6 सितंबर 2018

खजूर के पौष्टिक तथा औषधीय योग

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Nutritious and medicinal Recipes of Date Palm


खजूर (Date Palm) के पौष्टिक गुणों से तो हम सभी वाकिफ हैं लेकिन खजूर में औषधीय गुण भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है भारतीय वेदों ने इसे अत्यंत पौष्टिक (Nutritious) माना है वही यूनानी हकीमो ने इसे अमृत तुल्य फल माना है खजूर पौष्टिक होने के साथ-साथ बलवर्धक (Tonic) वीर्यवर्धक, मांसवर्धक, तेजवर्धक है खजूर में शर्करा, प्रोटीन, कैल्शियम, आयन, के साथ साथ झिंक, विटामिन A, विटामिन B1, B2, B3, विटामिन E, मैग्नेशियम (Magnesium) तथा पोटेशियम (Potassium) भी है खजूर के इसी गुणके चलते यह एक उत्तम पौष्टिक आहार, औषध व टॉनिक है-

खजूर के पौष्टिक तथा औषधीय योग

आज हम आपको खजूर के ऐसे ही पौष्टिक तथा औषधीय शास्त्रोक्त योगों के बारे में बताएंगे जिसे आप अपने आहार में शामिल करके एक स्वादिष्ट मिठाई, पौष्टिक योग तथा औषध का लाभ एक साथ ले सकते हैं-

खजूर में शर्करा की इतनी ज्यादा प्रचुर मात्रा होते हुए भी डायबिटीज (Diabetes) या शुगर के पेशेंट बेफिक्र होकर खजूर (Date Palm) खा सकते हैं क्योंकि खजूर में मौजूद शर्करा का पाचन (Digestion) बहुत आसानी से होता है इसीलिए अगर डायबिटीज के रोगी विवेकपूर्ण ढंग से खजूर का प्रयोग करें तो डायबिटीज तथा डायबिटीज की दवाओं के साइड इफेक्ट के चलते क्षीण हुई शारीरिक शक्ति तथा काम शक्ति (Sex Power) बढ़ती है खजूर एक उत्तम सेक्स टॉनिक भी है महर्षि चरक ने इसे "वीर्य वर्धिनी" कहा है जिन लोगों को शुक्राणु अल्पता (Azoospermia) की समस्या है उन्हें खजूर (Dates) का प्रयोग प्रतिदिन करना हितकर है इससे शुक्र दोष ठीक होता ही है साथ-साथ उत्तम वीर्य उत्पन्न होने से बच्चा भी तेजस्वी पैदा होता है-

खजूर (Date Palm) के पौष्टिक व औषधीय योग-


खजूर  धृत-

250 ग्राम खजूर को गुठली निकालकर चीर कर रखें 400 ग्राम घी को गाय के घी (Cows Ghee) को गर्म करें गर्म होने पर इस में गुठली निकाली हुई खजूर डालकर अच्छे से मिलाकर एक थाली में फैला कर थाली को फ्रिज में रखकर घी को जमा ले घी जमने के बाद इसकी बर्फी काट ले-

रोज सुबह एक बर्फी खाकर ऊपर से गाय का गर्म दूध पीने से शारीरिक बल बढ़ता है, लंबी बीमारी से आई कमजोरी दूर होती है तथा दिमागी कमजोरी दूर होती है एवं इससे आपकी शारीरिक क्षमता भी बढ़ती है तथा याददाश्त (Memory Power) ठीक होती है इसके अलावा सर दर्द, आंखों का दुखना, बालों का झड़ना जैसी समस्याएं भी कम होती है यह दूध उत्तम मेधा वर्धक (Brain Tonic) है जिससे बच्चों में एकाग्रता और याददाश्त बढ़ती है तथा साथ-साथ स्मृति भी बढ़ती है पढ़ने वाले बच्चों को तथा सतत दिमागी तौर पर कार्यरत लोगों को यह प्रयोग प्रतिदिन अचूक करना चाहिए-

खाजुरादी अवलेह-

खजूर तथा मुनक्का (Dry Grapes) को 10-10 ग्राम लेकर उसमें पिपली का चूर्ण 5 ग्राम डालकर अच्छे से घौटकर चटनी बना ले अब उसमे शहद (Honey) तथा गाय का घी डालकर अवलेह बना ले आचार्य चरक ने इस अवलेह को श्वासके रोगियों के लिए अमृत तुल्य माना है

आचार्य चरक कहते हैं इस योग से श्वास निवहार्नम यानी खांसी तथा दम, श्वास के रोग, बैठी हुई आवाज व छोटे बच्चों की खासी (Cough) में राहत मिलती है इससे हमेशा सर्दी, कफ (Cough and Cold) के रोगी या जिन्हें हमेशा स्टीरॉयड लेकर खांसी को दबाना पड़ता हो ऐसे रोगीयों को भी लाभ होता है तथा स्टिरोइड की दवा से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है-

खजूर मंथ-

रात को एक गिलास पानी में 4 से 5 खजूर (Dates) भिगोकर रख दें सुबह खजूर को मसलकर यह पानी पिए इस पानी को आयुर्वेद में खजूर मंथ कहते हैं जो वैद्यों मुताबिक बहुत हितकर व उपकारक है-

खजूर के पौष्टिक तथा औषधीय योग

आचार्य चरक ने खजूर को श्रम-हर कहा है याने जो थकान (Fatigue) को दूर करके ताकत दे जिन लोगों को मेहनत का काम या शारीरिक श्रम ज्यादा करना पड़ता है उन्होंने चाय या दूसरे शीतल पेय के बदले खजूर मंथ पीने से थकान दूर होती है तथा बल भी मिलता है खजूर मंथ रूह्मेटीज्म (Rheumatism) जैसे वात रोग या जोड़ों के दर्द (Joints Pain) में भी उपयोगी है-

खजूर मंथ से जोड़ों की कार्टिलेज (Cartilage) को पोषण मिलने से आर्थराइटिस (arthritis) जैसी समस्याएं होने की संभावना कम होती है हड्डी (Bones) तथा दूसरे अवयवो को हुआ नुकसान कम होता है मस्तिष्क को जल्दी से ग्लूकोज मिलता है जिससे थकान, कमजोरी (Weakness) दूर होकर स्फूर्ति व चेतना बढ़ती है यह खजूर मंथ खाली पेट पीने से कब्ज दूर होती है तथा आंतों के रोगों में भी राहत मिलती है खजूर मंथ पीने से ब्लड प्रेशर कम होता है, अच्छा कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है आयुर्वेद में खजूर को हृदया (Heart Tonic) कहा है यानी खजूर ह्रदय के लिए अत्यंत गुणकारी है इसीलिए ह्रदय के रोगी ने खजूर मंथ प्रतिदिन पीने से ह्रदय की कार्य क्षमता बढ़ती है-

खजूर क्षीरपाक-

5 नग खजूर (Date Palm) की लेकर गुठलियां निकलकर 250 ग्राम दूध में उबाल लें उसके बाद उसमें एक चुटकी सोंठ पाउडर डालें यह दूध खजूर क्षीर पाक कहलाता है

खजूर क्षीरपाक में मांस धातु बढ़ाने का गुण है यह पचने में भारी है किंतु सोंठ डालने से उसका पाचन जल्दी हो जाता है इस खजूर क्षीर पाक का प्रयोग 8 से 10 महीने करने से दुबले पतले शरीर भरावदार होने लगते हैं यह वीर्य, तेज तथा बल बढ़ता है आजकल जिम तथा बॉडी बिल्डिंग के चक्कर में युवा जो प्रोटीन पाउडर का उपयोग करके शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं उसकी जगह अगर यह क्षीरपाक लिया जाए तो शरीर तथा बुद्धि दोनों बढ़ती है शरीर बलशाली बनता है तथा अन्य रोगों से बचाव भी होता है-

इस तरह सर्दियों में अगर खजूर का विधिवत प्रतिदिन प्रयोग किया जाए तो बल, मेधा, स्मृति ओज, वीर्यवर्धन के साथ साथ शरीर पुष्ट (Body Tone) बनता है तथा कांति उत्तम होती है और रक्ताल्पता (anemia) भी दूर होती है एवं धातु, मांस व वीर्य वृद्धि होती है तथा फेफड़े, हृदय की नसें तथा जोड़ो संबंधी बीमारियों में भी राहत मिलती है-

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