28 अगस्त 2018

अमरूद के अनुभुत औषधीय प्रयोग

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Medicinal Uses of Guava



पिछले लेख में हमने अमरूद (Guava) के पौष्टिक औषधीय गुणों के बारे में तथा अमरूद के सेवन के तरीके व अमरूद खाने से होने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में विस्तार से जाना इस लेख में हम आपको अमरूद के अनुभुत औषधीय प्रयोग बताएंगे जो बेहद आसान व कारगर है जिसे आप घर में प्रयोग करके स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं-

अमरूद के अनुभुत औषधीय प्रयोग

अमरूद (Guava) में विटामिन सी, कैल्शियम, फास्फोरस लौह तत्व, ग्लूकोज तथा टेनिन एसिड जैसे पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं अमरूद में टमाटर, मौसंबी, संतरे, पपनस और नींबू से ज्यादा मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है विटामिन सी (Vitamin C) दांतों की समस्याएं, पाचन तंत्र की कमजोरी (Poor Digestion) रक्तचाप संबंधी तकलीफें, गर्भावस्था में होने वाली उल्टी,  रक्तविकार तथा कमजोरी (Weakness) जैसी समस्याएं दूर करने में कारगर है-

आयुर्वेद अनुसार अमरुद (Guava) के फल, बीज, जड़ तथा पत्तों का उपयोग औषधि के तौर पर किया जाता है-

अमरूद (Guava) के अनुभुत औषधीय प्रयोग-


1- अमरुद के पत्तों को थोड़ा सा तेल लगाकर गर्म करके पुल्टिस बनाकर फोडो (Abscess) पर लगाने से फोडो में जमा हुआ मवाद (Pus) निकल जाता है तथा फोड़े ठीक हो जाते हैं-

अमरूद के अनुभुत औषधीय प्रयोग

2- अमरूद (Guava)  के पत्तों के काढ़े से कुल्ले तथा गंडूष करने से मसूड़ों की सूजन (Gingivitis) पायोरिया तथा मुंह के छाले (Mouth Ulcers) दूर होते हैं इस से मुंह की दुर्गंध भी मिटती है ज्यादा तंबाकू या गुटखा के सेवन से मुंह में होने वाले घाव, मुखपाक या छाले जैसी समस्याओं में यह उपाय बेहद कारगर है-

3- तीव्र अतिसार (diarrhea) की स्थिति में गुदाभ्रंश हो जाए तब अमरूद (Guava) के पत्ते की पोटिस बनाकर बांधने से गुदाद्वार की सूजन कम होती हैं ऐसी स्थिति में अमरूद के पत्ते तथा नागकेसर समभाग लेकर उड़द के दानों जितनी छोटी छोटी गोलियां बना ले एक-एक गोली 4-4 घंटे के अंतराल पर देने से अतिसार में लाभ होता है-

4- जीर्ण अतिसार (Chronic diarrhea) में अमरूद के छाल का क्वाथ पीने से अतिसार की समस्या दूर होती है-

5- अच्छे बड़े पके हुए अमरुद (Guava) लेकर उसकी छाल निकाल कर उसके छोटे-छोटे चौरस टुकड़े काट ले इसे पानी में डूबोकर धीमी आंच पर उबालें जब टुकड़े थोड़े नरम हो जाए तब इसे कपड़छन कर के टुकड़ों का पानी निकाल ले फिर टुकड़ों के वजन से 3 गुना शक्कर लेकर उसकी चाशनी बनाकर उसमें अमरूद के टुकड़े डाल दे ऊपर से इलायची का चूर्ण, जायफल का चूर्ण, तथा गुलाब जल डालकर मुरब्बा बना ले-यह मुरब्बा प्रतिदिन 20 से 25 ग्राम खाने से बद्धकोष्ठता, आंतों की सूजन, एसिडिटी (Acidity) अरुचि, वमन (Vomiting) जैसी समस्याएं दूर होती है-

6- ज्यादा पके हुए अमरूद (Guava)  के गूदे को अच्छे से मसल कर उसे मिट्टी के बर्तन में लेप कर धूप में सुखा लें सूखने पर चाकू से इसकी पपडिया खुरच ले इसे पीसकर चूर्ण बना लें इस चूर्ण में आधी मात्रा में मिश्री मिलाकर रख दे बढ़ी हुई एसिडिटी तथा पित्त से होने वाली शिकायतें खासकर सिरदर्द (Head ache) व चक्कर में यह चूर्ण 5 से 7 ग्राम की मात्रा में एक गिलास पानी में घोलकर पीने से पित्त का शमन होता है तथा उपरोक्त समस्याएं दूर होती है-

7- हरे कच्चे अमरूद (Guava)  को पानी के साथ पत्थर पर घिस के कनपटी व सिर पर लेप लगाने से आधाशीशी (Migraine) की समस्या दूर हो जाती है सिर दर्द मैं यह लेप बेहद कारगर साबित हुआ है-

8- अमरूद (Guava) के पत्तों की पुल्टिस बनाकर या रात को सोते समय पर यह पत्ते आँखों पर बांधने से आंखों का दर्द, आंखों की लाली, आंखों की सूजन (swelling ) तथा पीड़ा में तुरंत आराम मिलता है-

इसे भी देखें- याददाश्त बढाने के लिये अमरूद की सब्जी


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