Homeopathy-Breast tumors-छाती में ट्यूमर

Breast tumors-छाती में ट्यूमर

Breast tumors-छाती में ट्यूमर-

डबरा के मेरे एक मित्र भोपाल गये हुए थे वहाँ अचानक उनकी छाती में तेज दर्द तथा सांस लेने में कठिनाई होने लगी तो तत्काल उन्होंने वहीं एक डॉक्टर को दिखाया  तो छाती के एक्स-रे में एक धब्बा आया फिर सोचा-गया कि शायद एक्स-रे की फिल्म एक्पोजड होगी इसलिये दुवारा एक्स-रे कराया गया लेकिन धब्बा फिर भी आ गया फिर तो तुरन्त एम.आर.आई. कराया गया तो पता लगा कि यह एक haytetid tumor(हायटेटिड टूयूमर) है जिसका आकार पानी बाली गेंद के आकार का बताया गया जैसा कि हायटेडिड टूयूमर में होता है इसमें फूल्यूड के अतिरिक्त कैल्शियम के टुकडे भी थे -डाक्टरों ने तुरन्त उन्हें मुम्बई जाने की सलाह दी - उसका आंपरेशन यहाँ तो हो ही नही सकता था क्योंकि सामने से आपरेट करने के लिए ह्रदय को हटाना पडता और पीछे से ओँपरेट करने पर नर्व डैमेज होतीं जिसमे पेरालेसिस हो सकता था-


मरीज की आयु यद्यपि 70 वर्ष थी तथापि शरीर से वे पूर्ण स्वस्थ थे -उनके एक भतीजे की रक्त कैसर के लिये चिकित्सा मुम्बई मेँ हो चुकी थी जिसमेँ उसे बचाया तो नही जा सका था पर वहाँ के अस्पतालों में कितनी परेशानी और खर्चा होता है इससे वे भलीभांति परिचित थे-

चिकित्सा के लिये रोगी मेरे पास आया तब हमने केस देखकर मैंने भी यही कहा कि इन्हें फौरन मुम्बई ही जाना
चाहिये -उनका मुझसे सीधा- सीधा कहना था कि मैं तो बरबाद हो ही रहा हूँ तीन-चार लाख खर्च करके अब बच्चों को भी क्यों बरबाद कर जाऊँ -मुझे आप पर पूरा विश्वास है और मैं आप से ही इलाज कराने आया हूँ-

मैंने उनसे पूछा कि इस टूयूमर से आपको सबसे ज्यादा कष्ट क्या है तब उन्होंने कहा कि मुझे साँस लेने में कठिनाई होती है और थोडा सा भी परिश्रम करने पर मेरी छाती में दर्द होने लगता है - टूयूमऱ इतना बडा था कि उसने स्वांस नली को एक और धकेल दिया था और इसी कारण से सांस लेने में कठिनाई और दर्द होता था-

चिकित्सा आरम्भ करने के लिये मैंने उन्हें 'केल्केरिया कार्ब 1000' की दो खुराके आधे-आधे घन्टे से सप्ताह में केवल एक दिन और 'लेपिस ऐल्वम30' व 'सिलीसिया30' की दो- दो खुराकें प्रति दिन लेने के लिये बता कर 15 दिन बाद फिर बताने के लिये कह कर रवाना कर दिया -इतने समय में उनका स्वांस कष्ट और दर्द काफी कम हो चुका था इसलिये वे स्वयं तो आये नही किसी के हाथ से दवा मंगवा ली -हमने 15 दिन के लिये दवाइयाँ और दे दीं-

एक माह बाद वे स्वयं आये -यद्यपि टूयूतर अभी भी काफी बडा था परन्तु उसके आकार में बहुत कमी आई थी अल्ट्रासाउंड कर रहे डॉक्टर कुलश्रेष्ठ जी ने छूटते ही कहा कि डाँक्टर सक्सेना जी ये आप क्या कर रहें हैं इन्हें आप फ़ौरन मुम्बई भेजिये -मैंने उनसे कहा कि इनको यही बहुत लाभ है -आप टूयूमर की साइज तो बताइये-

वे हँसते हुए बोले मेरे पास इतनी बडी मशीन नहीं हैं जो मैं इसे नाप संकू और लगभग एक माह उनकी चिकित्सा और चली -अब वे कहते हैं कि ट्रयूमर है तो बना रहे- मुझे इससे कोई कष्ट तो है नहीं मै यहाँ यह भी लिखना चाहूँगा कि उनका स्टील फर्नीचर व थ्रेशर मशीनों के निर्माण का कारखाना है जिसमें उन्हें कभी-कभी भारी काम भी करना पड जाता है भले ही मिस्त्री और लेवर कितनी ही लगी हो - इसे वे अपनी सामान्य आदत में मानते हैं मैं जब भी डबरा जाता हूँ तो उनसे मिल कर आता हूँ -सामान्य रूप से वे पूर्णत: स्वस्थ हैं और पाँच साल से उन्होने मुझसे कोई इलाज नहीं लिया है और ना ही अब तक दुबारा कोई अल्ट्रासाउंड करवाया है-

इसे भी पढ़े- Homeopathy-Liver tumors-जिगर में टूयूमर

मेरा पता है - 

KAAYAKALP

Homoeopathic Clinic & Research Centre

23,Mayur Market, Thatipur, Gwalior(M.P.)-474011

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Dr.Satish Saxena D.H.B.

Regd.N.o.7407 (M.P.)

Mob :  09977423220(फोन करने का समय - दिन में 12 P.M से शाम 6 P.M)

Dr. Manish Saxena

Mob : -09826392827(फोन करने का समय-सुबह 10A.M से शाम4 P.M.)

Clinic-Phone - 0751-2344259 (C)

Residence Phone - 0751-2342827 (R)

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