23 मई 2018

बालों की समस्या उत्पन्न होने के कारण तथा उपचार

Cause and Treatment of Hair Related Problems


पिछले लेख में हमने बालों के बारे में आयुर्वेद के दृष्टिकोण को सरल शब्दों में आपके सामने प्रस्तुत किया उस पर से आपको आपके बालों के प्रकार, तथा उनकी प्राकृतिक अवस्था व बालों को होने वाली समस्याएं ज्ञात हो गई होंगी साथ ही साथ बाजारू सामान से बालों को होने वाले फायदे कम तथा नुकसान ज्यादा है यह बात भी आपको स्पष्ट रुप से समझ आ गई होगी-

असाध्य कहे जाने वाले रोग या शारीरिक अवस्था में उनके उपचार करने से कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है कि समस्या उत्पन्न होने के कारणों को कम कर दिया जाए-

बालों की समस्या उत्पन्न होने के कारण तथा उपचार

बालों की समस्या के साथ भी ऐसा ही है बालों की समस्याओं में उपचार से कई ज्यादा फायदेमंद तथा लाभदाई है बालों की समस्याएं उत्पन्न करने वाली आदतें, परिस्थितियां, तथा कारणों को ढूंढकर जहां तक हो सके कम कर दिया जाए तो आधा फायदा तुरंत होने लगता है और इसीलिए बालों की योग्य चिकित्सा तय करने से पहले हमें बालों की समस्या उत्पन्न होने के कारण तथा उपचार पर आपको इस लेख द्वारा जानकारी देना अनिवार्य है-

बालों की समस्या उतपन्न होने के कारण तथा उपचार-


जैसा कि पिछले लेख हमने आपको बताया की बालों की मुख्य तीन समस्याएं बालों का झड़ना (Hair fall), बालों का असमय सफेद होना (Premature Greying of Hair) तथा बालों का उड़ जाना (Alopecia) यह तीनो समस्याए उत्पन्न होने के मुख्य कारण तथा उसके उपचार व रोकथाम तथा चिकित्सा एक ही है-

इसीलिए इस लेखन माला में इन तीनों समस्याओं के उत्पन्न होने के कारणों के बारे में विस्तार से जानेंगे तथा उसका उपचार भी देखेंगे-

बालों का झड़ना या सफेद होना, बढ़ती उम्र के साथ होने वाला स्वाभाविक बदलाव है लेकिन आजकल छोटे बच्चों तथा युवाओं के भी बाल झड़ने व सफेद होने लगे हैं तथा कई कालेज  के युवकों के दाढ़ी मुछ भी सफ़ेद होना तथा पुरुषो और स्त्रियों में गंजापन (Alopecia) जैसी समस्याए आज कल बहुतायात देखनेको मिल रही हैं जो सौंदर्य की दृष्टि तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी खतरे की घंटी समान है

बालों की समस्याओं के उत्पन्न होने के ज्यादातर कारण अंदरुनी यानी स्वास्थ्य संबंधी ही होते हैं जिसमें शारीरिक कारण, मानसिक कारण तथा बाह्य कारण भी होते हैं लेकिन अगर व्यक्ति की जीवन शक्ति मजबूत हो तथा स्वास्थ्य अच्छा हो तो बाहरी कारण बालों को उतनी क्षति नहीं पहुंचा सकते हैं-

शारीरिक कारण-


कब्ज-

पेट का ठीक से साफ ना होना (Constipation), अजीर्ण, अयोग्य खानपान, ज्यादा जंक फूड खाना जिसमें नमक व मिर्च मसालों की मात्रा ज्यादा होती है, खाना ठीक से चबा-चबाकर ना खाना, डाइटिंग करना या भूखे रहना जैसे कारणों से शरीर को योग्य पोषण नहीं मिल पाता जिससे त्वचा, नाखून, तथा बालों संबंधित समस्याएं होती हैं विटामिन की कमी, खून की कमी (Anaemia) की वजह से भी बालों की जड़ों को योग्य पोषण नहीं पहुंच पाता तथा बाल कमजोर होते हैं व टूटने लगते हैं लगते हैं-

बीमारियां-

हार्मोनल बदलाव, महिलाओं में ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst), माहवारी में ज्यादा रक्तस्राव होना, श्वेत प्रदर, प्रसूति के बाद आई कमजोरी, टाईफाईड (Typhoid),चिकनगुनिया, श्वास रोग, तथा त्वचा रोगों की लंबी एलोपैथिक चिकित्सा से या एंटीबायोटिक दवाइयों लंबे कोर्स से शरीर में पैदा हुई गर्मी की वजह से तथा, ज्यादा गर्भ निरोधक (Contraceptive Pill) खाने से, पुरुषों में ज्यादा वीर्य स्खलन व स्वप्नदोष होने से तथा अतिमिथुन जैसे कारणों का भी बालों पर विपरीत परिणाम होता है-

आदतें-

भोजन में ऊपर से ज्यादा नमक डालकर खाना, तम्बाखू, गुटका या धूम्रपान (Smoking) तथा शराब का सेवन करना जिससे फेफड़े तथा लीवर को क्षति पहुंचती है, अनियमित जीवनशैली, ज्यादा श्रम करना, गर्मी या धूप में आने के बाद तुरंत ठंडा पानी पीना, गर्म पानी से नहाना, बालों को हेयर ड्रायर से सुखाना जैसी आदतों का विपरीत परिणाम भी बालों की सेहत पर होता है-

नींद की कमी-

बालों की समस्या उत्पन्न होने के कारण तथा उपचार

रात्रि जागरण करना तथा सुबह देर से उठना शरीर का स्वास्थ्य बिगड़ने का मुख्य कारण है शरीर में असंतुलन बढ़ने से बालों पर इसका विपरीत परिणाम होता है रात को अनावश्यक रुप से TV या मोबाइल चलाते रहने से मन तथा मस्तिष्क को योग्य आराम नहीं मिल पाता है तथा आंखों पर जोर पड़ता है तथा मोबाइल के रेडिएशन (Radiation) से धीरे-धीरे शरीर के स्वस्थ जीवंत कोष (Body Cell) बीमार होने लगते हैं जिसका परिणाम बालों की सेहत पर पड़ता है व बाल झड़ने लगते हैं-

मानसिक कारण-

अति गुस्सा, चिड़चिड़ापन (Irritability), मूड स्विंग की वजह से आजकल बालों के झड़ने की समस्या होने लगी हैं-भागदौड़ भरी जीवनशैली में चिंता तनाव होना आम बात हो गई है और यह सबसे मुख्य कारण है बाल झड़ने (Hair fall) तथा असमय सफेद होने का-

चिंता तथा भय से रातों-रात काले बाल सफेद (Grey Hair) होने के किस्से इतिहास में मौजूद है-आजकल पढ़ाई करने वाले बच्चों को पढ़ाई तथा परीक्षा का तनाव होता है जिसकी वजह से उनके बाल सफेद होने लगते हैं तथा अभिभावकों की परेशानी का सबब बनते हैं-

बालों की समस्या उत्पन्न होने के कारण तथा उपचार

मानसिक तनाव (Mental Stress) व चिंता, डिप्रेशन मानसिक बीमारीया भावनात्मक तकलीफे, जैसी नेगेटिव इमोशंस की वजह से मन व शरीर अप्रसन्न रहने लगता है तथा शरीर धीरे-धीरे बुढा होने लगता है तनाव की वजह से जीवनसत्व कम होने लगता है जिसकी वजह से बाल सफेद (Grey Hair) होना तथा बालों का झड़ना जैसी समस्याओं में बढ़ोतरी होती है कई लोगो में  स्ट्रेस (Stress) के चलते बालों को तोड़ने की आदत या सिर की त्वचा में खुजलाते रहने की आदत पाई जाती है जिसके चलते भी उनके बाल झड़ने (Hair fall) लगते हैं-

अनुवांशिक (Hereditary)-

बालों की समस्या ही नहीं लेकिन अच्छे बाल का होना भी अनुवांशिक (Hereditary) होता है ज्यादातर पुरुषों में असमय बाल सफेद होना तथा बालों का झड़ना या गंजापन अनुवांशिक कारणों से भी पाया जाता है ऐसे समय में जब बाल झड़ने की या बाल सफेद होने के शुरुआती दौर में अगर योग्य खानपान तथा सावधानी रखी जाए तो बाल झड़ने की क्रिया को कम किया जा सकता है तथा असमय होने वाले सफेद बाल या गंजापन (Baldness) को निश्चित ही टाला जा सकता है ऐसे व्यक्तियों ने बिना समय गवाएं अपने बालों को या बालों की समस्याओं को कम करने के लिए तथा समस्याओं को काबू में करने के लिए अतिशीध्र  स्वरूप से उपचार शुरू कर देने चाहिए-

बाह्य कारण-

प्रदूषण तथा धूप की वजह से बालों के टेक्सचर में रुखापन आ जाता है गर्मियों में त्वचा में होने वाली जलन, खुजली, फोड़े फुंसिया व रुसी (Dandruff) भी बालों के झड़ने की मात्रा में बढ़ोतरी करती है-

रसायनों से युक्त कॉस्मेटिक का ज्यादा मात्रा में उपयोग-

आजकल फैशन के चलते एक भी सफेद बाल दिखते ही हेयर क्रीम या हेयर डाई लगाने का प्रचलन बढ़ गया है कई लोग तो जरूरत ना होते हुए भी फैशन के तौर पर हेयर कलर या हेयर डाई लगाते रहते हैं लेकिन यह हम निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि बाजार में मिलने वाला कोई भी हेयर डाई या हेयर क्रीम प्राकृतिक नहीं होता है उसमें कई हानिकारक रसायन मिलाए गए होते हैं जिसका विपरीत परिणाम आपके बालों पर होता है और आपके बाल झड़ने लगते हैं या सफेद (Grey hair) होने लगते हैं केमिकल युक्त शैंपू ,हेयर कंडीशनर,हेयर सेटिंग ज़ेल्स,हेयर स्प्रे जेईसी चीजे बालों तथा बालों की जडो व सर की त्वचा की प्राकृतिक नमी को कम कर देते हैं जिससे बाल झड़ने लागते हैं-

बालों की जड़ों में केश ग्रंथियां होती है तथा उसमें से निकलने वाला प्राकृतिक तेल बालों को जड़ों में मजबूती से स्थिर रखता है लेकिन ऊपर बताई गए किसी भी कारणों से केश ग्रंथियों में विकृति आने से या कैश ग्रंथियों को क्षति पहुंचने से बालों की जड़े कमजोर हो जाती है तथा बाल झड़ना शुरु हो जाते हैं-

यहां हम यह भी बताना चाहेंगे कि शैंपू के बाद होने वाले मुलायम बाल कोई शैंपू में रहे हुए औषधीय गुण नहीं बल्कि शैंपू में डाले गए रसायनों से बालों पर होने वाली रासायनिक क्रिया मात्र ही है-

गलत फैशन-

बालों की योग्य सफाई ना रखना, फैशन के चलते बालों में तेल ना लगाना, बालों की स्ट्रेटनिंग करवाना, बालों में ब्लीचिंग करवाना, बालों को नैसर्गिक रूप से ना सुखाकर हेयर ड्रायर का प्रयोग करना जैसी कई बातें बालों की जड़ों को कमजोर करती है जिससे बालों को योग्य पोषण ना मिलने से बालों का रूखापन बढ़ता हैं व इलेक्ट्रिसिटी कम हो जाती है जिसकी वजह से बाल रूखे, बेजान, दो मुंहे होते हैं तथा कमजोर होकर टूटने लगते हैं-

इस तरह झड़ते बालों तथा बालों के असमय सफेद होने के कई तरह के कई कारण हैं अब यह समस्या आपको क्यों हो रही है इसका कारण समझे बिना अगर आप सिर्फ बाजारु शैंपू या जेल ही लगाते रहेंगे या कोई घरेलू नुस्खे भी आजमाते रहेंगे तो भी आप की समस्या ज्यों की त्यों ही बनी रहेंगी इसलिए इस लेख को पढ़कर समझ कर आप अपने बालों की समस्या के योग्य कारण ढूंढे तथा उन कारणों का निवारण करें जिससे समस्या खत्म हो जाएगी तथा बाकी बची समस्या के लिए दूसरे भागों में क्रमशः चिकित्सा बताते रहेगें-


प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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