घरेलू उपचार पसलियों के दर्द का -Home remedies rib pain

पसलियों का दर्द आज-कल आम शिकायत सुनने और देखने को मिल रही है -यह दर्द पसलियों का होता है जो छींक या खाँसी आने पर और बढ़ जाता है-अगर पसलियों के ऊपर झटका लगा तो ऐसा लगता है कि जान निकल गई-यह दर्द सामने की ओर ज्यादा होता है- 

वेसे ये बीमारी  खून में विटामिन "डी" की मात्रा कम होने से भी पसलियों व छाती दर्द में  होता है।



क्यों होता है ये दर्द :-


आपने देखा होगा कि कुछ लोगों को कढ़ी रायता-आइसक्रीम व दही-बड़े के सेवन करने से Pain in chest उभर आता है। इसका कारण छाती की Muscles का ठंडी चीज़ों के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता है-

वैसे यह खतरनाक (Dangerous ) रोग नहीं है लेकिन दर्द शुरू होने पर रोगी को अपार कष्ट का सामना करना पड़ता है| Lungs में कफ जाने से या फेफड़ों में सर्दी का प्रकोप होने से वायु का उभार तेज हो जाता है और सांस की गति गड़बड़ा जाती है| वायु बार-बार पसलियों से टकराती हैं तथा कफ उसके निकलने के मार्ग को रोकता है-यही पसलियों का दर्द है-

जो व्यक्ति अधिक ठंडी चीजों तथा फ्रिज (Fridge ) में रखे पानी का इस्तेमाल हर समय करता है- उसकी पसलियों में दर्द की शिकायत अक्सर होने लगती है|

यह रोग बच्चों को अधिक होता है, क्योंकि उनके नाजुक शरीर को ठंड बड़ी जल्दी लगती है| मौसम में अचानक बदलने तथा धूप में काम करने के बाद ice water पी लेने से भी फेफड़ों को ठंड लग जाती है| यही ठंड पसलियों की पीड़ा के रूप में परिवर्तित हो जाती है-पसलियों में वायु का प्रकोप- बर्फ-ठंडा पानी-लौकी-तरबूज-खीरा-सेब- नारंगी-संतरा-केला एवं अनार मात्रा में खाने तथा बासी और ठंडा दूध अधिक मात्रा में पीने से पसलियों में दर्द होने लगता है-

यदि आप बिना मलाई वाले दूध (Skimmed milk )  का सेवन प्रतिदिन करते हैं तो पसलियो की इस बीमारी और छाती दर्द से कोसों दूर रहेंगे। प्रोटीन युक्त संतुलित भोजन व विटामिन से भरपूर सलाद (salad )लगभग तीन सौ ग्राम नित्य लेना भी आपको पसलियों के दर्द से निजात दिलाता है -

लक्षण क्या है (What are the symptoms ) ;-


रोगी का हाथ बार-बार पसलियों पर जाता है तथा उसकी सांस धौंकनी की तरह चलने लगती है-भूख-प्यास बिलकुल नहीं लगती और हाथ-पैर ढीले पड़ जाते हैं -कभी-कभी बुखार भी आ जाता है-बेचैनी बढ़ जाती है-उठते-बैठते, लेटते अथवा करवट लेते - किसी भी प्रकार चैन नहीं मिलता और यदि बच्चा है तो वह बार-बार उठकर भागता है-माथे पर पसीना-गले में खुश्की तथा शरीर की हरकत बढ़ जाती है-

घरेलू उपाय (Home Remedy ) :-


तारपीन (Turpentine ) के सफेद तेल में थोड़ा-सा कपूर (camphor ) मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर बाद पसलियों पे हलके हाथो से मालिश करे तथा  सीने तथा पसलियों पर शुद्ध शहद (Pure honey ) का लेप लगाएं-

ताज़ी चौलाई (Amaranth )को पीसकर उसका  रस निकाल लें फिर उसे सरसों के तेल (Mustard oil ) में मिलाकर छाती तथा पसलियों पर मलें नाक के नथुनों एवं माथे पर भी इस तेल का लेप करे-

अदरक (Garlic ) तुलसी (Basil ) तथा कालीमिर्च (Black pepper ) का काढ़ा बनाकर उसमें एक चुटकी सेंधा नमक (Rock salt )मिलाकर सेवन करना चाहिए -

गाय के सींग (Cow horn ) को पानी में घिसकर चंदन (Sandalwood ) की तरह बच्चे या बड़े की पसलियों पर मलें या फिर गाय या नीलगाय के सींग का भस्म 4-4 रत्ती सुबह-शाम शहद के साथ चाटें -पसलियों का दर्द गायब हो जाएगा-

पीपल के पत्तों को जलाकर इसका चौथाई चम्मच भस्म शहद के साथ चाटने से पसलियों में गरमी भरने लगती है-

सरसों के तेल में जरा-सा कपूर तथा एक चुटकी नमक मिलाकर गरम करके सहता-सहता मलें या सरसों के तेल में तारपीन का तेल मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर बाद रोगी की पसलियों पर मालिश करनी चाहिए-

लहसुन की कली को भूनकर चूर्ण के रूप में शहद के साथ चाटें-

अदरक की गांठ छीलकर उसमें नमक लगा लें-फिर इसे रोगी को चूसने के लिए दें या फिर पानी में पुदीना की पांच पत्तियां तथा पांच कालीमिर्च डालकर चाय बनाकर पिएं-

गाय के घी में जायफल (Nutmeg ) घिसकर पसलियों पर तीन-चार बार लेप करें-रीठे (Reetha ) के काले बीजों को पानी में घिसकर छाती पर लेप करें

कालीमिर्च 6 ग्राम-लौंग 3 ग्राम- हल्दी 6 ग्राम एवं सेंधा नमक 4 ग्राम - सबको पीसकर एक गिलास पानी में उबालें और जब पानी आधा कप रह जाए तो सहता-सहता पिएं-

उपचार और प्रयोग-

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