दूर होती है मन्दाग्नि की समस्या कम होती हैं स्वाद ग्रंथियां (Taste Buds) सुचारु होने से भोजन में रस उत्पन्न होता है-

7- इमली के हिम में जीरे का चूर्ण मिलाकर पीने से त्वचा पर गर्मी की वजह से आई हुई फोड़े-फुंसियां (Boil) मिटती है तथा त्वचा चमकीली बनती है-

8- इमली का हिम (Tamarind Detox Water) नियमित पिने से पाचक रस सुचारू होते हैं तथा पेट संबंधित या पाचन संबंधित तकलीफों में राहत होती है-

9- हिस्टीरिया (Hysteria) या पागलपन जैसी तकलीफों में रोगी को इमली का हिम पिलाने से पागलपन, हिस्टीरिया तथा भ्रम जैसी तकलीफें कम होती है-

10- नियमित एक छोटा कप इमली का हिम पीने से शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है-

11- इमली में पाया जाने वाला आयरन (Iron) और पोटेशियम ब्लड प्रेशर को बढ़ने से रोकते हैं तथा मन को भी प्रफुल्ल रखते हैं-

12- इमली का हिम एंटीऑक्सीडेंट तथा टार्टरिक एसिड (Tartaric Acid) से भरपूर होता है जिससे शरीर में कैंसर सेल नहीं बनते हैं तथा कैंसर जैसी बीमारी की रोकथाम होती है-

13- इमली के हिम में पाए जाने वाले विटामिन ए, बी तथा सी इम्यून सिस्टम को सुचारु रखते हैं जिससे पेट संबंधित समस्याएं, त्वचा संबंधित समस्याएं तथा डायबिटीज (Diabetes) जैसी समस्याएं दूर होती हैं-

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प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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