आपका ह्रदय रोग और चुकंदर का सेवन

Beet-चुकंदर का रस हृदय(Heart)अटैक के रोगियों के लिए फायदेमंद है यह दिल(Heart)के साथ रोगियों की मांसपेशियों को मजबूत करता हैं-

Heart disease-ह्रदय रोग और Beet-चुकंदर


Beet-चुकंदर के रस में नाइट्रेट की उच्च मात्रा होने के कारण मांसपेशियों में बहुत ही सुधार होता है-अध्ययनों में भी ये साबित हो चुका है कि खान पान में नाइट्रेट(Nitrate)के सेवन से कई प्रख्यात खिलाड़ियों की मांसपेशियों में सुधार आया है-

कई शोधकर्ताओं द्वारा चुकंदर(Beet)का रस पीने के दो घंटों के बाद रोगियों की मांसपेशियों की ताकत में अभूतपूर्व सुधार का परिणाम प्राप्त किया है तथा शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि रोगियों के दिल की गति से लेकर रक्तचाप में गिरावट जैसा कोई विशेष साइड इफेक्ट(side effect)महसूस नहीं हुआ जो हृदयाघात(heart attack)के रोगियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है-

Beet-चुकंदर में पाया जाने वाला लाल रंग बेटाईन(Betain)नामक रसायन की वजह से होता है जो कैंसरग्रस्त कोशिकाओं(Cancerous cells)की वृद्दि रोकने में मददगार साबित हुआ है-

चुकंदर(Beet)शरीर में रक्त में हीमोग्लोबिन(Hemoglobin)की मात्रा बढ़ती है सफेद चुकंदर(white beet)से व्यवसायिक तौर इस्तेमाल किया जाता है इससे शर्करा प्राप्त की जाती है जबकि लाल चुकंदर सलाद और सब्जी के तौर पर अपनाया जाता है-

चुकंदर मोटापे के लिए बहुत उपयोगी है यह बात बहुत कम लोग जानते है कि चुकंदर(Beet)के रस के साथ गाजर का रस समान मात्रा में मिलाकर पीने से शरीर की ताकत तो बढ़ती है लेकिन साथ ही मोटापा भी नहीं बढ़ता और अनावश्यक चर्बी भी कम हो जाती है-

आपका वजन कम करने के लिए चुंकदर भी एक बेहतर विकल्प है कच्चा चुकंदर(Beet)या कम से कम दो या तीन चुकंदर का जूस तैयार कर प्रतिदिन सुबह खाली पेट लिया जाए तो यह वजन करने में सहायक साबित होता है-

चुकंदर को कच्चा चबाने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में फाईबार मिलते हैं जो पाचन क्रिया संतुलित कर अपचन की समस्या को दूर करता है-

चुकंदर के रस में समान मात्रा में खीरे का रस और एक या दो चम्मच नींबू का रस भी मिलाएं और प्रतिदिन 200 से300 मिलीमीटर तक पीने से कब्ज से छुटकारा मिल जाता है-

चुकंदर(Beet)का सेवन महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान भी करना चाहिए -यह महिलाओं को ताकत प्रदान करता है और शरीर में रक्त की मात्रा तैयार करने में मददगार साबित होता है-चुकंदर में भरपूर मात्रा में लौह तत्व और फ़ोलिक एसिड पाए जाते हैं जो रक्त निर्माण के लिए मददगार होते हैं-

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