डायबिटीज के मरीज मीठा स्टेविया खा सकते है

डॉक्टर हमेशा शुगर-Diabetes के मरीज को चीनी का सेवन न करने की सलाह देते है और बेचारे मीठे के शौकीन लोग मिठास के लिए तरस जाते है किन्तु अब टेंसन छोड़े और मीठा कैसे खाएं-जी हाँ अब ये पोस्ट आपके लिए है चलिए आप मीठा खाएं और साथ ही शुगर पर भी नियंत्रण पायें ये मोटापे के लिए भी लाभदायक है जी हाँ स्टेविया नाम का पौधा मधुमेह रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है स्टेविया(Steevia)बहुत मीठा होता है लेकिन शुगर फ्री(sugarfree)होता है स्टेविया(Steevia)खाने से पैंक्रियाज से इंसुलिन(insulin)आसानी से मुक्त होता है-

Stevia-स्टेविया


आइये जाने कि डायबिटीज(Diabetes) मरीज मीठा स्टेविया खाएं और इसके लाभ-

मौजूदा समय में शुगर, मोटापा, कैलोरी आदि रोग आम हो चुके है- रोगियों की संख्या भी बढ़ने लगी है और इस रोग से निजात पाने को पीड़ित लोग उपचार के लिए अंग्रेजी दवाओं का सहारा ले रहे है तो दूसरी ओर कई तरह के परहेज कर राहत पाने के प्रयास करते है किन्तु आयुर्वेद में तीनों मर्ज के हरबल प्लांट स्टेविया पौधे का उल्लेख किया गया है जिस पर आयुर्वेद चिकित्सकों को अभी भी विश्वास कायम है उनकी माने तो स्टीविया साइट नाम का एक रसायन होता है जो कि चीनी से तीन सौ गुना अधिक मीठा होता है इसे पचाने से शरीर में एंजाइम नहीं होता और न ही ग्लूकोस की मात्रा बढ़ती है-

स्टेविया(Stevia)क्या है-

  1. स्टेविया पौधा (Stevia plant)एक शाकीय पौधा है तथा इसको खेत में उगाया जाता है और इसकी पत्तियों का उपयोग होता है आइ एच बी टी ने इसकी सुधरी हुई संकर प्रजातियां विकसित की हैं जिन्हें बीज से उगाया है व्यावसायिक तौर पर इस पौधे की पत्तियों से स्टीवियोसाइड(Stivia Side) रेबाडियोसाइड व यौगिकों के मिश्रण को निष्पादन कर उपयोग में लाया जाता है वैज्ञानिकों ने इसके परिशोधन करने के लिए ऑन विनिमन रेजिन एवं पोलिमेरिक एडजौंरेंट रेजिन(Polimerik Adjunrent resins) प्रक्रियाओं का विकास किया है-
  2. दक्षिण अमेरिका में इस Steevia की उत्पत्ति हुई थी इसके बाद जापान, चीन, ताइवान, थाईलैंड, कोरिया, मैक्सिको, मलेशिया, इंडोनेशिया, तंजानिया, कनाडा व अमेरिका में इसकी खेती की जा रही है भारत में साल 2000 से इसकी व्यावसायिक खेती शुरू हुई थी-इसके पौधे में कई औषधीय व जीवाणुरोधी गुण हैं हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर (आइएचबीटी) ने 2000 में इसका अनुसंधान व शोध कार्य शुरू किया था इसके पत्तों को सीधे उपभोक्ताओं को देना संभव नहीं था इसलिए संस्थान ने इसके ऐसे उत्पाद बाजार में उतारे है जिन्हें सीधे प्रयोग में लाया जा सकता है-
  3. स्टेविया(Steevia) की फसल को बहुवर्षीय फसल के रूप में उगाया जा सकता है लेकिन यह सूखे को सहन नहीं करती है इसको बार-बार सिंचाई की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई के दो या तीन दिन के बाद दूसरी बार सिंचाई की जरूरत पड़ती है-
  4. ये गन्ने से तीन सौ गुणा अधिक मीठा होने के बावजूद भी स्टेविया पौधे फैट व शुगर से फ्री(sugar free) है डायबिटीज(Diabetes)के मरीजों के लिए अब मीठा खाना जहर नहीं बनेगा बशर्ते वह मीठा खाने के तुरंत बाद आयुर्वेदिक पौधे स्टेविया की कुछ पत्तियों को चबा लें इतना अधिक मीठा होने के बावजूद यह शुगर को कम तो करता ही है साथ ही इसे रोकने में भी सहायक है-खाना खाने से बीस मिनट पहले स्टीविया(Stevia)की पत्तियों का सेवन अत्यधिक फायदेमंद होता है अद्भुत गुणों का संगम आयुर्वेदिक पौधा घर में भी लगाया जा सकता है एक बार लगाया गया पौधा पांच वर्ष तक प्रयोग में लाया जा सकता है यदि रोजाना स्टेविया के चार पत्तों का चाय पत्ती के रूप में सेवन किया जाए तो यह रामबाण की तरह साबित होगा-

स्टेविया उत्पाद(Stevia Products)-

बाजार में स्टेविया(Stevia) यानी मधुरगुणा(Madhurguna)पाउडर डिप पैकेट में उपलब्ध है इसका मूल्य 100 रुपये प्रति पैकेट के लगभग है यह पानी में शीघ्र ही घुल जाता है इसे हिम स्टीविया, जीरो क्लोरीज व स्टीविया स्वीटर के नाम से जाना जाता है इसके अलावा स्टीविया(Stevia) गोलियां भी बाजार में उपलब्ध हैं-

Stevia से मोटापा(Obesity) भी होगा दूर-

  1. आयुर्वेद चिकित्सकों के अनुसार स्टेविया से शुगर के अलावा मोटापे से भी निजात पाई जा सकती है मोटापे के शिकार व्यक्तियों के लिए भी यह पौधा किसी वरदान से कम नहीं है शुगर ही मोटापे का कारण बनती दिखाई दे रही है यदि शुगर न भी हो और Stevia सेवन किया जाए तो न ही शुगर होने की कभी नौबत बन पाएगी और न ही मोटापा होगा-
  2. आमतौर पर शुगर के मरीज को मीठा खाने से ग्लूकोस बढ़ता है इसी कारण उसे तकलीफ होती है ऐसे में यदि वह मीठे के स्थान पर Stevia-स्टीविया का सेवन करता है तो इसमें ग्लूकोस की मात्रा नहीं होती और साथ ही यह मीठे का काम भी करता है ऐसे में इसका सेवन Diabetes के रोगियों के लिए लाभकारी साबित होता है-
  3. आज कैलोरी की प्रोबलम भी काफी बढने लगी है ऐसे में भले ही स्टेविया(Stevia)चीनी से अधिक मीठा हो किंतु इसमें ग्लूकोस की मात्रा न होने के चलते इससे कैलोरी के अनियंत्रित होने की संभावना नहीं रहती है यही कारण है कि स्टेविया का मौजूदा समय में कई शुगर फ्री पदार्थो को बनाने के लिए भी प्रयोग किया जाने लगा है-
स्टेविया से लाभ(stevia benefits)-
  1. स्टेविया(Stevia)में शुगर, मोटापा, कैलोरी को दूर करने के अलावा कई खूबियों का वर्णन आयुर्वेद में मिलता है आइये जाने-
  2. शक्कर से 25 गुना ज्यादा मीठा है परंतु ये शक्कर रहित है इसमें 15 आवश्यक खनिज तथा विटामिन्स होते है तथा पूर्णतया कैलोरी शून्य उत्पाद है इसे पकाया जा सकता है अर्थात इसे चाय, काफी, दूध आदि के साथ उबालकर भी प्रयोग किया जा सकता है-
  3. मधुमेह(Diabetes)रोगियों के लिए सबसे उपयुक्त उत्पाद है क्योकि यह पेनक्रियाज की बीटा कोशिकाओं पर अपना प्रभाव डालकर उन्हें इन्सुलिन तैयार करने में मदद करता है-
  4. दांतो की केवेटीज, बैक्टीरिया, सड़न आदि को भी रोकता है तथा ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करता है-
  5. इसमें एंटी एजिंग, एंटी डैंड्रफ जैसे गुण पाये जाता है तथा नॉन फर्मन्टेबल होता है-
  6. इसे भी देखे -  Diabetes-मधुमेह एक खतरनाक रोग है

Upcharऔर प्रयोग-

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