Beneficial use of Cannabis-भांग के लाभदायक प्रयोग

भांग के लाभदायक प्रयोग (Beneficial use of Cannabis)-


भारत में भांग (Cannabis) नशे और औषिधि दोनों रूप में प्राचीन काल से प्रयुक्त होती आ रही है। वैसे तो हिन्दुओ में एक मान्यता भी है कि भांग का पौधा "अमृत" से पैदा हुआ है।  इसका सेवन भगवान् शिव किया करते है इसलिए इसे 'शिव-बूटी' का भी नाम दे दिया गया है। अब तो अनेक शोधकर्ताओं ने भी इस पर शोध किया है। निष्कर्ष रूप में ये पाया गया है कि लम्बे अवधि तक भी इसका प्रयोग करने के उपरान्त भी इसका शरीर और मस्तिष्क पर विशेष विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। आयुर्वेद इसे कई रोगों में प्रमाणिक औषिधि मानता है।


Beneficial use of Cannabis-भांग के लाभदायक प्रयोग

भांग के आयुर्वेद प्रयोग क्या है (What is Ayurvedic use of Cannabis)-


1- भांग के पत्ते (Cannabis leaves) को जल के साथ चटनी की तरह पीसकर तथा साफ़ सूती कपडे में बाँध कर इसका रस निचोड़ ले। इस रस को थोडा सा आंच पर गर्म करके कान में टपका दे। इस प्रयोग से कान का दर्द मिट जाता है साथ ही यदि कान में कीड़े पड़ गए हो तब वे भी मर जाते है। 

2- भांग के चूर्ण (Cannabis Powder) को साफ़ सूती कपडे में बाँध कर एक छोटी सी पोटली बनाए और इसमें एक धागा बांधे। इस पोटली को योनी (Vagina) में तीन घन्टे तक रहने दे। बाद में धागे की सहायता से वापस निकाल ले। इस प्रयोग को कुछ दिन करने से ढीली योनी (loose vagina) भी तंग हो जाती है। 

Beneficial use of Cannabis

3- भांग (Cannabis) को जल के साथ पीसे और पेस्ट बनाकर इसे अपने बालो पर एक घंटे लगा रहने दे। सिर में जितने भी जुएँ और लीखें है खत्म हो जाती है। 

4- एरण्ड के तेल (Castor oil) में भांग को पीसकर शिश्न (Penis) पर लेप करने से उसकी ताकत में इजाफा होता है। 

5- भांग की मात्रा 10 ग्राम ले और अलसी की मात्रा 30 ग्राम दोनों को साथ पीस कर पुल्टिस बना कर बवासीर के मस्सों पर रख कर कुछ दिन बांधे बहुत फायदा होता है। भांग को आप जल में पीस कर गुनगुना-गुनगुना पुल्टिस बवासीर (Piles) पर बाँधने से दर्द भी मिट जाता है। 

6- भांग (Cannabis), सेंधा नमक एक-एक ग्राम तथा सौंफ और जीरा दो-दो ग्राम लेकर चूर्ण बनाकर छाछ के साथ दिन में तीन बार सेवन करने से भूंख न लगना या खाया-पिया न पचना तथा दस्त लगना आदि रोग मिट जाता है। 

7- खरल में भांग के पत्ते (Cannabis leaves) को बकरी के दूध के साथ पीसकर पैरों के तलवे पर लेप करने से जल्दी ही नींद आने लगती है। उन्माद रोगी को सुलाने में ये प्रयोग बेहतर है। 

8- भांग का महीन चूर्ण कपडे में छानकर घाव में भर देने से सूजन और दर्द दूर होकर घाव (Injury) जल्दी भर जाता है। इसमें टिटनेस (Tetanus) होने का खतरा भी नहीं रहता है। घाव में कीड़े पड़ जाने पर भी यह प्रयोग अच्छा रहता है। 

9- एक ग्राम भांग (Cannabis) को घी में भून ले फिर इसमें दस ग्राम शहद या गुड में मिलाकर लेने से नींद अच्छी आती है। वृद्ध लोगो को रात देर से नींद न आने की शिकायत के लिए ये नुस्खा उत्तम है। 

10- अपचन (Indigestion) की स्थिति में हो रहे पेट दर्द (Abdominal Pain) से राहत के लिए भांग और काली मिर्च के चूर्ण को गुड में मिलाकर खिला दे। अवश्य ही लाभ मिलेगा। 

11- जिस रोगी को दस्त (Diarrhea) हो रहे हो तो उसे भांग के चूर्ण को शहद या सौंफ के अर्क के साथ खिलाना चाहिए। 

12- भांग और बीजबंद (बलाबीज) 100-100  ग्राम, पोस्तदाना 50 ग्राम और काली मिर्च 25 ग्राम लेकर महीन चूर्ण बना ले। इस चूर्ण में से 3-3 ग्राम चूर्ण को मिश्री मिले गर्म दूध के साथ नित्य सेवन करने से शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) रोग दूर हो जाता है। 

13- भांग के पत्तो के स्वरस में शहद मिला कर लेने से खांसी (Cough) में आराम मिलता है। 

14- आधा ग्राम भांग, एक ग्राम काली मिर्च, दस ग्राम बादाम गिरी और 25 ग्राम मिश्री को 250 मिलीलीटर पानी में घोटकर छानकर पीने से परिश्रम करने से आई थकावट (Weariness) दूर हो जाती है। 

15- भांग (Cannabisजुकाम की एक अचूक दवा है। भांग के पत्तो को पीस कर बरगद या फिर पीपल के पत्तो में लपेटकर धागे से बाँध दे। अब इस पर एक अंगुल मोटा मिटटी का लेप चढ़ा दे और इसे कंडे की आग में दबा दे। जब मिटटी का रंग लाल हो जाए तो उसे ठण्डा कर ले। तत्पश्चात भांग को उसमे से निकालकर चूर्ण कर ले और उसमे सेंधा नमक तथा तेल मिलाकर एक ग्राम की मात्रा सेवन करे। इस प्रयोग से कैसा भी जुकाम (Common Cold) हो मिट जाता है। 

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