1 अप्रैल 2018

हरे मूंग का हिम पाचक व पौष्टिक गुणों से भरपूर है

Green Moong Detox Water Digestive


महर्षि चरक ने लिखे हुए ग्रंथो में वनस्पतियों के समूह का वर्गीकरण लगभग 50 तरह के वर्गो में किया हुआ है जिसमें सबसे पहले वर्ग को  जीवनीय वर्ग के तौर पर उल्लेख किया हैं इस वर्ग की सभी की सभी 10 वनस्पति जीवन की रक्षा करने वाली तथा शरीर में ओज, बल, ऊर्जा व सत्व की बढ़ोतरी करने वाली मानी जाती है और इसी 10 वनस्पतियों में महर्षि चरक ने मूंग का भी उल्लेख किया है और मूंग (Moong) को समस्त खाद्य पदार्थों में सबसे उत्तम पौष्टिक (Nutritious) व गुणकारी (Nourishing) कहा है-

हरे मूंग का हिम पाचक व पौष्टिक गुणों से भरपूर है

आयुर्वेद में हरे मूंग को सर्वाधिक स्वादिष्ट, पौष्टिक व उत्तम पथ्यकर (Wholesome) माना गया है मूंग (Moong)  के विशिष्ट पाचक व पौष्टिक गुणों की वजह से इसे आयुर्वेद में श्रेष्ठकर माना गया है ख़ास करके कमजोर पाचन शक्ति, बीमारी ग्रस्त तथा कमजोर लोगों के लिए उत्तम हितकारी माना गया है-

मूंग (Moong) पचने में हल्के स्वादिष्ट तथा पौष्टिक है महर्षि चरक तथा महर्षि सुश्रुत ने हरे मूंग को बेहद गुणकारी और पथ्य कहा है गुणों में चने से भी ज्यादा मूंग के गुण है क्योंकि मूंग वायु उत्पन्न नहीं करता है इसीलिए इसका पचन आसानी से हो जाता है पौष्टिकता की दृष्टि में यह दूध की कमी को पूरा करता है इसीलिए त्रिदोष ज्वर में तथा कफ संबंधित रोगों में व त्वचा विकारों में जहां दूध लेना अपथ्य माना जाता है वहा मूंग का सेवन करने की सलाह दी जाती है लंबी बीमारी के बाद आने वाली कमजोरी में मूंग का सूप पीने की सलाह वैध्य जन देते हैं-

मूंग का हिम (Moong Detox Water)-


मूंग (Moong) को 10 गुने पानी में 6 से  7 घंटे भिगोकर रखने से मूंग का हिम तैयार होता है आप मूंग को धीमी आंच पर भून कर फिर इसको पीस कर उस चूर्ण को भी पानी में भिगोकर छानकर या बिना छाने भी पी सकते हैं-

मूंग के हिम (Moong Detox Water) के लाभ-


1- जिन लोगो को मंदाग्नि की समस्या हो, पाचन क्षमता कम हो गई हो, भोजन में अरुचि बढ़ गई हो, हल्का बुखार या टाइफाइड (Typhoid) जैसी समस्याए बार-बार होती हो अथवा रोगप्रतिकारक शक्ति (Immunity) कम हो गई हो ऐसे लोगों को कुछ दिन तक हलके आहार के साथ मूंग का हिम (Moong Detox Water)  अवश्य पीना चाहिए इससे पाचन शक्ति पर जोर नहीं पड़ता व अन्य समस्याए ठीक होकर शरीर की ऊर्जा व प्रतिकारक शक्ति भी अच्छी बनी रहती हैं-

हरे मूंग का हिम पाचक व पौष्टिक गुणों से भरपूर है

2- मूंग में प्रोटीन की मात्रा प्रचुरता से होने से यह शरीर में ऊर्जा की आपूर्ति अच्छी तरह से कर सकता हैं इसमें रहे हुए क्षार तत्व मल, मूत्र व पसीने से शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने की क्रिया को उत्तेजन देते हैं जिसकी वजह से शरीर का शुद्धिकरण (Detoxification) होता है और इसीलिए मूंग का हिम (Moong Detox Water) सेवन करने से वजन भी आसानी से व जल्दी से कम होता है इस तरह मूंग का हिम पी कर रहने से डाइटिंग (Dieting) या उपवास से आने वाली कमजोरी भी नहीं आती है तथा शरीर हल्का व मन प्रसन्न रहता है व वजन भी कम होता है -

3- मूंग अति पौष्टिक व शीतल होने के साथ साथ  कफ तथा पित्त को हरने वाला , मधुर, नेत्र के लिए हितकारी तथा ज्वर मिटाने वाला है इसलिए पित्त समस्याओं तथा पुराने या नए बुखार (Fever) में मूंग के हिम (Moong Detox Water) का सेवन अत्यंत लाभदायक होता हैं-

4- मूंग पेट तथा आंतों के शोधन व शुद्धिकरण करने में बेहद लाभदायक सिद्ध होते हैं इसीलिए संग्रहणी (Diarrhea) तथा पाइल्स या आंतों की गर्मी से उत्पन्न हुई समस्या में मूंग का हीम (Moong Detox Water) पीने से बेहद लाभ मिलता है-

5- मूंग त्वचा के लिए भी उत्तम माना गया है खाज, खुजली, एक्जिमा, सोरायसिस (Psoriasis) जैसी त्वचा संबंधित बीमारी या फोड़े फुंसी या कील मुंहासे (Acne) जैसी समस्याओं में भी अगर मूंग के हिम का सेवन किया जाए तो बेहद लाभ मिलता हैं-

6- अगर गर्मियों में नियमित रूप से मूंग के हिम का सेवन किया जाए तो शरीर में जलांश की योग्य आपूर्ति होती है तथा शरीर को पोषण (Nutrition) मिलता हैं तथा सूजन व वजन भी कम होता हैं-

7- मूंग का हीम (Moong Detox Water) कफ का शमन करता है इसीलिए पुरानी सर्दी खांसी (Cold Cough), कफ, टीबी, फेफड़ो की समस्याए व कमजोर व्यक्तियों के लिए यह हितकर माना गया है-

इसे भी देखें-



प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

Upcharऔर प्रयोग की सभी पोस्ट का संकलन

loading...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कुल पेज दृश्य

सर्च करें-रोग का नाम डालें

Information on Mail

Loading...