गर्दन में दर्द है तो करे ये उपाय.....!

* यह किसी भी उम्र वाले को और कभी भी हो सकता है। कई बार तो ऐसा होता है कि हम रात में सोते हैं और जैसे ही सुबह उठते हैं, हमें पता लगता है कि हमारे गर्दन में दर्द है।







* कभी-कभी तो गर्दन ऐसे अकड़ती है कि यह सीधा ही नहीं होता। जिस दिशा में अकड़ी होती है, अपने गर्दन और सिर को भी उसी दिशा में रखना हमारी मजबूरी बन जाता है। गर्दन में जरा-सा लोच आया कि दर्द शुरू। बहरहाल, गर्दन के दर्द में हमें कोई गंभीर नुकसान का खतरा नहीं रहता, लेकिन फिर भी सावधानी और दर्द हो जाने पर इसे दूर करने के लिए समुचित प्रबंध करना ही सबसे बेहतर और सुरक्षित है।

* बच्चों एवं युवाओं एवं प्रौढ़ों में सरवाईकल स्पांडिलाइसिस या सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस गर्दन के आसपास के मेरुदंड की हड्डियों की असामान्य बढ़ोतरी और गर्दन के कशेरुकाओं के बीच के इंटरवर्टिब्रल डिस्क में कैल्सियम का डी-जेनरेशन इन discs के अपने स्थान से सरक जाने की वजह से होता है। वृद्धों में सरवाइकल मेरुदंड में डी-जेनरेटिव बदलाव साधारण क्रिया है और सामान्यतया इसके कोई लक्षण भी नहीं उभरते। सामान्यतः C5-C6, C6-C7 और C4 और C5 के बीच के डिस्क ही ज्यादातर प्रभावित होते हैं।

* लगातार लंबे समय तक कंप्यूटर या लैपटॉप पर बैठे रहना, बेसिक या मोबाईल फोन पर गर्दन झुकाकर देर तक बात करना, लेटकर टीवी देखना, अधिक समय तक टीवी देखना, लम्बे समय तक गर्दन को झुकाकर पढ़ाई-लिखाई व अन्य कार्य करना, जोर से गर्दन को झटका देना अथवा किसी कारण से गर्दन पर जोर का झटका पड़ना, ज्यादा ऊँचे और कठोर तकिये का इस्तेमाल करना, तथा और फास्ट-फूड्स व जंक-फूड्स एवं अन्य अनियमित एवं गरिष्ठ भोजन का सेवन करना, इस मर्ज के होने के कुछ प्रमुख कारण हैं।

क्या पता, यह कब गंभीर  हो जाए......?

* आपके गर्दन में दर्द की शुरूआत कई सामान्य कारणों जैसे लेटकर और अधिक समय तक टीवी देखने, लम्बे समय तक पढ़ाई व लिखाई करने, जोर से गर्दन को झटका देने, ज्यादा ऊंचे और कठोर तकिये का इस्तेमाल करने से हो सकती है। वैसे तो इसका उपचार आप घर बैठे ही कर सकते हैं, लेकिन जब कभी लगे कि यह गंभीर होता जा रहा है, तो जरूर किसी डॉक्टर की सलाह लें, क्योंकि गर्दन आपके शरीर का बेहद नाजुक और अहम् हिस्सा है।

* इस तरह के दर्द को ठीक करने के कुछ घरेलू उपाय इस प्रकार हैं :-

* गर्दन को घड़ी की दिशा में हौले-हौले पांच से दस बार घुमाएं। अब इसे विपरीत दिशा में भी करें। इसके बाद अपने सिर को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं घुमाएं। अपने सिर के साथ इस क्रिया को तब तक करते रहें, जब तक आप इसे कर सकते हैं। जब दर्द होने लगे तो छोड़ दें।

* गर्दन में दर्द होने पर तेल से हलका मालिश करें। मालिश हमेशा गर्दन से कंधे की ओर करें।
* मालिश के बाद गर्म पानी की थैली से या कांच की बोतल में गर्म पानी भरकर सेंकाई करें। सेंकाई के तुरंत बाद खुली हवा में न जाएं और न ही कोई ठंडा पेय पीने की कोशिश करें।

* लेटकर टीवी न देखें। अधिक समय तक टीवी न देखें। अगर देखना ही हो, तो बीच-बीच में उठकर टहल लिया करें।

* कम ऊंचाई वाले तकिये का प्रयोग करें। बिस्तर का समतल होना भी जरूरी है।

* कठोर तकिये का प्रयोग न करें। यह गर्दन में दर्द का कारण बन सकता है।

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