मधुमालती का पौधा मधुमेह के लिए लाभदायक है

मधुमालती(Madhulati)एक बहुत ही सौम्य प्रकृति का पौधा है इसकी लताएं कम भूमि और कम पानी में भी अधिक हरियाली प्रदान करती है व छाया देती है साथ ही रंग रंगीले फूलों से घर आंगन की शोभा भी बढ़ती है इस कारण इन्हें घरों या कार्यालयों के प्रवेश स्थल, दीवारों के साथ साथ या किनारों पर लगाना बहुत ही उपयोगी रहता है मधुमालती एक ऐसी लता है जो साल भर हरी रहती है और इस पर लाल, गुलाबी व सफेद रंग के मिश्रित गुच्छों के रूप में फूल आते हैं जिनमें भीनी खुशबू होती है-

मधुमालती का पौधा मधुमेह के लिए लाभदायक है

इसकी डालियाँ नर्म होती है जिन्हें आसानी से  काटा छांटा जा सकता है यह लता बहुत कम देख भाल मांगती है और एक बार जड़ पकड़ लेने के बाद पानी नहीं देने पर भी चलती रहती है-

ये लता संग हरियाली के साथ आपके घरों की खूबसूरती भी बढ़ाएगी इसकी लताएं वातावरण से कार्बन डाई आॅक्साइड अवशोषित कर हमें आक्सीजन भी प्रदान करती है इनके पत्ते अपनी सतह पर धूल कण रोक कर हवा में धूल के कणों की मात्रा भी कम करती हैं-

इसकी लताओं के पत्ते पानी को वाष्पोत्सर्जित करते है जिससे हवा का तापमान और सूखापन घटता है इसकी लताएं घनी होती हैं इस कारण दीवारों पर भी धूप की मार कम पड़ती है और इसका नतीजा ये है कि घरों का तापमान भी सामान्य बना रहता है-मधुमालती भी एक ऐसी ही लता है जो साल भर हरी रहती है और इसके फूलों के गुच्छों से भीनी भीनी खुशबू आती रहती है मालती या मधुमालती के फूल भी बहुत सुन्दर होते है-

मधुमालती(Madhulati)का रोग में उपयोग-


1- मधुमालती(Madhulati)के फूल और पत्तियों का रस मधुमेह के लिए बहुत अच्छा है इसके फूलों से आयुर्वेद में वसंत कुसुमाकर रस नाम की दवाई बनाई जाती है इसकी 2-5 ग्राम की मात्रा लेने से शरीर की कमजोरी दूर होती है और हारमोन ठीक हो जाते हैं-

2- मधुमालती(Madhulati)प्रमेह, प्रदर, पेट दर्द, सर्दी जुकाम और मासिक धर्म आदि सभी समस्याओं का यह समाधान है प्रमेह या प्रदर मे इसके 3-4 ग्राम फूलों का रस मिश्री के साथ लेंना चाहिए-

3- शुगर की बीमारी में करेला,खीरा, टमाटर के साथ मधुमालती(Madhulati)के फूल डालकर जूस निकालें और सवेरे खाली पेट लें या फिर आप केवल इसकी 5-6 पत्तियों का रस ही ले तो वह भी काम करेगा-

4- पेट दर्द में इसके फूल और पत्तियों का रस लेने से पाचक रस बनने लगते हैं यह बच्चे भी आराम से ले सकते हैं-

5- सर्दी ज़ुकाम के लिए इसकी एक ग्राम फूल पत्ती और एक ग्राम तुलसी का काढ़ा बनाकर पीयें यह किसी भी तरह का नुकसान नहीं करता है यह बहुत सौम्य प्रकृति का पौधा है-

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