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8 अप्रैल 2018

गेहूं का क्षार भी कई रोगों की रामबाण दवा है

Wheat Starch Effective Remedy for Many Diseases


आजकल बीमारियों में बने बनाए गोलियां इंजेक्शन लेने का प्रचलन बढा है जबकि आधुनिक चिकित्सा रोगों के लक्षणों को सिर्फ दबाने का काम करती है जिससे रोग शरीर में बना ही रहता है तथा इसके कई साइड इफेक्ट भी होते हैं फिर भी जल्दी ठीक होने के चक्कर में या आलस्य की वजह से आजकल लोग आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा तथा औषधीय योगो से दूर जा रहे हैं लेकिन आलस्य को त्यागकर अगर यह दवाइयां अपने हाथों से बनाकर प्रयोग की जाए तो कई रोगों में चमत्कारिक प्रभाव देखने को मिलता है आयुर्वेदिक योग आसानी से बनने वाले सरल तथा संपूर्ण निरापद होने से हम बेझिझक इसका इस्तेमाल कर सकते हैं तथा स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं-

गेहूं का क्षार भी कई रोगों की रामबाण दवा है

लेकिन आजकल की गतिशील जीवन शैली या नाममात्र को आधुनिक जीवन शैली की वजह से आयुर्वेद के ऐसे शास्त्रोक्त औषधीय प्रयोग लुप्त प्राय हो गए हैं यह योग सदियों से वैध्य जनों द्वारा अनुभूत व परीक्षित है तथा उत्तम लाभ देने वाले भी है-

आज हम आपको ऐसे ही एक आयुर्वेदिक योग के बारे में जानकारी देंगे जो बनाने में सरल, सुलभ तथा कई रोगों की चिकित्सा में रामबाण औषधि सिद्ध हुआ है-

गेहूं का क्षार भी कई रोगों की रामबाण दवा है

गेहूं से बनने वाला गेहूं क्षार (Wheat Starch) कई रोगों की अनुभूत उत्तम दवा है गेहू क्षार जिसे गोधूम क्षार भी कहते हैं जो प्रकृति में मधुर, वायु तथा पित्त को हरने वाला, गुरु, वीर्य बढ़ाने वाला, बल देने वाला, टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने वाला, कब्ज को मिटाने वाला, जीवनीय, शरीर को पृष्टि देने वाला (Tonic), शरीर के रंग को गोरा करने वाला, जख्मों को भरने वाला, रुचि उत्पन्न करने वाला, धातु को बढ़ाने वाला तथा मस्तिष्क को स्थिरता (Calmness) देने वाला उत्तम औषधीय योग है-

गेहूं क्षार (Wheat starch) बनाने की विधि-


सबसे पहले आप गेहूं के पौधों को सुखा ले और सूख जाने पर इसे कुंड में या लोहे की बड़ी कढ़ाई में डालकर अग्नि प्रज्वलित करके खूब अच्छी तरह जलाकर राख करें अब दूसरे दिन ठंडा होने पर यह भस्म को इकट्ठा करके तौल ले फिर मिट्टी के बर्तन में डालकर राख के वजन से 8 गुना पानी डालकर 4 दिन किसी साफ़ सुथरी जगह पर स्थिर रख दे-

चार दिन के  बाद पात्र को धीरे-धीरे टेढ़ा करके दूसरे पात्र में पानी निकाल ले तथा इस पानी को छान कर उबलने के लिए रख दे जब पानी उबल के धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगे तब बर्तन को चूल्हे से उतार कर धूप में रख दें दो दिन में सफेद रंग का क्षार पानी सूखते ही उभर आएगा अब इस क्षार को लकड़ी के चम्मच से खुरच कर निकाल कर अच्छी तरह से पिस कर कपड़छन करके शीशी में भर ले-

गोधूम क्षार (Wheat starch) कई रोगों की रामबाण दवा है यह रस, रक्त तथा शुक्र धातु को बढ़ाने वाला, पित्त शामक, वायु नाशक, शरीर को बल देने वाला (Tonic) तथा जीवनसत्व को बढ़ाने वाला है-

गोधूम क्षार (Wheat Starch) पित्त रोगों में बेहतरीन उपाय है अम्ल पित्त (Acidity), रक्तपित्त, वात रक्त, दाह (Inflammation), भस्माग्नि, रस क्षय (Dehydration), शुक्र क्षय, भ्रम, बैचेनी, गर्भ स्त्राव, मूत्रावरोध, आंतों के छाले (Intestinal Ulcer), रक्त की उल्टी, गर्मियों में होने वाली कब्ज जैसी समस्याओं में बेहद हितकर है-

अगले भाग में हम आपको विभिन्न रोगों में गेंहूँ क्षार (Wheat Starch) का प्रयोग कैसे किया जाए इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे-


प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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