10 मई 2018

अस्थमा रोगी इन बातों का अवश्य ध्यान दें

Must Remember Asthma Patients


पिछली पोस्ट में हमने अस्थमा क्या है और क्यों होता है इस पर विस्तार से जानने का प्रयास किया इस पोस्ट में हम आपको अस्थमा रोगी (Asthma Patients) को किन-किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए इस पर विस्तार से चर्चा करेंगें सबसे पहले आपको यह जान लेना आवश्यक है कि दमा रोग से पीड़ित रोगी को ध्रूमपान नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से रोगी की अवस्था और खराब हो सकती है तथा घर में या अस्थमा से प्रभावित लोगों के आस-पास धूम्रपान न करें जहाँ तक संभव हो तो धूम्रपान ही करना बंद कर दें क्योंकि अस्थमा (Asthma ) से प्रभावित कुछ लोगों को कपडों पर धुएं की महक से ही अटैक आ सकता है-

अस्थमा रोगी इन बातों का अवश्य ध्यान दें

अस्थमा रोगी (Asthma Patients) ध्यान दें-


1- इस रोग से पीड़ित रोगी को भोजन में लेसदार पदार्थ तथा मिर्च-मसालेदार चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए तथा रोगी व्यक्ति को धूल तथा धुंए भरे वातावरण से बचना चाहिए क्योंकि धुल तथा धुंए से यह रोग और भी बढ़ जाता है-

2- अस्थमा रोगी व्यक्ति को मानसिक परेशानी, तनाव, क्रोध तथा लड़ाई-झगड़ो से बचना चाहिए तथा इस रोग से पीड़ित रोगी को शराबतम्बाकू तथा अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ये पदार्थ दमा रोग की तीव्रता को बढ़ा देते हैं-  

अस्थमा रोगी इन बातों का अवश्य ध्यान दें

3- एयरटाइट गद्दे, बॉक्स स्प्रिंग और तकिए के कवर का इस्तेमाल करें ये वे चीजें है जहां पर अक्सर धूल-कण होते है जो अस्थमा को ट्रिगर करते है पालतू जानवरों को हर हफ्ते नहलाएं-इससे आपके घर में गंदगी पर कंट्रोल रहेगा-

4- अस्थमा से प्रभावित बच्चों को उनकी उम्र वाले बच्चों के साथ सामान्य गतिविधियों में भाग लेने दें-अस्थमा के बारे में अपनी और या अपने बच्चे की जानकारी बढाएं इससे इस बीमारी पर अच्छी तरह से कंट्रोल करने की समझ बढेगी-  

अस्थमा रोगी इन बातों का अवश्य ध्यान दें

5- अच्छी क्वालिटीवाल एलर्जक को घटाने वाले डिटर्जेंट के साथ बेड सीट और मनपसंद स्टफड खिलोंनों को हर हफ्ते धोंए-घर में सख्त सतह वाले कारपेंट अपनाए-

6- समय-समय पर आप एलर्जी की जांच अवश्य कराएं इसकी मदद से आप अपने अस्थमा ट्रिगर्स मूल कारण की पहचान कर सकते है तथा किसी तरह की तकलीफ होने पर या आपकी दवाइयों के आप पर बेअसर होने पर अपने निकटतम डॉक्टर या वैध्य से तुरंत संर्पक करें-

7- यदि आपके घर में पालतू जानवर है तो उसे अपने विस्तर पर या बेडरूम में न आने दें-

8- पंखों वाले तकिए का इस्तेमाल न करें और ध्यान दें कि धूल की संभावना वाली जगहों जैसे गार्डन या पत्तियों के ढेरों में काम न करें और और यदि बच्चों को ये रोग है तो उन्हें न ही खेलने दें-ध्यान दें कि दोपहर के वक्त जब परागकणों की संख्या बढ जाती है तब बाहर न ही काम करें और न ही पीड़ित बच्चों खेलने दें-परन्तु आप अस्थमा से प्रभावित व्यक्ति से किसी तरह का अलग व्यवहार न करें-

9- अस्थमा का अटैक आने पर आप न घबराएं-इससे प्रॉब्लम और भी बढ जाएगी-ये बात उन माता-पिता को ध्यान देने वाली है जिनके बच्चों को अस्थमा है अस्थमा अटैक के दौरान बच्चों को आपकी प्रतिक्रिया का असर पडता है यदि आप ही घबरा जाएंगे तो आपको देख उनकी भी घबराहट और भी बढ सकती है इसके लिए आप एलर्जी की जांच कराएं इसकी मदद से आप अपने अस्थमा ट्रिगर्स मूल कारण की पहचान कर सकते है-

10- दमा रोग से पीड़ित रोगी का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को प्रतिदिन नींबू तथा शहद को पानी में मिलाकर पीना चाहिए और फिर उपवास रखना चाहिए-इसके बाद एक सप्ताह तक फलों का रस या हरी सब्जियों का रस तथा सूप पीकर उपवास रखना चाहिए-फिर इसके बाद दो सप्ताह तक बिना पका हुआ भोजन करना चाहिए-इसके बाद साधारण भोजन करना चाहिए-

अगली पोस्ट- दमा यानि अस्थमा रोगी को क्या करना चाहिए

प्रस्तुती- Satyan Srivastava

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