9 अप्रैल 2018

त्वचा रोगों पर गेहूं क्षार के अनुभूत प्रयोग

Intensive use of Wheat Alkalis on Skin Diseases


पिछले लेख मैं हमने गेहूं क्षार (Wheat Alkalis) के लाभ उपयोग तथा गेहूं के क्षार को बनाने की शास्त्रोक्त विधि के बारे में चर्चा की थी और हमने अपनी दूसरे लेख में गेंहू के क्षार के अनुभूत प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी ली थी- 

अब इस लेख में हम आपको त्वचा विकारों पर गेंहू क्षार (Wheat Alkalis)  के प्रयोगों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे-

त्वचा रोगों पर गेहूं क्षार के अनुभूत प्रयोग

गेंहू क्षार (Wheat Alkalis)  गुणों में शीतल, स्निग्ध, शरीर के वर्ण को गोरा करने वाला, जख्मों को भरने वाला, दाग धब्बों को दूर करने वाला, जलन को नष्ट करने वाला, सुजन को कम करने वाला तथा त्वचा को ठंडक देने वाला लाभदायक औषधि है-

इसकी शीतलता की वजह से यह फोड़े फुंसी, कील मुहाँसे, पुराने जख्म, घाव, अग्नि से जलना जैसी समस्याओं पर कारगर औषधि है-

गेंहू क्षार का शीतल मरहम (Wheat Alkalis Soft Ointment)-


गेहूं क्षार (Wheat Alkalis)- 20 ग्राम
सफेद राल (White Resin)- 40 ग्राम
नारियल का तेल (Coconut Oil) या तिल का तेल- 100 ग्राम

बनाने की विधि-


सबसे पहले आप नारियल या तिल के तेल को धीमी आंच पर पकाएं जब तेल गरम हो जाए तब उसमें राल मिलाकर अच्छे से घोल ले-

दूसरी तरफ आधा लीटर पानी में गेहूं क्षार (Wheat Alkalis) मिलाकर घोल ले अब गर्म किए हुए तेल को छानकर एक थाली में फैला दें जब थोडा ठंडा होने लगे तब ऊपर से गेहूं का क्षार मिला हुआ पानी डाल दे व आधा घंटा ऐसे ही रखे-

इसके बाद इसे हाथों से खूब मसले जरूरत लगे तो आवश्यकता अनुसार ज्यादा पानी भी ले सकते हैं जब तेल सफेद रंग के मरहम में बदल जाए तब इसे कांच के बर्तन में भर ले-

उपयोगिता-


1- यह मरहम अत्यंत शीतल व प्रभावी है बच्चों की गुदा द्वार की तथा मूत्रेंद्रिय की सूजन, फोड़े फुंसी, बवासीर की जलन, व सूजन, तथा कील मुहांसों (Acne Pimple) पर यह एक उत्तम योग है-

2- यह मरहम पैरों के तलवों (Foot Soles) पर तथा आंखों के आसपास मालिश करके सोने से शांत व गहरी नींद (Sound Sleep) आती है तथा खुरदरी त्वचा मुलायम बनती है-

गोधूम क्षार-घृत (Godhoom Alkali Ghee)-


गेहूं क्षार (Wheat Alkalis)- 50 ग्राम
देसी कपूर- 10 ग्राम
गाय का घी- 100 ग्राम

बनाने की विधि-


घी को पिघला कर उसमें देसी कपूर पिघला ले अब इसमें गेहूं क्षार (Wheat Alkalis) डालकर इसे खरल में डालकर ठंडा होने दें-ठंडा होने पर जब जमने लगे तब इसे खरल में खूब घोट कर एक रस कर ले आपका ठंडा मरहम तैयार है-

उपयोग-


1- यह मरहम कटने (Cuts) जलने पर, त्वचा के काले होने पर, खुश्क त्वचा पर (Chapped Skin), सर की खुजली पर, आंखों के नीचे काले घेरों (Dark Circle) पर, फटी एड़ियों (Cracked Heel) पर बेहद कारगर है-

त्वचा रोगों पर गेहूं क्षार के अनुभूत प्रयोग

2- कई बार शरीर की आंतरिक गर्मी की वजह से ज्यादातर महिलाओं में सर्दियों में एड़ियों की फटने (Cracked Heel) की समस्याएं देखने को मिलती है कभी-कभी यह समस्या इतनी ज्यादा हो जाती है कि चलना फिरना भी मुश्किल हो जाता है तथा धूल व पानी के बार बार लगने से संक्रमण होने से एड़ियां पकने लगती है तथा उसमें से पीप व रक्तस्त्राव होने लगता है ऐसी तकलीफ में रोगी को अत्यंत कष्ट होता है चलना फिरना दुभर हो जाता है इस समस्या में रात को पैरों को अच्छे से साफ करके फटी एडियो में यह मरहम भरकर ऊपर से साफ कपड़ा लपेट ले तथा सुबह अच्छे से धो दें इस प्रयोग से शरीर की गर्मी भी दूर होगी तथा फटी एड़ियां व एड़ियों का खुरदुरापन (Roughness) भी दूर होगा-

3- यह मरहम जलने के दाग (Burns) तथा एक्जिमा (Eczema) में उत्तम लाभदायक सिद्ध हुई है-

4- बबासीर (Haemorrhoids), गुदाद्वार की जलन (Burning) व सूजन में इस मरहम का पिचू गुदा द्वार में धारण करने से लाभ होता है-

5- महिलाओं में योनि की खराश (Rashes), जलन, खुजली जैसी समस्याओं में इस मरहम का पिचू योनी में धारण करने से लाभ होता है-

6- गेहूं का क्षार (Wheat Alkalis) त्वचा संबंधित तकलीफें तो दूर करता ही है साथ ही साथ सौंदर्यवर्धक भी करता है छोटे बच्चों की त्वचा की कोमलता (Softness) बढ़ाने तथा खुरदुरापन दूर करने हेतु मसाज के तेल में गेहूं क्षार मिलाकर मसाज करने से बच्चों की त्वचा मुलायम (Soft)  बनी रहती है-

7- 10 ग्राम गेहूं क्षार तथा 50 ग्राम ज्वार के आटे को दूध में मिलाकर चेहरे तथा हाथ पैरों पर लगाने से अथवा उबटन की तरह लगाकर स्नान करने से त्वचा नरम मुलायम बनी रहती है तथा त्वचा साफ होती है, त्वचा की खुश्की (Dryness) मिटती है, कोहनी गर्दन तथा घुटनों का कालापन (Darkness) दूर होता है, व त्वचा की नमी (Moisture) बरकरार रहती है जिससे त्वचा (Fairness) साफ, गोरी, व चमकीली (Glowing) बनी रहती है-

8- यह उबटन आप किसी भी ऋतू में तथा किसी भी प्रकार की त्वचा पर लगा सकते हैं-

प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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