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31 मार्च 2017

रुकिए जरा क्या आप अप्रैल फूल मनाने जा रहे है

क्या आप हिन्दू धर्म को मानते है या फिर आप में भी ईसाइयत रच बस गई है क्या आप को पता है अप्रैल का माह हमारे विक्रमी सवंत के अनुसार हम हिन्दुओ का नया साल होता है जो हमारे लिए पावन दिन है फिर आप क्यों इसे "मुर्खता दिवस " के रूप में मनाते हो क्या यही हमारे पूर्वजो के संस्कार थे जिनको आज की पीढ़ी खोती जा रही है-

रुकिए जरा क्या आप अप्रैल फूल मनाने जा रहे है

आप क्यों अप्रैल माह के इस पावन महीने की शुरुआत को मूर्खता दिवस कह रहे हो और अगर आप दूसरो को मुर्ख बना रहे है तो शायद हो सकता है इस श्रेणी में कहीं आप तो नहीं है-क्या आपको पता भी है आखिर क्यों कहते है "अप्रैल फूल" -

जी हाँ #अप्रैल फुल(#April fool)का अर्थ है हिन्दुओ का मूर्खता दिवस और इसकी वास्तविकता क्या है ये नाम अंग्रेज ईसाईयों की देन क्यों है बहुत दिनों से ये #अप्रैल फूल बिना सोचे बिना जाने चलता चला आ रहा है इसलिए संस्कृत के साहित्य में कहा गया है "गतानुगति लोक :" इसका अर्थ है "नक़ल करने वाले लोग

यही हिन्दू करता चला आ रहा है और पाश्चात्य सभ्यता की ओर उन्मुक्त है अंग्रेजो की गुलामी से आजादी की लड़ाई लड़ कर देश को आजाद कराने वाले आज जिन्दा होते तो वे भी अपना सर पीट लेते कि देश तो आजाद करा लिया लेकिन आज की जनरेशन को कौन आजाद कराने आयेगा-

आखिर आप सब हिन्दू कैसे समझेंगें "अप्रैल फूल" का मतलब बड़े दिनों से बिना सोचे समझे चल रहा है ये अप्रैल फूल-अप्रैल फूल(April fool)

अप्रैल फूल(April fool)इसका मतलब क्या है-


बात दरअसल ये है कि जब ईसाइयत अंग्रेजो द्वारा हमे 1 जनवरी का नववर्ष थोपा गया तो उस समय हिन्दू लोग विक्रमी संवत के अनुसार 1 अप्रैल से अपना नया साल मनाते थे जो आज भी सच्चे हिन्दुओ द्वारा मनाया जाता है आज भी हमारे बही खाते और बैंक 31 मार्च को बंद होते है और 1 अप्रैल से शुरू होते है पर उस समय जब भारत गुलाम था तो ईसाइयत ने विक्रमी संवत का नाश करने के लिए साजिश करते हुए 1 अप्रैल को मूर्खता दिवस "अप्रैल फूल" का नाम दे दिया ताकि हमारी सभ्यता मूर्खता लगे अब आप ही सोचो अप्रैल फूल कहने वाले कितने सही हो आप और आज भी क्यों मना रहे हो-अब ये अंग्रेज तो है नहीं लेकिन आज आपकी सभ्यता भी वही है अपने ही लोगों को मुर्ख बनाने की-

कल फिर भी आने वाला है 1 अप्रैल इस साल भी नई जनरेशन बड़ी ख़ुशी से "अप्रैल फूल" मनायेगा और हम बेवकूफ है जो सभी को समझाने के बजाय अप्रैल फूल ही बनते रहेगें-

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