29 सितंबर 2018

दूध व हल्दी पीने से होने वाले लाभ

Benefits of Drinking Milk and Turmeric


आजकल विदेशों में गोल्डन मिल्क के नाम से जाने जाने वाला दूध (Milk) और हल्दी (Turmeric) पेय बहुत लोकप्रिय हो रहा है दूध और हल्दी मिलाकर बनने वाला पेय एंटीआक्सीडेंट तथा रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाने वाला, हड्डियों को मजबूत करने वाला, त्वचा विकारों को कम करके त्वचा को सुंदर और त्वचा की रंगत को निखारने वाला, दर्द शामक तथा एलर्जी को कम करने वाला है-

दूध व हल्दी पीने से होने वाले लाभ

लेकिन हमारे आयुर्वेद में सदियों पहले ही दूध (Milk) और हल्दी (Turmeric) कब कैसे, किस अनुपात में व किन किन औषधियों के साथ पिया जाए यह हमें बताया था और इसीलिए भारत के हर घर में दूध और हल्दी पीने का प्रचलन पहले से ही है इस लेख में हम आपको दूध और हल्दी पीने से होने वाले लाभ तथा किन समस्या के लिए दूध और हल्दी किस तरह पिया जाए यह बताएंगे-

अलग-अलग समस्याओं में प्रिवेंशन तथा उपचार के तौर पर दूध और हल्दी पी जाती है एक गिलास गाय के गर्म दूध में एक चम्मच पिसी हुई हल्दी मिलाकर उसे 5 मिनट ढक कर रखें तथा इसके बाद इसे पीना चाहिए-

प्रतिदिन रात को दूध और हल्दी पीने से शरीर के इंफेक्शन दूर होते हैं, कब्ज दूर होती है, तथा पेट के रोगों में तथा आंतों के रोगों में राहत मिलती है ऐसा कहा जाता है कि दूध और हल्दी पीने से  शरीर के समस्त दोष पेट में इकट्ठा होते हैं तथा  सुबह शौच के रास्ते पेट साफ हो कर यह दोष शरीर से बाहर निकलते हैं दूध और हल्दी रात को पीनी चाहिए (यानि कि रात्रि भोजन से लगभग डेढ़ घंटे बाद)-

दूध कैल्शियम का उत्तम स्रोत है वही हल्दी एक उत्तम एंटीबैक्टीरियल प्राकृतिक तत्व है जो प्रदूषण के विषेइले प्रभाव तथा माइक्रो ऑर्गेनिकजम से लड़ने में शरीर की मदद करता है हल्दी से प्रदूषण तथा रसायनों से हुए दुष्परिणाम व शरीर में इकट्ठा हुए विषैले तत्व और इन्फेक्शन का नाश होता है इसीलिए हल्दी और दूध को उत्तम डिटॉक्स ड्रिंक कहां गया है-

हल्दी और दूध पीने से होने वाले लाभ कील मुहासे तथा रक्त शुद्धि-


हल्दी एक उत्तम एंटीसेप्टिक है यह उत्तम ब्लड प्यूरीफायर है तथा इसमें डिटॉक्स गुण है हल्दी वाला दूध पीने से कील मुहासे कम होते हैं और रक्त की शुद्धि होती है तथा लिंफेटिक सिस्टम साफ होकर रक्त की अशुद्धियां शरीर से बाहर निकालने में हल्दी बहुत उपयोगी है कील मुंहासे, दाग धब्बे, या निस्तेज त्वचा जैसी समस्याओं में हल्दी वाले दूध में 1 ग्राम जेठी मधु का चूर्ण मिलाकर पीने से त्वचा संबंधी समस्याएं दूर होती है त्वचा कांतिवान तथा जवान दिखती है अंदरूनी सफाई होने की वजह से त्वचा पर एक अनोखी चमक आती है-

श्वसन तंत्र (Respiratory tract) की बीमारियां-


दूध व हल्दी पीने से होने वाले लाभ

हल्दी वाला दूध एंटी माइक्रोबियल तथा एंटीबैक्टीरियल होने से शरीर में होने वाले इंफेक्शन तथा वायरल इन्फेक्शन को दूर करके शरीर को स्वस्थ रखता है हल्दी वाला दूध श्वसन तंत्र की कमजोरी, कफ, खांसी, सूखी खांसी कफ का सूख जाना, दमा, तथा बार-बार वायरल खासी होना जैसी बीमारियों में उपयोगी है इस तरह की तकलीफ होने पर काली मिर्च और सोठ के 2 ग्राम चूर्ण, एक चम्मच गाय का धी दूध और हल्दी में मिलाकर पीने से शरीर में नैसर्गिक रूप से गर्माहट आती है तथा कफ संबंधित समस्या दूर होकर अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसे लोगों की रोकथाम के साथ साथ उपचार भी होता है-

जोड़ों के दर्द में (Joints Pain)-


हल्दी वाला दूध जोड़ों के दर्द, हड्डियों का कमजोर होना, हड्डियों के बीच में ग्रीस कम हो जाना, कट कट की आवाज आना, जोड़ों का दर्द ,घुटनों का दर्द, एड़ियों का दर्द, उंगलियों का दर्द जैसी समस्याओं पर बेहद उपयोगी है ऐसी समस्याओं में तथा बढ़ती उम्र के साथ-साथ जब कैल्शियम की कमी से चलते हड्डियों तथा जोड़ों की समस्याएं बढ़ती है ऐसे में प्रतिदिन रात को हल्दी वाला दूध पीने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है हड्डियों का कड़ापन, स्टीफ़नेस कम होता है जिससे मांसपेशियों की ऐठन कम होती है तथा दर्द में राहत मिलती है ऐसी समस्या पर दूध में हल्दी तथा एक चम्मच अरंड तेल मिलाकर पीने से धीरे-धीरे यह समस्या दूर होने लगती है-

लीवर संबंधित समस्याएं (Lever Problems)-


हल्दी वाला दूध संबंधित समस्याओं पर बेहद उपयोगी है लंबे समय तक कफ का होना, बार बार पीलिया होना, पित्त प्रकृति, अरुचि, भूख ना लगना, सही ढंग से पाचन ना होना, कमजोरी लगना जैसी समस्याओं पर हल्दी वाला दूध बेहद उपयोगी है ऐसी समस्याओं में एक मुट्ठी भुने हुए काले देसी चने चबा चबा कर खाए तथा ऊपर गरम-गरम हल्दी वाला दूध पिए इससे लीवर संबंधित समस्याएं दूर होती हैं-

त्वचा संबंधित तकलीफ रैशेज व इंफेक्शन-


हल्दी वाला दूध पीने से शरीर की अंदरूनी सफाई होती है जिससे शरीर में दबे हुए विषैले तत्व जो त्वचा विकार बनकर उभर आते हैं उसका योग्य तरीके से उत्सर्जन होता है जिससे त्वचा संबंधित बीमारियां, स्किन इन्फेक्शन, एक्जिमा, त्वचा का पपड़ी बनना, रूखी बेजान त्वचा जैसी समस्या दूर होती है ऐसी समस्या में प्रतिदिन हल्दी वाला दूध पीने से तथा हल्दी और नीम के पत्ते दूध में पीसकर त्वचा पर लगाने से भी वांछित लाभ मिलता है-

अल्जाइमर व पार्किंसन (Alzheimer-Parkinson)-


अल्जाइमर व पार्किंसन (Alzheimer-Parkinson) जैसी बीमारियों में हल्दी वाला दूध बेहद उपयोगी है प्रतिदिन पीने से इन समस्याओं की रोकथाम होती है ऐसी समस्याओं में हल्दी वाले दूध में तीन बूंद अखरोट का तेल व तीन बुंदे अश्वगंधा तेल मिलाकर पीने से मस्तिष्क की सचेतनता व एकाग्रता बढती हें तथा समस्याओ में लाभ मिलता है-

अनिंद्रा वह कमजोर यादशक्ति (Weak memories)-


हल्दी वाला दूध शरीर में एमिनो एसिड (Amino acid) तथा ट्रिप्टोफैन पैदा करता हैं जिससे शांत वह सुकून भरी नींद आती है अनिद्रा तथा कमजोर यादशक्ति (Weak memories) में तथा मस्तिष्क की कमजोरी, स्ट्रेस, डिप्रेशन, तनाव जैसी समस्याओं में हल्दी वाले दूध में बादाम के तेल की 3-4 बुँदे मिलाकर पीने से अनिद्रा दूर होती है तथा यादशक्ति बढ़ती है आंखों की थकान दूर होती है, माइग्रेन या सिरदर्द जैसी समस्याएं दूर होकर मस्तिष्क को संपूर्ण आराम मिलता है तथा थकान दूर होकर चुस्ती-फुर्ती भी मिलती है-

हड्डियों की कमजोरी (Osteoporosis)-


हल्दी वाला दूध कैल्शियम का एक उत्तम स्रोत है कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है प्रतिदिन अगर हल्दी वाला दूध पिया जाए तो हड्डियां मजबूत बनती है बार-बार हड्डी चटकना या ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) जैसी समस्याएं या उसके खतरे कम होते हैं बढ़ती उम्र में हल्दी वाला दूध कैल्शियम (Calcium) की सप्लीमेंट का उत्तम पर्याय है ऐसी समस्याओं में एक चम्मच तेल खाकर यह दूध पीना बेहद गुणकारी है फ्रैक्चर होने पर यदि प्रतिदिन हल्दी वाला दूध दिया जाए तो फ्रैक्चर ठीक होने में मदद होती है-


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