This Website is all about The Treatment and solutions of General Health Problems and Beauty Tips, Sexual Related Problems and it's solution for Male and Females. Home Treatment, Ayurveda Treatment, Homeopathic Remedies. Ayurveda Treatment Tips, Health, Beauty and Wellness Related Problems and Treatment for Male , Female and Children too.

13 जनवरी 2017

ल्यूकोरिया सरल घरेलू उपचार

महिलाओं में श्वेत प्रदर(Leukorrhea)रोग आम बात है ये गुप्तांगों से पानी जैसा बहने वाला स्त्राव होता है यह खुद कोई रोग नहीं होता परंतु अन्य कई रोगों के कारण होता है श्वेत प्रदर वास्तव में एक बीमारी नहीं है बल्कि किसी अन्य योनिगत या गर्भाशय गत व्याधि का लक्षण है स्त्री-योनि से असामान्य मात्रा में सफेद रंग का गाढा और बदबूदार पानी निकलता है और जिसके कारण वे बहुत क्षीण तथा दुर्बल हो जाती है श्वेत प्रदर या सफेद पानी का योनी मार्ग से निकलना Leukorrhea कहलाता है-

ल्यूकोरिया सरल घरेलू उपचार

ल्यूकोरिया(leukorrhea)की बीमारी लापरवाही करने पे कुछ और भी बीमारियों को पैदा कर देती है जैसे-त्वचा में रूखापन, गालों में गड्ढे, कमरदर्द, सेक्स की अनिक्षा, घुटनों में दर्द, चिडचिडापन इत्यादि-

कारण एवं लक्षण(Symptoms)-


1- जिन महिलाओं के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता(Immunity)कमजोर होती है या जिन्हें मधुमेह(diabetes) का रोग होता है उनकी योनि में सामान्यतः फंगल यीस्ट नामक संक्रामक(Infectious)रोग हो सकता है-

2- अत्यधिक उपवास, उत्तेजक कल्पनाएं, अश्लील वार्तालाप, सम्भोग में उल्टे आसनो का प्रयोग करना, सम्भोग काल में अत्यधिक घर्षण युक्त आघात, रोगग्रस्त पुरुष के साथ सहवास, सहवास के बाद योनि को स्वच्छ जल से न धोना व वैसे ही गन्दे बने रहना आदि भी ल्यूकोरिया(leukorrhea) रोग के प्रमुख कारण बनते हैं-

3- हमेशा बार-बार गर्भपात(Abortion) कराना भी ल्यूकोरिया(leukorrhea)का एक प्रमुख कारण है

ल्यूकोरिया(leukorrhea)सरल उपचार-


1- आयुर्वेद जड़ी-बूटी विक्रेता के यहाँ से आप कौंच के बीज ले आये वैसे इसे कपिकच्छु भी कहते हैं इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, लौह तत्व, प्रोटीन, गंधक और गेलिक एसिड पाया जाता है तो आप ये कौंच के बीज लीजिये और उनका पावडर बना लीजिये बस इसी पावडर को सुबह शाम पानी से निगल लीजिये इसकी मात्रा रहेगी 2-2 ग्राम और जल्दी ही आपको इस नामुराद बीमारी से 21 दिन में ही कैसे छुटकारा मिलता है

2- ल्यूकोरिया की बीमारी में अशोक की छाल के चूर्ण वा मिश्री को सामान मात्रा में मिलाकर गाय के दूध के साथ सुबह शाम सेवन करना चाहिए इसके अलावा आंवला, गिलोय के चूर्ण को अशोक की छाल के चूर्ण के साथ बराबर मात्रा में उबालकर उसमें जल मिलाएं और शहद के साथ सुबह शाम सेवन करें-

3- मुलैठी 10 ग्राम, जीरा 5 ग्राम, मिश्री 20 ग्राम, अशोक की छाल 10 ग्राम इन सभी का चूर्ण बनाकर किसी चीज में रख लें और फिर 5 ग्राम चूर्ण दिन में तीन बार खाएं आराम ग्राम मिलेगा-

4- कच्चे केले को सुखाकर चूर्ण बना लें फिर उसमें समान मात्रा में गुड़ मिलाकर दिन में तीन बार कुछ दिनों तक सेवन करने से श्वेत प्रदर में आराम मिलता है-

5- सिंघाड़ा, गोखरू, बबूल की गोंद, बड़ी इलायची, शक्कर , सेमल की गोंद बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बनाएं और सुबह शाम खाएं-

6- चौथाई चम्मच पिसी हुई फिटकरी पानी से रोजाना 3 बार फंकी लेने से दोनों प्रकार के प्रदर रोग ठीक हो जाते हैं फिटकरी पानी में मिलाकर योनि को गहराई तक सुबह-शाम धोएं और पिचकारी की सहायता से साफ करें- 

7- ककड़ी के बीजों की गिरी 10 ग्राम और सफेद कमल की कलियां 10 ग्राम पीसकर उसमें जीरा और शक्कर मिलाकर 7 दिनों तक सेवन करने से स्त्रियों का श्वेतप्रदर(ल्यूकोरिया)रोग मिटता है-

8- बबूल की 10 ग्राम छाल को 400 मिलीलीटर पानी में उबालें और जब यह 100 मिलीलीटर शेष बचे तो इस काढ़े को 2-2 चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम पीने से और इस काढ़े में थोड़ी-सी फिटकरी मिलाकर योनि में पिचकारी देने से योनिमार्ग शुद्ध होकर निरोगी बनेगी और योनि सशक्त पेशियों वाली और तंग होगी-बबूल की 10 ग्राम छाल को लेकर उसे 100 मिलीलीटर पानी में रात भर भिगोकर उस पानी को उबालें, जब पानी आधा रह जाए तो उसे छानकर बोतल में भर लें लघुशंका के बाद इस पानी से योनि को धोने से प्रदर दूर होता है एवं योनि टाईट हो जाती है-

9- मेथी के चूर्ण के पानी में भीगे हुए कपड़े को योनि में रखने से श्वेतप्रदर(ल्यूकोरिया)नष्ट होता है रात को 4 चम्मच पिसी हुई दाना मेथी को सफेद और साफ भीगे हुए पतले कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर अन्दर जननेन्द्रिय में रखकर सोयें तथा पोटली को साफ और मजबूत लम्बे धागे से बांधे जिससे वह योनि से बाहर निकाली जा सके तथा लगभग 4 घंटे बाद या जब भी किसी तरह का कष्ट हो-पोटली बाहर निकाल लें-इससे श्वेतप्रदर ठीक हो जाता है और आराम मिलता है तथा मेथी-पाक या मेथी-लड्डू खाने से श्वेतप्रदर से छुटकारा मिल जाता है, शरीर हष्ट-पुष्ट बना रहता है-इससे गर्भाशय की गन्दगी को बाहर निकलने में सहायता मिलती है-गर्भाशय कमजोर होने पर योनि से पानी की तरह पतला स्राव होता है-गुड़ व मेथी का चूर्ण 1-1 चम्मच मिलाकर कुछ दिनों तक खाने से प्रदर बंद हो जाता है-

10- नीम की छाल और बबूल की छाल को समान मात्रा में मोटा-मोटा कूटकर, इसके चौथाई भाग का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम को सेवन करने से श्वेतप्रदर में लाभ मिलता है-रक्तप्रदर (खूनी प्रदर) पर 10 ग्राम नीम की छाल के साथ समान मात्रा को पीसकर 2 चम्मच शहद को मिलाकर एक दिन में 3 बार खुराक के रूप में पिलायें-


Upcharऔर प्रयोग-

1 टिप्पणी:

GET INFORMATION ON YOUR MAIL

Loading...

Tag Posts