This Website is all about The Treatment and solutions of General Health Problems and Beauty Tips, Sexual Related Problems and it's solution for Male and Females. Home Treatment, Ayurveda Treatment, Homeopathic Remedies. Ayurveda Treatment Tips, Health, Beauty and Wellness Related Problems and Treatment for Male , Female and Children too.

25 सितंबर 2016

आधुनिक नारी बदलता परिवेश

आधुनिक कल्चर(Modern Culture)में प्रेम या दांपत्य संबंधों के मामले में Modern Woman-आधुनिक नारी की सोच में एक नया बदलाव नजर आ रहा है आज की शिक्षित और आत्मनिर्भर आधुनिक नारी(Modern Woman) को अपनी व्यक्तिगत आजादी(Individual freedom)इतनी पसंद है कि वह उसे किसी भी कीमत पर-यहां तक कि प्यार(love)पाने के लिए भी खोना नहीं चाहती है-

Modern Woman-आधुनिक नारी बदलता परिवेश


अब वो पिछली पीढी की स्त्री की तरह वह प्यार में अपना सर्वस्व त्यागने को तैयार नहीं है Modern Woman का स्वतंत्र व्यक्तित्व है उसकी अपनी पसंद-नापसंद, रुचियां और इच्छाएं हैं-आधुनिक नारी(Modern Woman)को अपनी पसंद का साथी चुनने की पूरी आजादी है-ऐसी स्थिति में उसके पास विकल्पों(Options)की कमी नहीं है- अब Modern Woman अपने आप को बदलने की कोई वैसी मजबूरी भी नहीं है जैसी कि उसकी पिछली पीढी की स्त्रियों की हुआ करती थी कि एक बार किसी पुरुष के साथ शादी या प्रेम के बंधन में बंध जाने के बाद उसके पास अपने साथी अनुरूप खुद को ढालने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं होता था-

आज वक्त के साथ स्थितियां तेजी से बदल रही हैं ऐसा नहीं है आधुनिक युवती(Modern woman)अपनी शर्तो पर प्रेम करती है और अपने प्यार की खातिर खुद को बदलने के लिए जरा भी तैयार नहीं है आज भी प्रेम के प्रति उसका समर्पण कम नहीं हुआ है बस फर्क सिर्फ इतना है कि आज उसकी जीवन स्थितियां उसके अपने नियंत्रण में हैं वह जिससे प्यार करती है उसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार है लेकिन वह अपनी निजी स्वतंत्रता(Personal freedom) को बरकरार रखना चाहती है-

इसलिए उसे प्रेम या दांपत्य संबंध के मामले में भी थोडे-से पर्सनल स्पेस की जरूरत महसूस होती है वह जिससे प्यार करती है उसका केयरिंग होना तो उसे अच्छा लगता है लेकिन उसे यह बात जरा भी पसंद नहीं आती कि उसका साथी उसे छोटी-छोटी बातों पर उसे रोके-टोके या उसकी पसंद-नापसंद पर अपनी मर्जी थोपने की कोशिश करें-शायद यह पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित व्यक्तिवादी सोच की ही देन है जिसके अंतर्गत इंसान अपने व्यक्तिगत जीवन में किसी की भी दखलंदाजी पसंद नहीं करता-चाहे वह उसका प्रेमी या जीवन साथी ही क्यों न हो-अब भारतीय स्त्री भी इस विदेशी संस्कृति के इस प्रभाव से अछूती नहीं है-वह जिससे प्रेम करती है उससे इस बात की उम्मीद रखती है कि वह उसकी व्यक्तिगत आजादी की भावना का सम्मान करे-

Upcharऔर प्रयोग-

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

GET INFORMATION ON YOUR MAIL

Loading...

Tag Posts