3 मई 2018

काम शक्तिवर्धक कंदर्प पाक क्या है

Kandarp Park is Best Remedy for Enhancing Libido


कामशक्ति (Libido) इस सृष्टि की संचालन करने वाली शक्ति मानी जाती है हालांकि काम शक्ति की उग्रता उत्तम संतान प्राप्ति के लिए बेहद जरूरी है लेकिन संतान प्राप्ति के बाद भी अगर काम शक्ति कमजोर पड़ जाती है तो मनुष्य में उत्साह तथा चैतन्य कम होने लगता है साथ ही साथ शारीरिक दुर्बलता (Physical Weakness) तथा मानसिक उद्वेग या व्यग्रता (Agitated Depression) में भी बढ़ोतरी हो जाती है अक्सर कामशक्ति घटने से पुरुषों के मन में आत्मविश्वास की कमी तथा अपराध बोध (Guilty Feeling) या कुंठाए घर कर जाती हैं-

काम शक्तिवर्धक कंदर्प पाक क्या है

व्यक्ति का मन बैचेन रहने लगता हैं, नींद ठीक से नहीं आती है  पाचन सम्बन्धित तकलीफे बढ़ जाती हैं बाल झड़ना (Hair fall) व थकान कमजोरी के साथ-साथ शरीर भी थका हुआ व दुर्बल दिखाई देने लगता हैं इसीलिए इस दुनिया में हर पुरुष कामशक्ति (Libido) बढ़ाने के लिए आतुर व प्रयत्नशील रहता है-

आजकल इंटरनेट पर साझा की हुई आधी अधूरी जानकारी तथा आयुर्वेदिक योग या औषधिया बनाने की अयोग्य तथा आधी-अधूरी विधियां तथा निरर्थक नकली जानकारिया (Fake Information) बहुत उपलब्ध हैं जिसकी की वजह से लोगों को इन निरापद औषधियों का उचित लाभ नहीं मिल पाता है इसलिए जरूरी है कि जो भी औषध हम सेवन करते हैं उसके बारे में तथा उस में उपयोग होने वाली मुख्य औषधियों के गुण लाभ तथा उपयोग के बारे में विस्तार से जान लिया जाए-

कंदर्प पाक (Kandarp Park) का सेवन क्यों कर्रे-


ऐसी समस्याओं में हमें ऐसे औषधीय योग की जरूरत होती हैं जो ना सिर्फ कामेच्छा (Libido) वर्धक हो बल्कि ऐसे औषधियों की जरूरत पड़ती है जो कामेच्छा बढ़ाएं, शारीरिक बल, धातु तथा वीर्य को बढ़ाएं (Vitality) मानसिक बल दे तथा अनिंद्रा को दूर करे साथ ही आपके शरीर को भी पुष्ट करें-

अक्सर काम शक्ति या काम इच्छा (Libido) बढ़ाने वाली औषधियां पचने में भारी तथा गुण में गर्म होती है इसीलिए अगर कमजोर व्यक्ति या जिनका पाचन कमजोर है ऐसी व्यक्ति अगर ऐसी औषधियों का सेवन करते हैं तो पेट की गड़बड़ियां, छाले (Ulcers), बवासीर जैसी समस्याएं पैदा हो जाती है साथ ही साथ कामेच्छा वर्धक योग गर्म होने की वजह से सिर्फ सर्दियों में ही उसका सेवन हितकर माना गया है लेकिन आज हम आपको जो कामेच्छा वर्धक कंदर्प पाक (Kandarp Park) बताने वाले हैं जो बेहद निराप्रद, गुणधर्म में सम्यक, पचने में हल्का तथा शरीर के लिए पौष्टिक व बल प्रदान करने वाला, उत्तम रसायन व अन्य शारीरिक समस्याओ को भी दूर करने वाला है यह बनाने में भी बेहद आसान है तथा इसे हर कोई व्यक्ति हर ऋतु में बेझिझक सेवन कर सकता है-

काम शक्तिवर्धक कंदर्प पाक क्या है

औषधि बनाने से पहले तथा सेवन करने से पहले हमें यह अवश्य जान लेना चाहिए कि यह औषध का सेवन हमें क्यों और कैसे तथा किस तरह करना है साथ ही साथ यह भी जानना जरूरी है कि उपयोग में लाने वाली औषधि हमारे प्रकृति के अनुसार हमें सूट करती है या नहीं इसलिए कंदर्प पाक (Kandarp Park)  बनाने और सेवन करने से पहले इसके गुण धर्म, लाभ तथा उपयोग जानना बेहद जरूरी है-

कंदर्प पाक क्या है-


हिंदू संस्कृति में भगवान कामदेव को कंदर्प कहा जाता है और आयुर्वेद में सफेद प्याज (White Onion) का कंदर्प के नाम से उल्लेख किया गया है कई लोग मानते हैं की प्याज एक कंद है तथा इसमें से बहुत तीव्र गंध आती है जिसे संस्कृत में दर्प कहा जाता है इसीलिए प्याज को कंदर्प नाम दिया गया है लेकिन अगर हम महर्षियों ने लिखे हुए प्याज के गुणों को देखते हैं तो हमें पता चलता है कि प्याज को कंदर्प कहकर सम्बोधित किस कारण से किया गया होगा-

प्याज (White Onion) का सेवन हर ऋतु में एक समान ही हितकर है प्याज सर्दी, खांसी, दमा, श्वास के रोगों को नष्ट करता है मस्तिष्क तथा हृदय (Heart) के लिए हितकारी है वृद्धों के लिए प्याज रसायन का काम करता है, शारीरिक दौर्बल्य (Debility) तथा वायु विकार में उत्तम औषध है इसलिए आयुर्वेद में प्याज का उपयोग रोज करने को कहा है-

प्याज (White Onion) लंबे समय तक खराब नहीं होते हैं यानी प्याज में जीवनी शक्ति प्रबलता से व प्रचुरता से भरी हुई है और इसके यही गुणधर्म से इसके सेवन के बाद मनुष्य में जवानी, ऊर्जा, बल तथा कामेच्छा (Libido) में बढौतरी होती है-

आयुर्वेद के अनुसार प्याज (White Onion) मधुर, कफ करने वाला, पित्त नही करने वाला, कामेच्छा (Libido) को बढ़ाने वाला, वीर्य को बढ़ाने वाला तथा शूल का शमन करने वाला माना है सफेद प्याज बल प्रदान करने वाला, गुरु, स्निग्ध, मधुर रुचिकर, धातु वर्धक, निद्रा लाने वाला, उद्दीपक तथा तेज बढ़ाने वाला है-

सफेद प्याज क्षय, ह्रदय रोग, उल्टी, अरुचि वात, पित्त, वात से होने वाले अर्श (Haemorrhoids), रक्तपित्त, पसीना, सूजन, नपुसंकता (Impotence), कालरा वगैरा रोगों का नाश करने वाला गुणकारी परम औषध है-

महर्षि चरक तथा सुश्रुत ने प्याज (White Onion) को शक्तिवर्धक, शरीर को पुष्ट देने वाला, मेधा तथा बुद्धिवर्धक माना है महर्षि वाग्भट्ट ने प्याज को अर्श रोग में हितकारी तथा कामेच्छा बढ़ाने वाला माना है-

प्याज को गरीबों की कस्तूरी भी कहा जाता है वैधजन प्याज को अति पौष्टिक व परम औषधि मानते हैं क्योंकि सर्दियों में प्याज का सेवन करने से शरीर को बल व पौष्टिकता (Nourishment) मिलती है, वर्षा ऋतु में प्याज का सेवन करने से पाचन संबंधित तकलीफ तथा आंतों के रोग व दूषित पानी से हुए पेट के इंफेक्शन (Stomach Infection) दूर होते हैं तथा गर्मियों में प्याज का सेवन करने से लू से बचा जा सकता है तथा गर्मी की शरीर पर असर नहीं होती है शरीर का तापमान ठीक बना रहता है जिससे गर्मियों में तथा लू (Sunstroke) लगने से होने वाली समस्याओं से बचा जा सकता है प्याज जठराग्नि तथा धात्वाग्नि को बढ़ाने वाला हैं इसीलिए यह युवा तथा वृद्धों के लिए बेहद लाभदायक है-

इस तरह प्याज का सेवन करने से मनुष्य भी कंदर्प यानी कामदेव की तरह कामशक्ति, बल, चैतन्य, ऊर्जा से भरपूर तथा सुंदर बन जाते हैं इस लिए ऊपर बताई गई समस्याओं से ग्रस्त व्यक्तियों ने इस कंदर्प पाक (Kandarp Park) का सेवन अवश्य करना चाहिये-


प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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