4 नवंबर 2018

धनतेरस पर आप करे शंख की पूजा

Dkshinavarti Shankh Pooja on Dhanteras


धनत्रयोदशी (Dhanteras) के दिन शंख पूजा की जाए तो दरिद्रता निवारण, आर्थिक उन्नति, व्यापारिक वृद्धि और भौतिक सुख की प्राप्ति के लिए तंत्र के अनुसार यह सबसे सरल और एक विशेष प्रयोग है वैसे तो शंख की किसी भी शुभ मूहूर्त में पूजा की जा सकती है लेकिन धनत्रयोदशी पर शंख का बड़ा महत्व है इस दिन दक्षिणावर्ती शंख की पूजा का एक विशेष महत्व है दक्षिणावर्ती शंख जिसके घर में रहता है और धनतेरस को इसकी पूजा अर्चना करके स्थापित किया जाता है तथा नियमित पूजा की जाती है तो उसके घर में चिर-स्थाई लक्ष्मी रहती है-

धनतेरस पर आप करे शंख की पूजा

दक्षिणावर्ती शंख (Dkshinavarti Shankh) पूजा मन्त्र-


धनतेरस पर आप करे शंख की पूजा

                           " ऊं श्रीं क्लीं ब्लूं सुदक्षिणावर्त शंखाय नम: "

सर्वप्रथम उपरोक्त मंत्र का पाठ कर लाल कपड़े पर चांदी या सोने के पत्र पर शंख को रख दें तथा आधार (पत्र) पर रखने के पूर्व चावल और गुलाब के फूल रखे और यदि आधार (भोजपत्र) न हो तो चावल और गुलाब पुष्पों (लाल रंग) के ऊपर ही शंख स्थापित कर दें इसके तत्पश्चात निम्न मंत्र का 108 बार जप करें-

मन्त्र -                

                "ॐ श्रीं"

लाभ-


1- रात्री 10 से 12 बजे के बीच उपरोक्त मन्त्र का सवा माह पूजन करने से चिर-स्थाई लक्ष्मी प्राप्ति होती है-

2- यदि रात्री 12 बजे से 3 बजे के बीच इसी मन्त्र का सवा माह पूजन करने से यश कीर्ति प्राप्ति वृद्धि होती है

3- ब्रम्ह-मुहूर्त 3 से 6 बजे के बीच इसी मन्त्र का सवा माह पूजन करने से संतान प्राप्ति होती है-

4- पूजा के पश्चात शंख को लाल रंग के वस्त्र मं लपेटकर तिजोरी में रख दो तो खुशहाली आती है-

5- शंख को लाल वस्त्र से ढककर व्यापारिक संस्थान में रख दें तो दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि और लाभ होता है-


विशेष सूचना-

सभी मेम्बर ध्यान दें कि हम अपनी नई प्रकाशित पोस्ट अपनी साइट के "उपचार और प्रयोग का संकलन" में जोड़ देते है कृपया सबसे नीचे दिए "सभी प्रकाशित पोस्ट" के पोस्टर या लिंक पर क्लिक करके नई जोड़ी गई जानकारी को सूची के सबसे ऊपर टॉप पर दिए टायटल पर क्लिक करके ब्राउज़र में खोल कर पढ़ सकते है...  धन्यवाद। 

Upchar Aur Prayog

Upcharऔर प्रयोग की सभी पोस्ट का संकलन

loading...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Information on Mail

Loading...