क्रिएटिनिन सिर्फ सात दिन का इलाज

क्रियेटिन(Creatinine)एक मेटाबोलिक पदार्थ है जो भोजन को ऊर्जा में बदलने के लिये सहायता देते समय टूट कर क्रियेटिनन में बदल जाता है वैसे तो आपकी किडनी क्रियेटिनन(Creatinine)को छानकर रक्त से बाहर निकाल देती है उसके बाद यह वेस्ट पदार्थ मूत्र के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है परन्तु कुछ स्वास्थ्य सम्बंधित समस्यायें किडनी के इस कार्य में बाधा पहुंचाती हैं जिसके कारण क्रिएटिनिन बाहर नहीं निकल पाता है और रक्त(blood) में इसका स्तर बड़ने लगता है-

क्रिएटिनिन सिर्फ सात दिन का इलाज

ऐसे बहुत से तरीके हैं जिनसे आप बढे हुए क्रिएटिनिन(Creatinine) लेवल को धटा सकते हैं इसके लिए आपको आहार में परिवर्तन और जीवन शैली में थोडा बहुत बदलाव तथा दवा आदि लेना पड़ेगा-

सबसे पहले आप Creatinine clearance test(एक प्रकार की जांच) करवाए जिससे ये पता चलता है कि आपके मूत्र में कितनी मात्रा में क्रिएटिनिन है क्रिएटिनिन की मात्रा आपके रक्त में कम और मूत्र में अधिक होना चाहिये-

नॉर्मल ब्लड क्रिएटिनिन-


पुरुष-       0.6 to 1.2 mg/dL; 53 to 106 mcmol/L
महिला-    0.5 to 1.1 mg/dL; 44 to 97 mcmol/L
टीनेजर्स-  0.5 to 1.0 mg/dL
बच्चे-       0.3 to 0.7 mg/dL

नॉर्मल मूत्र क्रिएटिनिन लेवल्स-


पुरुष-     107 to 139 mL/min; 1.8 to 2.3 mL/sec
महिला-  87 to 107 mL/min; 1.5 to 1.8 mL/sec

रीनल फेल्योर या इम्पेयरमेण्ट(Renal failure or Imparment)क्या है-


यदि आपकी किडनी डैमेज हो चुकी हैं तो वे Glomerular filtration के द्वारा क्रिएटिनिन को छानकर आपके शरीर से बाहर उस तरह से नहीं निकाल सकते हैं जैसे सामान्यतया वे करते है किडनी से छनित द्रव के बाहर निकलने की क्रिया को Glomryulr Filtration कहते हैं-

कारण-


1- शरीर में अधिक मात्रा में लिया जा रहा सोडियम शरीर में fluid को तथा स्वास्थ्य को हानि पहुंचाने वाले स्तर तक एकत्रित करने लगता है जिससे High BP होने लगता है इन दोनों कारणों से भी क्रिएटिनिन लेवल बढ़ सकता है-

2- उन सभी भोज्य प्रदार्थ के सेवन से बचे जिनमे प्रोटीन ज्यादा मात्रा में उपलब्ध होता है -

3- अधिकतर जानवरों से बने प्रोडक्ट के माध्यम से भी प्राप्त होने वाला क्रिएटिनिन(creatinine)इतनी हानिकारक नहीं होती लेकिन जो पहले से ही इस समस्या से ग्रस्त है उनको इसे लेने से बचना चाहिए Red meat और Processed food से खुद को बचाए -आपके आहार में पके हुए मीट की अधिकता होने से भी आपके शरीर में Creatinine की मात्रा बढ़ सकती है-

4- थायराइड में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी आपके किडनी के कार्य को प्रभावित कर सकता है हाइपोथायराइडिज्म(Hypothyroidism)आपके किडनी की-वेस्ट पदार्थों को सुचारु रूप से- फिल्टर करने की क्षमता को घटा सकता है-

5- जब आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं होता है तब मूत्र का उत्पादन भी कम हो जाता है चूंकि क्रिएटिनिन मूत्र के साथ ही शरीर से बाहर निकलता है इसलिये मूत्र की कमी होने पर क्रिएटिनिन का भी बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है-

6- क्रिएटिनिन(creatinine)बढ़ना किडनी रोगों का संकेत है अधिक बढ़ जाने पर किडनी की नियमित डायलिसिस करवानी पड़ती है अगर फिर भी आराम ना आये तो किडनी ट्रांसप्लांट करवाने तक की नौबत आ जाती है-

क्या करे उपाय-


क्रिएटिनिन बढ़ने में नीम और पीपल का ये प्रयोग बहुत कारगर है एक हफ्ते में बढ़ा हुआ क्रिएटिनिन सही हो सकता है-

सामग्री-


नीम की छाल
पीपल की छाल

तीन गिलास पानी में 10 ग्राम नीम की छाल और 10 ग्राम पीपल की छाल को लेकर गर्म करे आधा रहने तक उबाल कर काढ़ा बना लें अब आप इस काढ़े को दिन में 3-4 भाग में बाँट कर सेवन करते रहें- इस प्रयोग से मात्र सात दिन से दस दिन में क्रिएटिनिन का स्तर व्यवस्थित हो जाता है या फिर पर्याप्त लेवल तक आ जाता है-


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