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7 मई 2017

बाजीकरण औषधियां कमजोर पुरुषों के लिए-Bajikarn Drugs For Men

Bajikarn Drugs For Men

जिन औषधियों के सेवन से व्यक्ति अश्व शक्ति और पौरुष को प्राप्त करता है ऐसी औषधियां बाजीकरण(Bajikarn)की श्रेणी में आती हैं यौन आनंद एवं शरीरिक क्षमता जीवन की गाड़ी को सुचारू रूप से चलाने के लिए इनका सेवन भी नितांत आवश्यक है आचार्यों ने बाजीकरण(Bajikaran)औषधियों को लेने से पूर्व रसायन औषधियों को लेना उदधृत किया है-

बाजीकरण औषधियां कमजोर पुरुषों के लिए-Bajikarn Drugs For Men

उत्तम बाजीकारक(Bajikaran)के रूप में-


1- शतावरी की ताजी जड़ को मोटा कूट कर दस से बीस ग्राम की मात्रा में लेकर 150 मिली दूध में पकाएं इसमें लगभग 250 मिली पानी भी मिला दें और जब उबालते-उबालते पानी समाप्त हो जाए और केवल दूध शेष रहे तो इसे छान कर खांड मिला कर सुबह शाम लेने से मैथुन शक्ति(Sexual power)बढ़ती है-

2- विदारीकन्द का चूर्ण 2.5 ग्राम को गूलर के 15 मिली रस में मिलाकर सुबह शाम दूध से लेने पर अधिक उम्र वाले पुरुष भी मैथुन में सक्षम हो जाते हैं-

3- उड़द को घी में भून लें और फिर दूध में पकाकर खीर बना लें और अब इस खीर में खांड मिलाकर ग्रहण करें और खुद ही पौरुष्य लाभ देखें ये उड़द बाजीकरण(Bajikran)के लिए उत्तम है-

4- गोखरू बीज+तालमखाना बीज+शतावरी+कौंच बीज+नागबला की जड़+अतिबला की जड़ इन सब को बराबर मात्रा में लेकर मोटा-मोटा कूटकर कर 250 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ सुबह शाम लेने से पौरुष शक्ति(Masculine power)में बढ़ोत्तरी होती है-

5- शतावरी, गोखरू, वरादीकंद, शुद्ध भल्लातक, गिलोय, चित्रक, त्रिकटु, तिल, विदारीकन्द और मिश्री मिलाकर बनाया गया चूर्ण, जिसे नरसिंह चूर्ण के नाम से जाना जाता है-यह एक उत्तम वाजीकारक औषधि है-

6- केवांच के बीज(क्रौंच), खजूर, सिंघाड़ा, दाख और उड़द इन सब को बीस-बीस ग्राम की मात्रा में लेकर 250 मिली पानी में मिलाकर पकाएं और जब पानी समाप्त हो जाए तो इसमें खांड, वंशलोचन, शुद्ध घी एवं शहद मिलाकर सेवन करने से शुक्र(semen) के निर्बलता में लाभ मिलता है-

7- मकरध्वज रस 250 मिलीलीटर की मात्रा में सुबह शाम अदरख स्वरस एवं शहद के साथ लेना शरीर में स्फूर्ति एवं उत्साह को बढ़ाता है तथा शुक्र सम्बन्धी दोषों को दूर करता है-

8- मुलेठी चूर्ण 1.5 ग्राम को शुद्ध घी और शहद के साथ सेवन करने से भी कामेच्छा बढ़ती है-

9- आंवले के चूर्ण को आंवले के रस में सात भावनाएं देकर(सात बार घोंटकर)पांच ग्राम चूर्ण में शहद और शुद्ध घी मिलाकर सेवन करने से कामेच्छा(Sexual desire)में बढ़ोत्तरी होती है-

10- शतावरी घृत में 2.5 से 5 ग्राम की मात्रा में पिप्पली चूर्ण 1.5 ग्राम मिलाकर खांड और शहद के साथ लेना भी पौरुष बल(Masculine force)देता है-


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