Homeopathy-Acute abdominal pain-पेट की तीव्र पीडा

Acute abdominal pain
सैवढा बस स्टैण्ड पर रौन से जाये एक सज्जन अपने लडके के इलाज के लिये ग्वालियर जाने के लिये बस के इन्तजार में बैठे थे - ऐलोपैथी से लाभ न होने पर ग्वालियर के एक बहुत ही प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक श्री रामेश्वर शास्वी जी का इलाज चल रहा था तथा कुछ लाभ भी था - लडके पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा था - जिस दुकान पर बैठ कर वे बस का इन्तजार कर रहे थे उस दुकानदार से उस लडके का तडपना देखा नहीं गया- 


उसने कहा कि रेस्ट हाउस के बगल बाले बंगले में एक सक्सेनाजी उपयंत्री रहते हैं  यदि वे इस समय आपको घर पर मिल जाये तो आपका लडका ठीक हो सकता है वे बेचारे लडके को लेकर मेरे घर पर आ गये - यों तो मैं सुबह आठ बजे से शाम पाँच बजे तक किसी मरीज को देखता नहीं था पर सामने किसी को कष्ट में देखकर सेवा न करना भी एक अपराध ही है-

संक्षेप में लक्षण पूछ कर आगे झुकने पर कष्ट बढने के आधार पर उसे 'डायस्कोरिया 30' खुराफे 10-10 मिनट पर दीं और दवा ने तुरन्त काम किया और उसे तत्काल राहत-मिल गई  कुछ देर आराम करने के बाद उन्होंने वापिस रौन जाने का विचार बनाया इसलिये 'नक्स वोमिका 200' की दो खुराकें रात को आधे-आधे घन्टे से लेने व 'कांलोसिन्थ30' व 'डायस्कोरिया30' दिनमें दो-दो बार लेने के लिये दे दी - साथ ही 'मेग्नीशिया फांस 6एक्स' भी दे दिया कि अगर तेज दर्द हो तो 10-12 गोलियाँ आधा कप गुनगुने पानी में घोलकर 2-2 चम्मच दवा 10-10 मिनट से ले लें अगले सप्ताह सुबह अथवा शाम को ही मिलने के लिये कह दिया-

अगले सप्ताह वे फिर जाये - नाक खुजलाना, दात किटकिटाना, लार बहना आदि के आधार पर पेट में कीडों की आशंका को देखते हुए 'सिना1000' की दो खुराकें, 'ट्रयूकियम मारम विरम 30' व 'सेन्टोनाइन30' की दो दो खुराकें प्रति दिन लेने के लिये कह दिया - पेट के कीडे, टेप वार्म, निकल जाने बाद दर्द सदा के लिये ठीक हो गया-

इस केस में जिस किसी भी चिकित्सक ने इलाज किया पेप्टिक अल्सर को ध्यान में रख कर किया जिससे लाभ की जगह हानि ही हुई और मरीज को भयंकर पीडा झेलना पडी-

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