7 जून 2018

खांसी, कफ इन्फेक्शन, पुरानी खांसी तथा कुकुर खांसी पर अनुभूत योग


हिंदी में आयुर्वेद उपचार-Ayurveda treatment in Hindi


अक्सर कितने ही इलाज व दवाइयां खाने के बाद भी कुछ लोगों की खांसी कम होने का नाम नहीं लेती कम रोग प्रतिकारक शक्ति, किसी दवाई के साइड इफेक्ट, क्षतिग्रस्त फेफड़े, एलर्जी, धूम्रपान, तथा इन्फेक्शन जैसे कई कारण इसके पीछे हो सकते हैं पुरानी खांसी ना सिर्फ असाध्य होती है लेकिन कष्टदायक भी होती है-

खांसी, कफ इन्फेक्शन, पुरानी खांसी तथा कुकुर खांसी पर अनुभूत योग

कई बार खास्ते खास्ते रोगी के छाती पीठ व पेट दुखने लगता है और रोगी थकान महसूस करने लगता हैं तथा कफ कि वजह से रोगी अरुचि महसूस करता है तथा धीरे-धीरे रोगी कमजोर होने लगता है ऐसे में आज हम जो नुस्खा आपको बताने वाले हैं यह बहुत अनुभुत तथा अकसीर है-

खांसी, कफ इन्फेक्शन, पुरानी खांसी तथा कुकुर खांसी पर अनुभूत योग

खासकर के छोटे बच्चों की खांसी या कुकुर खासी में यह बेहद चमत्कारिक लाभ देने वाले नुस्खों में से एक है बच्चों को जब कुकुर खांसी (Whooping cough) हो जाती है तो बच्चे काफी देर तक खांसते रहते हैं व खांसते खांसते उनका दम घुटने लगता है आंखें लाल हो जाती है कई बार बच्चों को व खांसते खांसते उल्टी होने लगती है इससे बच्चों को काफी कष्ट होता है बच्चे हमेशा रोते व चिड़चिडे रहते हैं और उनका यह हाल देखा नहीं जाता ऐसे में यह नुस्खा बेहद लाभदायक है-

खांसी, कफ इन्फेक्शन, पुरानी खांसी तथा कुकुर खांसी पर अनुभूत योग

यह नुस्खा हमें मुंबई के जड़ी-बूटी शिविर में पिपरिया से आए हुए एक बुजुर्ग वैदजी ने लोक कल्याण हेतु बताया था यह उनका वर्षों से अनुभूत योग है तथा हमारा भी अब अनुभूत योग है-

यह नुस्खा बनाने में बेहद सरल, ससता, निरापद तथा अत्यंत लाभदायक है जिसे कोई भी आसानी से बना कर प्रयोग कर सकता है लोगों को एलोपैथिक दवाई लेकर भी ठीक ना होते हुए देखकर तथा लोगों का ऊर्जा तथा धन व्यय देखकर हमें अत्यंत दुख होता है और इसीलिए आज हम यह नुस्खा लोक कल्याण हेतु यहां लिख रहे हैं-

खांसी-कफ इन्फेक्शन-पुरानी खांसी तथा कुकुर खांसी (whooping cough) पर अनुभूत योग-


सामग्री-

कच्ची फिटकरी (Elm) का चूर्ण- 100 ग्राम
सोमलता (Ephedrine) का चूर्ण- 50 ग्राम 

बनाने की विधि-

दोनों चूर्णों को मिलाकर कपड़छन कर कर अच्छे से खरल में घोंट कर मिलाकर रख लें-पुरानी खांसी व कुकुर खांसी (whooping cough), की अवस्था में यह प्रयोग करने से 10 से 15 दिन में आराम हो जाता है-

मात्रा-

1 से 2 वर्ष के बालक को 2 रत्ती
5 से 6 वर्ष तक के बालक को 3 से 5 रत्ती
बड़े बालों को को 7 से 10 रत्ती-तथा बड़ी उम्र की व्यक्तियों को 10 से 15 रत्ती तक दिन में तीन बार देवें

अनुपान-

यह योग आप गर्म पानी अथवा शहद में मिलाकर ले सकते हैं छोटे बालों को को उनके उम्र के हिसाब से इस नुस्खे की मात्रा एक चम्मच शहद में अच्छे से मिलाकर चटा देने से 15 दिन में संपूर्ण लाभ हो जाता है-

यह नुस्खा कुत्ता खासी (whooping cough), पुरानी खांसी, कफ इन्फेक्शन (cough infection), अस्थमा, ब्रोंकैटीस (Bronchitis) छाती का भारीपन बढ़ा हुआ ESR (Eosinophilia) जैसी समस्याओं में भी बेहद लाभदायक है यह नुस्खा संपूर्ण निराप्रद है तथा इसे लेने से एलोपैथिक सिरप की तरह नींद नहीं आती और ना ही अन्य कोई साइड इफेक्ट होते हैं-

विशेष टिप- 

खांसी में गेंदे के फूल (Marigold flower) की सारी पंखुड़िया तोड़ कर रात को एक लिटर पानी में भिगो दे सुबह यह पानी पूरे दिन पिए इस प्रयोग से ना सिर्फ खांसी में आराम मिलता हैं बल्कि फेफड़ो को भी शक्ति मिलती हैं तथा जमा हुआ कफ आसानी से निसारण हो जाता हैं-छोटे बच्चो में यह दोनों प्रयोग अवश्य आजमाने चाहिए-

प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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