27 अप्रैल 2018

कायाकल्प करने वाला उत्तम रसायन आम्रपाक


पिछले लेख में हमने आम से बनने वाले आम्रपाक (Amrapak) के शास्त्रोक्त उल्लेख तथा गुण और लाभ के बारे में तथा कैसे ये सारे आम्रपाक मनुष्यों का कायाकल्प करके उन्हें स्वास्थ व सौन्दर्य प्रदान करते हैं यह भी विस्तार से जाना-

कायाकल्प करने वाला उत्तम रसायन आम्रपाक

आम (Mango) को समस्त विश्व भर के फलों का राजा कहा जाता है तथा प्रकृति ने आम में स्वाद, सुगंध तथा औषधीय गुण भरपुर प्रमाण में दिए हैं शास्त्रों ने इसे अमृततुल्य व देवताओं का भी प्रिय फल माना है-

    सन्तपर्णों य: स्कलेन्द्रियाणा
    बलप्रदो वृष्यमश्य ह्रूध : |
    स्त्रीषु प्रहर्षप्रचूर ददाति
    फलाधिराज : सहकारएव || -(योग रत्नाकर)

अर्थात-

आम (Mango) सारे फलों की अपेक्षा उत्तम एवं अधिक गुणकारी तथा अनेक रोगों का नाश करने वाला, बलदायक, अत्यंत वृष्य, काम शक्तिवर्धक तथा मन को प्रिय लगने वाला होने से इसे फलाधिराज कहा जाता है-

यह तो हुई प्राचीन शास्त्रों की बात लेकिन आधुनिक संशोधनों ने भी आम (Mango) को ख़ास माना है अमेरिका के अग्रणी डॉक्टर विलियम से अपने संशोधनों में लिखा है कि आम में मक्खन से भी सौ गुना अधिक पोषक तत्व है इन सारी बातों से आपको यह निश्चित हो गया होगा कि क्यों आम का सेवन आम की ऋतू में करना करना हमारे लिए जरूरी है-

आम तथा उसमे मिलाई जाने वाली विविध गुणकारी औषधियां तथा शहद के गुणों के संयोजन से सिद्ध किया हुआ आम्रपाक (Amrapak) बेहद लाभदायक व पौष्टिक हैं तथा बड़े, बूढ़े,बच्चों सभी के लिए उत्तम रसायन एवं टोनिक का काम करता हैं-

आम्रपाक बनाने की विधि-


सामग्री-

देसी पके आम का रस- 2048 ग्राम
शक्कर- 256 ग्राम
घी- 128 ग्राम
सोंठ- 32 ग्राम
काली मिर्च- 16 ग्राम
पीपर- 8 ग्राम
पानी- 512 मिलीलीटर

बनाने की विधि-

सब चीजों को मिलाकर एक साथ मिट्टी के बर्तन में डालकर मंद आंच पर पकाएं बीच-बीच में लकड़ी के चम्मच से हिलाते रहें-

जब मिश्रण थोड़ा गाढ़ा हो जाए तब उसमें धनिया, जीरा, तमालपत्र, चित्रक, नागर मौथा, दालचीनी, कलौंजी, पिपरी मूल, नागकेसर, इलायची दाना, लौंग तथा जायफल प्रत्येक को 4-4 ग्राम की मात्रा में लेकर महीन चूर्ण बनाकर इस मिश्रण में डालें तथा खूब घोंट ले जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए तब उसे आच से नीचे उतार लें व ठंडा हो जाए तब उसमें 64 ग्राम शहद मिलाकर कांच की बोतलों में भर ले-

सेवन विधि-

यह आम्रपाक (Amrapak) 10 से 40 ग्राम की मात्रा में उम्र, समस्या तथा शक्ति के हिसाब से प्रतिदिन सुबह खाए-

अनुपान- 

जल या दूध के साथ ले सकते हैं-

उत्तम रसायन आम्रपाक के लाभ-


आम्रपाक के गुण हम आपको पिछली पोस्ट में विस्तार से बता चुके हैं फिर भी यहा संक्षिप्त में बता रहे हैं-

कायाकल्प करने वाला उत्तम रसायन आम्रपाक

इस आम्रपाक (Amrapak) के नियमित सेवन से व्यक्ति बलवान, हर्षयुक्त, हृष्ट-पुष्ट तथा निरोगी रहता है जीवन शक्ति (Vitality) तथा बल में बढ़ोतरी होती है रोगप्रतिकारक शक्ति (Immune System) बढ़ने से छोटे-मोटे रोग होने की संभावना नहीं रहती है इस आम्रपाक के सेवन से संग्रहणी (Dysentery), श्वास रोग (Respiratory Disease), अरुचि, अम्ल पित्त, तथा पांडुरोग (Anaemia) का नाश होता है व शरीर में तेज तथा ओज की बढ़ोतरी होती है यह आम्रपाक नया खून बनाने में भी बेहद लाभदायी है लंबी बीमारी के बाद आई कमजोरी में दूध के साथ इसका सेवन करने से उत्तम लाभ मिलता है-

अगली पोस्ट- खण्डाम्रपाक एक उत्तम रसायन व औषधि कल्प

प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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