23 अगस्त 2018

हवन के माध्यम से बीमारियों की चिकित्सा व रोगथाम

loading...

हवन (Havan) के माध्यम से बीमारियों की रोकथाम की जा सकती है हवन एक धार्मिक व आध्यात्मिक कर्म कांड ही नही किन्तु एक वैज्ञानिक सोच से बनाया गया कर्म है हवन समिधा, व आहुतियों का अपना महत्व है हवन एक उत्तम चिकित्सा कर्म है जो कई रोगों की चिकित्सा तथा रोगथाम में मदद करता है-

हवन के माध्यम से बीमारियों की चिकित्सा व रोगथाम

सबसे उत्तम बात यह है कि हवन (Havan) करने से फायदा ना सिर्फ एक व्यक्ति या परिवार को होता है किंतु पूरा परिसर इसका लाभ ले सकता है विदेशों तथा भारत मे यज्ञ चिकित्सा द्वारा चिकित्सा का प्रचलन आजकल बढ़ रहा है तथा उससे होने वाले लाभदायक परिणाम भी मिल रहे है हवन में विशेष प्रकार के पदार्थों की आहुति देने से कई प्रकार के रोग नष्ट होते हैं तथा वायरल बीमारियों की रोगथाम होती है-

हवन के माध्यम से बीमारियों की चिकित्सा व रोगथाम

टाइफाईड-

नीम, चिरायता, पितपापडा, त्रिफला सम्भाग शुद्ध गौ घृत मिश्रित आहुति दें-

ज्वरनाशक-

कलौंजी व अजवाइन की आहुति हवन में दें- 

नजला-जुकाम-सिरदर्द-

मुनक्का की आहुति हवन में दें-

नेत्रज्योति वर्धक-

शहद की आहुति हवन में दें-

मस्तिष्क बलवर्धक- 

शहदसफ़ेद चन्दन की आहुति दें-

वातरोग नाशक-

चित्रक, नीलगिरी के पत्ते व पिप्पली की आहुति दें-

मनोविकार नाशक -

गुग्गल और अपामार्ग की आहुति दें-

मानसिक उन्माद नाशक-

सीताफल के बीज एवं जटामासी चूर्ण की आहुति दें-

पीलिया नाशक -

देवदारु, चिरायता, नागरमोथा, कुटकी और वायविडग्ग की आहुति दें-

मधुमेह नाशक-

गुग्गल, लोबान, जामुन के वृक्ष की छाल और करेला के डंठल समभाग की आहुति दें-

चित्त भ्रम नाशक -

कचूर, खस, नागरमोथा महुआ, सफ़ेद चन्दन, गुग्गल, अगर, बड़ी इलायची, नरवी और शहद की आहुति दें-

क्षय नाशक (टी.बी)- 

गुग्गल, सफ़ेद चन्दन, गिलोय, बांस की डंठल और कपूर की आहुति दें-

मलेरिया नाशक-

गुग्गल, लोभान, कपूर, कचूर, हल्दी, दारुहल्दी, अगर, वायविडग्ग, जटामासी, वच, देवदारु, कठु, अजवाइन, नीम पत्ते, समभागचूर्ण, की आहुति दें-

सर्वरोग नाशिनी-

गुग्गल, वच, गंधक, नीम पत्ते, आक पत्ते, अगर, राल, देवदारु, छिलका सहित मसूर की आहुति दें- 

जोड़ों का दर्द-

निर्गुन्डी के पत्ते, गुग्गल, सफ़ेद सरसों, नीम पत्ते और राल समभाग चूर्ण की आहुति दें-

निमोनिया नाशक-

पोहकर मूल, वच, लोबान, गुग्गल और अडूसा समभाग चूर्ण की आहुति दे-

जुकाम नाशक-

खुरासानी अजवाइन, जटामासी, पशमीना कागज, लाल बूरा और तुलसी संभाग चूर्ण की आहुति दें-

पीनस-

बरगद पत्ते, तुलसी पत्ते, नीम पत्ते, वायविडग्ग, सहजने की छाल समभाग चूर्ण में धूप का चूरा मिलाकर आहुति दें-

कफ नाशक-

बरगद पत्ते, तुलसी पत्ते, वच, पोहकर मूल, अडूसा पत्र सम्भाग चूर्ण की आहुति दें-

सिर दर्द नाशक-

काले तिल और वायविडग्ग चूर्ण की आहुति दें-

चेचक, खसरा नाशक-

गुग्गल, लोबान, नीम पत्ते, गंधक, कपूर, काले तिल और वायविडग्ग चूर्ण की आहुति दें-

जिव्हा तालू रोग नाशक-

मुलहटी, देवदारु, गंधाविरोजा, राल, गुग्गल, पीपल, कुलंजन, कपूर और लोबान की आहुति दें-

कैंसर नाशक-

गूलर फूल, अशोक छाल, अर्जन छाल, लोध्र, माजूफल, दारुहल्दी, हल्दी, खोपरा, तिल, जौ चिकनी सुपारी, शतावर, काकजंघा, मोचरस, खस, मंजीष्ठ, अनारदाना, सफ़ेद चन्दन, लाल चन्दन, गंधा, विरोजा, नरवी, जामुन पत्ते, धाय के पत्ते सम्भाग चूर्ण में दस गुना शक्कर और एक गुना केसर से दिन में तीन बार हवन करें-


विशेष सूचना-

सभी मेम्बर ध्यान दें कि हम अपनी नई प्रकाशित पोस्ट अपनी साइट के "उपचार और प्रयोग का संकलन" में जोड़ देते है कृपया सबसे नीचे दिए "सभी प्रकाशित पोस्ट" के पोस्टर या लिंक पर क्लिक करके नई जोड़ी गई जानकारी को सूची के सबसे ऊपर टॉप पर दिए टायटल पर क्लिक करके ब्राउज़र में खोल कर पढ़ सकते है....

किसी भी लेख को पढ़ने के बाद अपने निकटवर्ती डॉक्टर या वैद्य के परमर्श के अनुसार ही प्रयोग करें-  धन्यवाद। 

Chetna Kanchan Bhagat Mumbai 

Upcharऔर प्रयोग की सभी पोस्ट का संकलन

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Loading...

कुल पेज दृश्य

Upchar और प्रयोग

प्रस्तुत वेबसाईट में दी गई जानकारी आपके मार्गदर्शन के लिए है किसी भी नुस्खे को प्रयोग करने से पहले आप को अपने निकटतम डॉक्टर या वैध्य से अवश्य परामर्श लेना चाहिए ...

लोकप्रिय पोस्ट

लेबल