Heart-ह्रदय में चुभने जैसा दर्द

डबरा(ग्वालियर ) शुगर मिल के चीफ इंजीनियर श्री जौहरी साहब के ह्रदय में कील चुभने जैसा दर्द होता था-एलोपैथिक चिकित्सा से लाभ तो हो जाता था लेकिन जैसे ही दवा बन्द होती दर्द फिर शुरू हो जाता था मुझे एक बार अति-आवश्यक कार्यवश उनके बंगले पर जाना पडा -उस समय वह दर्द से बहुत पीडित थे मुझे देखते ही वे बोले-सक्सेना जी देखिये मैं बीमार हूँ मुझसे काम की कोई बात मत करना- 

HeartPain


मैँने कहा कि मुझें पता लगा था कि आप का स्वास्थ्य ठीक नहीं है इसीलिये मैं आपको देखने चला आया था- वे बोले मेरे ह्रदय में दर्द(Heart pain) हैं ऐसा लगता है जैसे कि कोई कील चुभी हुईं है कोई उस कील को निकाल दे तो मैं ठीक हो सकता हूँ मेरी दवा डबरा में मिली नहीं है इसलिए मैंने आदमी ग्वालियर भेजा है -उस आदमी ने बताया है कि वह दवा वहाँ भी उपलब्ध नहीँ है- 

मैने उस आदमी से कहा है कि चाहे आगरा जाओ, दिल्ली जाओ या जहन्नुम में जाओ, मेरी दवा लेकर आओ-तब मैंने हंसते हुए उनसे कहा कि जब तक वह जहन्नुम से दवा लेकर आता है तब तक आप कुछ और दवा ले लीजिये -वे बोले और कौन सी दवा ले लूँ-मैंने कहा आप तब तक होम्योपैथिक(Homeopathic) दवा ले लीजिये -वे बोले वह तो मैं ले ही नहीं सकता हूँ- तब मैंने कहा क्यों ? 

वे बोले मैं तम्बाखू का बनारस का बादशाही जर्दा खाता हूँ- उसे मैं छोड नहीं सकता चाहे मैं मर ही क्यो न जाऊँ -मैंने उनसे कहा कि आप जर्दा मुँह में कहाँ रखते हैं -मेरा मतलब यह हैं कि यदि आप जर्दा जुबान के ऊपर रखते हो तो दवा जुबान के नीचे रख लीजियेगा और यदि जर्दा जवान के नीचे रखते हों तो दवा जुबान के ऊपर रख लीजिये-उन्होंने कहा कि क्या ऐसा हो सकता है -मैंने कहा कि अब तो ऐसा ही होना है-

तब जौहरी जी ने कहा कि घन्टे-आधे घन्टे का परहेज(Avoid) तो मैं कर भी सक्ता हूँ- मैंने कहा जैसी आपकी इच्छा-तो फिर मै आपके लिए अभी आपकी दो पुडियाँ भेज रहा हूँ -आप उन्हें आधे-आधे घन्टे से ले लीजिये- जब मै चलने को हुआ तो वे बोले आप कैसे आये थे -मैंने कहा कि जरा इस कागज पर साइन कर दीजिये-मेरा एक सरकारी ट्रैक्टर नाले मैं गिर गया है उसे निकालने के लिये मुझे एक चैन-पुली की जरूरत है -और उन्होंने कागज़ पर साइन कर दिया- 

हमने अपने घर आकर 'स्पाईजेलिया 1000' की दो पुडियां उसी समय दोपहर को मैंने उनके बंगले पर भिजवा दी शाम को वे स्वयं जीप लेकर मेरे घर आ गये -वे बोले तुम्हारी पुडियों ने तो कमाल कर दिया-मेरा दर्द बन्द हो गया -दो पुडियाँ मुझे और दे दो-

मैंने कहा कि जब दर्द है ही नहीं तो फिर आप पुडियों का क्या करेगे-वे बोले जब दर्द होगा तब ले लेंगे -मैने कहा मैंने कहा फिलहाल छह महिने तक तो दर्द होना नहीं है उन्होंने मुझसे कहा कि तो फिर दवा का नाम ही बता दो मैंने कहा कि होम्योपैथी में ऐसा नही होता है इसमें जब जैसी स्थिति होती है वैसी दवा दी जाती हैं - अभी मुझे पी.डब्लू.डी.में 20 साल और नौकरी करनी है- जब ज़रूरत हो तो दूँढ लेना उसके बाद उनको दर्द हुआ ही नहीं- 

वे डबरा की छोटी सी मिल को छोड कर उत्तर प्रदेश के नैपाल बॉर्डर पर एक बहुत बडी शुगर फैक्टरी के चीफ इंजीनियर हो गयें -उनके हर पत्र में आग्रह होता था कि आप आइये आप को नेपाल घुमाने ले चलेगे - मैं उन्हें धन्यवाद दे देता था- सौभाग्य से मैने पशुपतिनाथ जी के दर्शन तो किये पर किसी मरीज के भरोसे नहीं-

इसे भी देखे-

Dizziness And Head Injury-चक्कर व सिर में चोट

मेरे पते के लिए आप यहाँ क्लिक करे -

1 टिप्पणी:

  1. मुझे आपके लेखो से बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है जबकी मै 1972 से श्री एन सी घोष का मैटिरिया मैडिका पढ़ रहा हू ।

    जवाब देंहटाएं

Upchar Aur Prayog

About Me
This Website is all about The Treatment and solutions of Home Remedies, Ayurvedic Remedies, Health Information, Herbal Remedies, Beauty Tips, Health Tips, Child Care, Blood Pressure, Weight Loss, Diabetes, Homeopathic Remedies, Male and Females Sexual Related Problem. , click here →

आज तक कुल पेज दृश्य

हिंदी में रोग का नाम डालें और परिणाम पायें...

Email Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner