14 मई 2018

अस्थमा के लिए आप यह करके भी देखें

You Can also See this For Asthma


पिछले सभी लेख में आपने अस्थमा (Asthma) क्या है और क्यों होता है तथा किन बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है तथा इसके नियन्त्रण के लिए किस-किस प्रकार के उपाय करने चाहिए इसका वर्णन किया था इस लेख में कुछ इस प्रकार के समाधान बताये जा रहे है जिनको करके भी बहुत से लोगों को काफी लाभ हुआ है-

सांस की बीमारी (दमा या अस्थमा) एक आम रोग है वर्तमान समय में अधिकांश लोग इससे पीडि़त हैं आमतौर पर यह रोग अनुवांशिक होता है तो कुछ लोगों को मौसम के कारण हो जाता है इसके कारण रोगी कोई भी काम ठीक से नहीं कर पाते और जल्दी थक जाते हैं मेडिकल साइंस द्वारा इस अस्थमा (Asthma) रोग का संपूर्ण उपचार संभव है साथ ही यदि नीचे लिखे उपायों को भी किया जाए तो इस रोग में जल्दी आराम मिलता है-

वैसे कुछ लोग इसे अंध-विश्वास का नाम भी दे सकते है लेकिन जो लोग आजमा चुके है उनको भी नकारा नहीं जा सकता है अगर आप इन उपायों को निष्ठां और विश्वास से करेगें तो मुझे कहने में कोई संकोच नहीं है कि आपको लाभ अवश्य मिलेगा-

अस्थमा (Asthma) के लिए कारगर टोटके-


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1- रविवार के दिन सुबह छोटी दूधी लाकर उसमें से 6 ग्राम लें और 3 ग्राम सफेद जीरा लेते हैं अब दोनों को बारीक पीसकर पानी में घोलकर पी लेते हैं इस दिन केवल दही में इच्छानुसार चिवड़ा भिगोंकर इच्छानुसार खाना चाहिए फिर अगले दिन सोमवार को दवा का सेवन न करें तथा मंगलवार को फिर उसी दवा का सेवन करें तथा दिन भर भोजन में दही चिवड़ा ही खाएं फिर इसके बाद अगले दिन यानी बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को दवा का सेवन न करें तथा फिर रविवार को दवा का सेवन करें तथा दिन भर भोजन में दही चिवड़ा ही खाएं इस प्रकार दवा का कोर्स पूरा करने पर पुराने से पुराना दमा नष्ट हो जाता है-

2- रविवार को एक बर्तन में जल भरकर उसमें चांदी की अंगूठी डालकर सोमवार को खाली पेट उस जल का सेवन करें-नियमित लगातार हर सोमवार करते रहने से दमा रोग दूर हो जाएगा-

3- सांस की नली में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में सूजन के कारण कफ जमने अथवा खांसी से मुक्ति पाने के लिए किसी शुभ समय में केसर की स्याही और तुलसी की कलम द्वारा भोजपत्र पर चंद्र यंत्र का निर्माण करवाकर गले में धारण करें इससे आपके श्वास संबंधी सभी रोग दूर हो जाएंगे-

अस्थमा के लिए आप यह करके भी देखें


4- शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार से लगातार तीन सोमवार तक एक सफेद रूमाल में मिश्री एवं चांदी का एक चौकोर टुकड़ा बांधकर बहते जल में प्रवाहित करें तथा शिवजी को चावल के आटे का दीपक कपूर मिश्रित घी के साथ अर्पित करें इससे ईश्वर कृपा से सभी प्रकार के श्वास रोग दूर हो जाएंगे-

5- किसी भी मास के प्रथम सोमवार को विधि-विधानपूर्वक चमेली की जड़ को अभिमंत्रित करके सफेद रेशमी धागे में बांधकर गले में धारण करें और प्रत्येक सोमवार को बार-बार आइने में अपना चेहरा देंखे इस टोटके से सांस की सभी बीमारियां दूर हो जाएंगी-

विशेष सावधानी- रोगी को किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए-

अस्थमा का मछली से इलाज-


हैदराबाद में मछली के जरिए किया जाने वाला इलाज लोगों में काफी मशहूर है ऐसी मान्यता है कि करीब 150 साल पहले वीरन्ना गौड़ नाम के एक व्यक्ति थे जो दूसरों की हमेशा मदद किया करते थे अचानक एक दिन उनसे एक दैवीय व्यक्ति मिले-प्रसन्न होकर उन्होंने इलाज का यह सीक्रेट फॉर्म्युला बताया और कहा कि इससे लोगों का मुफ्त इलाज करना-तब से लेकर आज तक बेथानी गौड़ परिवार इस फॉर्म्युला से लोगों का मुफ्त इलाज करता आ रहा हैं-हर साल मॉनसून की शुरूआत होते ही जून महीने में हैदराबाद की बेथियानी गौड़ फैमिली के पास दुनिया भर से हजारों लोग इस तरीके से अस्थमा का इलाज कराने आते हैं-

कैसे होता है इलाज-


सबसे पहले बैथिनी परिवार द्वारा बनी दवा को जिंदा मुरेल मछली के मुंह में रखा जाता है और उस मछली को मरीज के मुंह में डाल दिया जाता है-दो से सवा दो इंच लंबाई की यह मछली काफी चिकनी होती है इसलिए मुह में आसानी से स्लिप हो जाती है और मरीज भी इसे आराम से निगल लेता है-शरीर के अंदर यह 15 मिनट तक जिंदा रहती है-यह मछली गले से लेकर पेट तक जाती है-उस दौरान उसकी पूंछ और पंख फड़फड़ाने से सांस लेने का पूरा सिस्टम साफ हो जाता है- 

लोग बताते हैं कि अगर इस तरीके से तीन साल तक इलाज कराएं और 45 दिनों तक उनके अनुसार डाइट लेते रहें तो अस्थमा 100 फीसदी तक ठीक हो जाता है यह दवा मृगशिरा कार्तिक नक्षत्र यानी जून के पहले सप्ताह के आस-पास दी जाती है-

नोट-


जब आज से सात साल पहले जब हम हैदराबाद रहते थे मै वहां पांच साल  रहा हमने भी कई लोगो से पता किया तो पता चला कि ये सही है फिर एक बार हम देखने गए और बड़ी भीड़ होती है वहां का प्रसाशन भी काफी सुरक्षा व्यवस्था में लगता है-इसकी एक अलग ही पोस्ट है चित्रों सहित आपके लिए नीचे इसका लिंक दे रहा हूँ-

देखे मछली के इलाज का लिंक इस पर क्लिक करें-

प्रस्तुती- Satyan Srivastava

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