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29 अगस्त 2017

शादी से पहले अनुचित क्यों है

Unreasonable Before Marriage


ऋषि मुनियों ने भी शारीरिक सम्बन्ध को कभी बुरा नहीं कहा है बल्कि हिन्दू धर्म में तो कामसूत्र, योनी शास्त्र जैसे शास्त्र भी लिखे गए हैं पर इन सबके वावजूद सेक्स करने के कुछ  नियम तय किये गए हैं उनमें से एक सबसे बड़ा नियम है विवाह (Marriage) करना यानि शास्त्रों के अनुसार स्त्री पुरुष केवल विवाह उपरांत ही शारीरिक सम्बन्ध स्थापित कर सकते हैं बिना विवाह के शारीरिक सम्बन्ध करना पाप कहा गया है ऐसा केवल हिन्दू धर्म में ही नहीं अपितु दुनिया के सभी प्रमुख धर्मो में कहा गया है-

शादी से पहले अनुचित क्यों है

बाइबिल में भी कहा गया है कि कोई अविवाहित रहे या विदुर रहे पर यदि कोई अपनी काम इन्द्रीओं पर नियंत्रण नहीं रख सकता तो वो विवाह कर ले और यदि कोई अनैतिक सम्बन्ध बना के ईश्वर के नियमों को तोड़ता है तो निश्चय ही ईश्वर उसे सजा देगा-ईश्वर ने यौन क्रियाओं के लिए पति पत्नी बनाये है ताकि नैतिक और अनैतिक संबंधो में फर्क कर सके-

कुरान में भी कहा गया है किकेवल अपनी पत्नी से ही शरीरिक सम्बन्ध करने की इजाजत है (कुछ जगह रखैलो का भी जिक्र है पर वहाँ दूसरी स्थिति है) कुल मिला के इस्लाम निकाह से पहले शारीरिक सम्बन्ध बनाने को हराम कहता है-

हमारे हिन्दू वेदों के अनुसार स्त्री पुरुष के केवल विवाह उपरांत ही  यौन क्रियाये करनी चाहिए तभी ईश्वर प्रसन्न  रहता है और ऋगवेद (८.३१.५-८) में भी विवाह उपरांत ही सेक्स करने को कहा गया है हिन्दू धर्म में 16 प्रकार के विवाह "स्वीकार्य" और  "अस्वीकार्य"  जिसमें से गन्धर्व विवाह ऐसा विवाह है जो बिना माँ-बाप की आज्ञा से हो सकता है और इसके बाद प्रेमी प्रेमिका सम्बन्ध स्थापित कर सकते हैं-शकुन्तला और दुष्यंत ने गन्धर्व विवाह (Marriage) कर के ही शारीरिक सम्बन्ध स्थापित किया था जिसके बाद भरत पैदा हुए जिसके नाम पर अपने देश का नाम "भारत" पड़ा , यानि विवाह के बाद ही सेक्स-

विवाह (Marriage) से पहले क्यों नहीं करना चाहिए शारीरिक सम्बन्ध -


कहने का तात्पर्य ये है की विवाह (Marriage) के बाद ही शारीरिक सम्बन्ध को ही नैतिक सम्बन्ध कहेंगे अगर शास्त्रों को थोड़ी देर के लिए भूल भी जाये तो आप  देखेंगे की बिना शादी के सम्बन्ध  करने के कारण लड़की  के जीवन में बहुत सी हानियाँ हो सकती हैं जैसे-

विवाह (Marriage) से पहले गर्भवती  होने का खतरा-

यदि शादी से पहले शारीरिक सम्बन्ध करने के बाद लड़की गर्भवती हो जाती है तो उस बच्चे का लालन-पालन किसकी जिम्मेदारी पर होगा? देश में गर्भपात का सबसे बड़ा कारण ऐसा सेक्स ही है क्योंकि अधिकतर प्रेमी जोड़े इस हालत में नहीं होते कि वो पैदा होने वाले बच्चे की जिम्मेदारी उठा सके यानि जच्चा-बच्चा दोनों की जान का खतरा ही है-

कुंठा का शिकार होना-

अगर किसी कारणवश शरीरिक सम्बन्ध के बाद भी  किसी लड़की की शादी उसके प्रेमी के साथ नहीं होती है तो जिन्दगी भर लड़की कुंठा का शिकार रहेगी और प्रेमी द्वारा ब्लैक-मेलिंग का डर भी रहेगा-

शादी से पहले अनुचित क्यों है

एक बार शरीरिक सम्बन्ध स्थापित करने के बाद मन पर नियंत्रण रखना कठिन हो जाता है इसलिए शादी के बाद पतिव्रता होने की सम्भावना कम हो जाती है जिससे परिवार नष्ट होने का खतरा रहता है-

इसके अलावा और भी कई खतरे हैं जिनको आप सब भी जानते ही होंगे बस जादा क्या लिखूं-क्युकि सभी जानते है इसके परिणाम लेकिन फिर भी मानते नहीं है-

आपने जीवन में क्या पसंद करेगें-

अगर आप बाज़ार से कोई फल लेने जाते हैं तो आप कौन सा फल खरीदेंगे-"दाग वाला या ताज़ा" शायद सभी का एक ही उत्तर होगा-"ताजा फल लेगें"-वास्तव में सभी ताज़े फल ही लेना पसंद करते हैं क्युकि आप जानते है ताजे फल सेहत के लिहाज से अच्छे होते है ताज़े फलों को खाने के बाद हमारे मन को खुशी मिलती है-

तो ठीक उसी प्रकार जब जब शादी होती है तो पति-पत्नी दोनों ही चाहते हैं की उनका जीवन साथी पूर्णतः "कुंवारा या कुंवारी" हो और एक दम ताज़ा हो-बेदाग हो और उसपर पहले से किसी और का हक ना हो क्युकि सुहाग सेज पर पहली बार अपने जीवन साथी से साथ अन्तरंग होने का अहसास नैसर्गिक होता है क्योंकि उस के बाद जीवन की हर मुसीबत का मिल के सामना करने की भावना प्रबल होती है-

आप ने  देखा होगा कि यदि किसी ने शादी से पहले शरीरिक सम्बन्ध ना किया हो तो वो शादी को ले के ज्यादा खुश और उत्तेजित रहते हैं शादी के बाद ऐसे लोग अपने जीवन साथी के प्रति ज्यादा ही वफादार होते हैं और परिवार के बारे में ज्यादा समर्पित रहता/ रहती है-

तो फिर आप क्यों शादी के पहले शरीरिक सम्बन्ध के पीछे लालयित होकर भागते है और न प्राप्त होने पर मानसिक रूप से और शरीरिक रूप से बीमार हो जाते है और बाद में होता ये है "मर्दाना ताकत के लिए मिलें" जैसी खोज बीन में समय और पैसे की बर्बादी भी होती है-

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