13 मई 2018

अस्थमा नियन्त्रित करने के कुछ उपाय

Some Ways to Asthma Control 


पिछली पोस्ट में अस्थमा (Asthma) क्या है ये क्यों होता है किन बातों पर अस्थमा रोगी को ध्यान देने की आवश्यकता है तथा अस्थमा रोगी को क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए तथा अस्थमा रोगी का उचित आहार क्या होना चाहिए आप सभी लेख की जानकारी नीचे दिए लिंक पर जाकर एक साथ देख सकते है अब इस लेख में हम अस्थमा को नियन्त्रित (Asthma Control) करने के कुछ उपाय पर चर्चा करेगें-

अस्थमा को नियन्त्रित (Asthma Control) करने के कुछ उपाय-


अस्थमा नियन्त्रित करने के कुछ उपाय


1- तुलसी तथा अदरक का रस शहद मिलाकर पीने से दमा रोग में बहुत लाभ मिलता है-दमा रोग से पीड़ित रोगी यदि मेथी को भिगोकर खायें तथा इसके पानी में थोड़ा सा शहद मिलाकर पिए तो रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है-

2- अदरक की गरम चाय में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है अस्थमा रोगी को सबेरे और शाम इस चाय का सेवन करने से काफी फायदा होता है-

3- दमा रोगी आधा लिटर पानी में दो चम्मच अजवाइन मिलाकर इसे उबालें और पानी से उठती भाप लें यह घरेलू उपाय काफी फायदे मंद होता है या फिर 4-5 लौंग लें और 125 मिली पानी में 5 मिनट तक उबालें-इस मिश्रण को छानकर इसमें एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाएँ और गरम-गरम पी लें-हर रोज दो से तीन बार यह काढ़ा बनाकर पीने से मरीज को निश्चित रूप से लाभ होता है-

अस्थमा नियन्त्रित करने के कुछ उपाय


4- लहसुन भी दमा के इलाज में काफी कारगर साबित होता है 30 मिली दूध में लहसुन की 5 कलियाँ उबालें और इस मिश्रण को हर रोज सेवन करें ये प्रयोग दमे के रोगी को शुरुआती अवस्था में काफी फायदा देता है- 

5- 180 मिमी पानी में मुट्ठीभर सहजन की पत्तियां मिलाकर करीब 5 मिनट तक उबालें फिर मिश्रण को ठंडा होने दें और उसमें चुटकी भर नमक, कालीमिर्च और नीबू रस भी मिलाया जा सकता है इस सूप का आप नियमित रूप से इस्तेमाल दमा उपचार में कारगर पाया गया है-

6- दमे को नियंत्रित रखने के लिए शहद और तुलसी की पत्तियों का पीसकर मिश्रण तैयार करें और प्रतिदिन सुबह-सुबह इसका सेवन करें यदि आपको एलर्जी पैदा करने वाला तत्व अपने आसपास नजर आए और आपको लगे की दमा भड़क सकता है तो इसे में तत्काल तुलसी की पत्तियों में सेंधा नमक मिलाकर सेवन करे-

7- करेला जो कि अस्‍थमा का असरदार इलाज है उसके एक चम्‍मच पेस्‍ट को लेकर शहद और तुलसी के पत्‍ते के रस के साथ मिला कर खाएं इससे अंदर की एलर्जी से आपको बहुत राहत मिलती है-

8- 10 ग्राम सरसों का तेल और 10 ग्राम गुड़ को हल्का गुनगुना कर प्रतिदिन सुबह लें-इस नुस्खे को 21 से 40 दिनों तक प्रयोग करें अस्थमा रोगी देखेगें कि उनको कितना लाभ हुआ है आप इसे लाभ होने पर आगे भी कुछ दिन जारी रख सकते है-

अस्थमा नियन्त्रित करने के कुछ उपाय


9- यदि बच्चे को असाध्य दमा है तो आप अमलतास का गूदा 15 ग्राम दो कप पानी में डालकर उबालें चौथाई भाग बचने पर छान लें और सोते समय रोगी बच्चे को गरम-गरम पिला दें इससे फेफड़ों में जमा हुआ बलगम शौच मार्ग से निकल जाता है ये लगातार तीन दिन लेने से जमा हुआ कफ निकल कर फेफड़े साफ हो जाते है और महीने भर लेने से फेफड़े ठीक होकर तपेदिक तक ठीक हो सकती है-

10- केला के पत्तों को सुखाकर किसी बड़े बर्तन में जला लेवें-फिर कपड़छान कर लें और इस केले के पत्ते की भस्म को एक कांच की साफ शीशी या डिब्बे में रख लें-बस आपकी दवा तैयार है इसके बाद आप एक साल पुराना गुड़ 3 ग्राम चिकनी सुपारी का आधा से थोड़ा कम वजन को 2-3 चम्मच पानी में भिगों दें फिर उसमें 1-4 चौथाई दवा केले के पत्ते की राख डाल दें और पांच-दस मिनट बाद ले लें-दिन भर में सिर्फ एक बार ही दवा लेनी है आप इसे कभी भी ले लेवें आपको अस्थमा में काफी लाभ मिलेगा-

11- एक पका केला बिना छिला लेकर चाकू से लम्बाई में चीरा लगाकर उसमें एक छोटा चम्मच दो ग्राम कपड़छान की हुई काली मिर्च भर दें फिर उसे बगैर छीले ही केले के वृक्ष के पत्ते में अच्छी तरह लपेट कर डोरे से बांध कर 2-3 घंटे रख दें और बाद में केले के पत्ते सहित उसे आग में इस प्रकार भूने की उपर का पत्ता जले फिर ठंडा होने पर केले का छिलका निकालकर केला खा लें इस प्रकार प्रतिदिन सुबह में केले में काली मिर्च का चूर्ण भरें और शाम को पकावें-आप इसे 15-20 दिन करे आपको खूब लाभ होगा-

12- रात भर एक गरम पानी वाले ग्‍लास में सूखी अंजीर को भिगो कर रख दें तथा सुबह होते ही इसे खाली पेट खाएं ऐसा करने से बलगम भी ठीक होता है और संक्रमण से भी राहत मिलती है-

13- कालीमिर्च, छोटी पीपल और भुना सुहागा समान मात्रा में लेकर पीसकर और छानकर रखें-इस चूर्ण को 2 से 4 ग्राम मात्रा में सुबह-शाम शहद से सेवन करें-

14- कोष्ठबद्धता (Constipation) के कारण अस्थमा रोगी को बहुत परेशानी होती है इसलिए कोष्ठबद्धता को नष्ट करने के लिए रात्रि को एरंड का तेल 5 ग्राम मात्रा में दूध या हल्के गर्म जल के साथ सेवन करें-

15- एक कप घिसी हुई मूली में एक चम्‍मच शहद और नींबू का रस मिला कर 20 मिनट तक पकाएं-इस मिश्रण को हर रोज एक चम्‍मच खाएं-यह इलाज बड़ा ही प्रसिद्ध और असरदार है-

क्या न करें-


जिन तत्वों से दमा भड़कने की आशंका हो या साँस लेने में तकलीफ बढ़ती हो उससे बचने की कोशिश करे-अस्थमा के मरीज को नियमित रूप से अलग-अलग किस्म की दालों और सूखे अंगूरों का सेवन करना चाहिए ताकि यह रोग दूर रहे-तली भुनी सामग्री का सेवन न करे और रात के समय मरीज को हल्का भोजन करने से भी फायदा मिलता है-
प्रस्तुती- Satyan Srivastava

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