लवण भास्कर चूर्ण घर पे बनाए..!


* यह खाना पीना पचाने का एक जायके दार योग है। ये आचार्य भास्कर का योग है ..

* आयुर्वेद जैसा कि हम जानते है कि जीवन का वेद है और जब यह जीवन का वेद है तो जीवन दायक या कहें कि निरोग रखने के वहुत से योगों का भण्डार भी है।आयुर्वेद हमें यह सिखाता भी है कैसे निरोग रहा जाए तथा यह भी कि अगर रोग हो ही जाए तो दोवारा से निरोग कैसे हुआ जाए वो भी विना किसी साइड इफैक्ट के सो आज हम ऐसे ही एक योग का वर्णन कर रहै है जिसका नाम है --लवण भास्कर चूर्ण

* यह एक निरापद योग है जो 1 से 3 ग्राम की मात्रा में लेने पर उदर संबंधी रोगों को अपने से दूर रखा जा सकता है।यह योग वैसे मढ्ढे के साथ सर्वोत्तम लाभ प्रदान करता है किन्तु काँजी,दही का पानी या सामान्य गर्म जल के साथ भी लिया जा सकता है व इसके लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं।

* रात को सोने से पहले गर्म पानी से लिया हुआ चूर्ण सुबह को साफ व खुलकर शौच लाता है और कब्ज से राहत प्रदान करता है।यदि इस चूर्ण को बराबर मात्रा में पंचसकार चूर्ण के साथ लिया जाए तो सुबह को खुलकर 2-3 दस्त हो जाते है और पेट विल्कुल साफ हो जाता है।
* वैसे तो यह चूर्ण विभिन्न कम्पनियाँ बनाती हैं।लैकिन उत्तमता की गारंण्टी रहै इस लिए आप चाहैं तो स्वयं भी बनाकर लाभ ले सकते हैं।
* इस चूर्ण के लिए जरुरी उपयोगी द्रव्य आप किसी पंसारी या ग्रोसर से ले सकते हैं।

सामग्री :-
=====

सेंधानमक- 24 ग्राम

विडनमक- 24  ग्राम

पीपल- 24  ग्राम

पिपलामूल-24  ग्राम

तेजपात - 24  ग्राम

काला जीरा- 24  ग्राम

तालीस पत्र- 24  ग्राम

नागकेशर-24  ग्राम

अम्लवेत- 24  ग्राम

सौचल नमक- 60ग्राम

जीरा- 12 ग्राम

काली मिर्च- 12 ग्राम

सोंठ- 12 ग्राम

समुद्री नमक- 96 ग्राम

अनार दाना -48 ग्राम

बड़ी इलायची- 6 ग्राम

दाल चीनी- 6 ग्राम

* सभी वस्तुऔं का कपड़ छन चूर्ण तैयार करके फिर नीबू का रस लेकर उसमें सारे चूर्ण को मिला कर सीरक या छाया मे सुखा लें इसे आयुर्वेदिक भाषा में भावना देना कहते हैं।

* ये तैयार हो गया लवण भास्कर चूर्ण

* वैसे तो उपयोग पहले भी लिख दिये हैं लैकिन इस योग के प्रयोग से पेट की वायु,डकार आना तथा भूख न लगना आदि रोगों का शमन बड़ी ही आसानी से हो जाता है।

* त्वचा सम्बन्धी बीमारियों और आम वात की बीमारियाँ जैसे अर्थराइटिस में लाभकारी। इस योग के प्रयोग से पेट की वायु,डकार आना तथा भूख न लगना आदि रोगों का शमन
बड़ी ही आसानी से हो जाता है।यह पित्त को बढाए बिना अग्नि जठराग्नि यानी भूख
को बढ़ाता है।

सावधानी -
======

सामान्य नमक की तरह ही गुर्दे की बीमारियों और उच्च रक्तचाप पर इसे नहीं लेना चाहिए।

गर्भवती स्त्रियों को भी इसे नहीं लेना चाहिए।

उपचार स्वास्थ्य और प्रयोग-

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Upchar Aur Prayog

About Me
This Website is all about The Treatment and solutions of Home Remedies, Ayurvedic Remedies, Health Information, Herbal Remedies, Beauty Tips, Health Tips, Child Care, Blood Pressure, Weight Loss, Diabetes, Homeopathic Remedies, Male and Females Sexual Related Problem. , click here →

आज तक कुल पेज दृश्य

हिंदी में रोग का नाम डालें और परिणाम पायें...

Email Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner