13 अक्तूबर 2018

मेहँदी का रोग पर क्या प्रयोग है

What is the use of Mehandi on Disease


मेहंदी के नाम से भला कौन नहीं परिचित होगा भारत में सभी तीज त्यौहार में स्त्रियाँ आपने हाथों में मेहँदी (Henna) का लेप अवश्य ही लगाती है और सबसे जादा प्रयोग मेहँदी आजकल बालों को कलर करने में लिया जाता है लेकिन इसका उपयोग और किस-किस उपचार में लेते है शायद ये कम लोगों को पता है आइये आप मेहँदी के जिन उपचार से अब तक अनजान है आज उस पे कुछ प्रकाश डालते है-

मेहँदी का रोग पर क्या प्रयोग है

मेंहदी (Hennaद्वारा रोग का उपचार-


1- यदि आपको गर्मी बहुत ज्यादा लगती हो या फिर आपको पीलिया हो गया है तो मेहँदी (Henna) की 3 से 4 ग्राम पत्तियां लेकर पत्थर पे पीस लें और 300-400 ग्राम पानी में रात को मिटटी के बर्तन में भिगो दें और सुबह सवेरे इसमें मिश्री मिलाकर खाली पेट पीयें आराम हो जाएगा-

2- यदि आपके हाथ में जलन (Burning) होती है और पसीना अधिक आता है या पैरों की बिवाई (Feet chilblains) बहुत फटती हों तो मेहँदी (Henna) पत्ते पानी में पीस कर लेप करें आराम होगा-

3- मेंहदी का तेल (Henna oil) भी सिर के लिए बहुत अच्छा होता है यह तेल बालों के लिए तथा आँखों के लिए और सिरदर्द के लिए बहुत ही बढिया है आइये देखे इसे कैसे बनाए-

मेहँदी के पत्ते- 750 ग्राम 
मेहँदी के बीज- 250 ग्राम 
मेहंदी की छाल-250 ग्राम 

उपरोक्त सभी को लेकर चार किलो पानी में धीमी आंच पर पकाएं और जब ये पकते-पकते पानी एक किलो रह जाए तब उसमे एक किलो सरसों का तेल मिला ले सरसों का तेल (mustard oil) सावधानी से मिलाना है फिर उसे धीमी आंच पर पकाएं जब मात्र जल कर केवल तेल ही रह जाए तो इसे महीन कपडे से ठंडा होने पर छान ले और इसे एक कांच की शीशी  में भर कर रख ले यही मेहँदी का तेल (Henna oil) आपके सिर के लिए फायदेमंद है-

4- घुटनों के दर्द के लिए अरंड के पत्तों (Castor leaves) के साथ मेहँदी की पत्तियों को पीसे और फिर इसे थोड़े से सरसों के तेल में भूने ताकि लुगदी सी बन जाए इसे गुनगुना सा सुहाता हुआ घुटने पे रात को बाँध ले कुछ दिन नियमित करे घुटने के दर्द में आराम होगा-

5- जिन लोगों को मूर्छा आने की शिकायत है तो कुछ मेहँदी (Henna) के पत्तों का शरबत तुरंत पीयें अवश्य ही आराम मिलेगा -

6- आजकल Henna-मेंहदी बालों को रंगने के लिए ज्यादा प्रयोग में लाई जाती है इसके लिए आप निम्नलिखित तरीका अपनाए-

मेहँदी का रोग पर क्या प्रयोग है

एक लोहे की काली कढ़ाई में आप मेंहदी+भृंगराज+आंवला +रतनजोत मिलाकर रात को भिगो दें तथा सवेरे इसमें थोडा Aloe Vera का गूदा अच्छे से मिला कर बालों में लगा कर छोड़ दें-कुछ घंटों बाद सिर धोएँ-बाल मज़बूत होंगे और अच्छा रंग चढ़ेगा और सबसे अच्छी बात यह है कि यह सिरदर्द और आँखों के लिए भी अच्छा नुस्खा है अगर बिलकुल काले रंग के बाल करने हैं तो नील के पत्ते भी पीसकर मिला दें-

7- यदि आपका E.S.R. बढ़ गया है और शरीर में Pus cells बढ़ गए हैं Prostate बढ़ गया है या पथरी (stone) की शिकायत है तो मेंहदी की  2-3 ग्राम छाल और 2-3 ग्राम पत्तियां लेकर उसे 200 ग्राम पानी में पकाएं और जब आधा रह जाए तो इसे खाली पेट पी लें-

8- मेहंदी को शरीर पर लेप करने मात्र से ही हारमोन संतुलित होने लगते हैं तथा इसका लेप लगाने से और पत्तों का शरबत पीने से पसीने का हथेलियों पर आना और पसीने की बदबू आदि भी खत्म हो जाते  हैं-

9- एक्जीमा (Eczema) हो या सोरायसिस (Psoriasisपैर की अँगुलियों के बीच में गलन हो या फुंसियाँ हो सभी के लिए मेंहदी और नीम के पत्ते पीसकर लगाइए ये त्वचा के लिए लाभदायक है- 

10- आँखों में लाली हो या दर्द हो या फिर जलन हो तो इसके पत्तों को पीसकर लुगदी  बनाएँ और आँखें बंद करके इस टिकिया को रखें और पट्टी बांध कर लेट जाएँ यदि आप चाहे तो रात को बांधकर सो जाएँ-

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