पेशाब अधिक होने की होम्योपैथी चिकित्सा

भागदौड की जिन्दगी जीने वाले लोगों में मूत्र रोग या अधिक पेशाब होने(Urination Frequent)की समस्या होती है बहुत से लोगों की जीवन शैली से यह बीमारी जुड़ गयी है इसके कारण न सिर्फ मूत्र रोग बल्कि नपुंसकता की शिकायत भी बढ़ रही हैं इसलिये आपको यौन मार्ग की सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है-पर्याप्त सफाई के अभाव में संक्रमण होने की संभावना रहती है जिन लोगों को अधिक पेशाब की शिकायत होती है वो नीचे दिए गए लक्षणों के आधार पर होम्योपैथी चिकित्सा का लाभ ले सकते है-

पेशाब अधिक होने की होम्योपैथी चिकित्सा

होमियोपैथिक चिकित्सा(Homeopathic Medicine)-


1- डायबिटीज-इसीपीड्स(Diabetes-Iseepeeds)-इस रोग में पेशाब मे चीनी विल्कुल नही रहती है लेकिन अधिक मात्रा में और जल्दी जल्दी पेशाब होने के साथ पेशाब में यूरिया निकलना, उसके साथ प्यास, शीर्णता और बेचैनी रहती है इस तरह के मूत्र सबंधी बीमारी में हेलोनियस 30 या 200 देना काफी लाभप्रद है-

2- पेशाब करते समय जोर लगाना, मूत्रावरोध, जलन, मूत्राशय ग्रीवा में दर्द,मूत्र पथरी निकलने के समय भयंकर दर्द, इसमें बायोकेमिक दवा Magnesia phos 12X काफी लाभप्रद है चार चार गोली ग्राम पानी के साथ लेने से रोग की तीव्रता में लाभदायक सिद्ध होती है-

3- बार-बार अधिक पेशाब होना(Urination Frequent)-बहुमूत्र रोग की प्रधान परिक्षित दवा Natrum phos 12X है-

4- पीले रंग का पेशाब अधिक होना(Urination Frequent), छीकते या खांसते समय, या अनजाने में चलते चलते पेशाब का निकलना, पेशाब करते समय किसी के अगल बगल रहने पर पेशाब का न उतरना, ऐसी परिस्थिति में Natrum Mur 3X से उच्च शक्ति की दवा काफी लाभप्रद है-

5- सर्जिकल आपरेशन होने के बाद पेशाब के बंद होने पर Causticum 30 लाभप्रद है-

6- रात के समय पेशाब का बढ़ना,अधिक मात्रा में पेशाब का होना, दिन में भी बार बार पेशाब का होना साथ ही अधिक प्यास का लगाना आदि लक्षणों में Plantego Q 2X, 3X शक्ति की दवा काफी  लाभप्रद है-

7- पेशाब होने के पहले और बाद में मूत्र नली में जलन होने पर रोग कोई भी हो Vulgaris Q पाँच बून्द से सात बूंद 50 मिली पानी में मिला कर तीन बार लें ये शर्तिया लाभप्रद है-

8- पेशाब रुक रुक कर होना, मानो मूत्र यंत्र में पक्षाघात(सुन्नपन) हो गया हो-प्रोस्टेट ग्रंथि की वृद्धि हो गयी हो तो इसके लिए Conium30 का सेवन दिन में तीन बार करने से बीमारी में राहत  मिल जाती है-

9- पेशाब करते वक्त नही बल्कि अन्य समय में मूत्राशय में जलन होने पर Stefisegria30 रामबाण अौषधी का काम करता है-

10- पेशाब का वेग बना रहना, रात के समय ही यह वेग ज्यादा रहना-वेग रहने पर भी मूत्राशय की शक्ति घट जाना, जिस कारण बहुत देर बैठने पर भी पेशाब का धीरे धीरे होना,पेशाब होने के बाद भी बूंद बूंद पेशाब टपका करना, आग की तरह पेशाब का गरम होना लक्षणों में Kelicarb 30 शक्ति की दवा का तीन बार चार चार गोली का सेवन करना चाहिए-

11- मूत्राशय के भीतर एक प्रकार का दर्द होता है लगता है मानो  मूत्राशय फूल उठा हो बार बार और जल्दी जल्दी पेशाब का होना, पेशाब में बदबू रहती है, रोगी के शरीर पर सूजन आ जाती है और वह सो नही पाता  है, इस तरह की बीमारी में मैजलिस क्यू30 शक्ति की दवा का प्रयोग करें चाहिए-

12- रोगी को तेज प्यास,शरीर का चमड़ा फीका और सुखा, शरीर में भयानक दाह, रह रह कर पसीना होना, साफ पानी की तरह बार बार पेशाब होना और उसके साथ पतले डीएसटी आना, वमन शोथ इत्यादि लक्षण रहने पर एसिड एसेटिक 30 शक्ति की दवा लाभप्रद है-

13- चीनी मिला बहुमूत्र बार बार होना अधिक भूख-प्यास, रोगी का दिन पर दिन दुबला होते जाना पेट में वायु इकठा होना पाकस्थली में जलन रहने पर Uranium nitricum २X,६X, 30 शक्ति की दवा लाभकारी होती है-

14- पेशाब में घोड़े की पेशाब की तरह गंध हो, अनजाने में पेशाब हो जाता हो, वाट गठिया की बीमारी हो तो एसिड नाइट्रिक विशेष रूप से लाभप्रद है-


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