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20 सितंबर 2018

फोड़े-फुंसी-सूजन-कांख का फोड़े का उपचार

Boils-Pimple-Swelling-Armpit Boils-Treatment


आजकल वातावरण भी फोड़े-फुंसियों (Boils-Pimple) को उत्पन्न करने का कारण बनता है तथा कुछ संक्रामक रोगों के कारण शरीर पर फोड़े-फुंसियां निकल आती हैं फोड़े-फुंसियों के निकलने पर उनमें खुजली-जलन होती है तथा रोगी बेचैनी महसूस करता है-

फोड़े-फुंसी-सूजन-कांख का फोड़े का उपचार

फोड़े-फुंसी (Boils-Pimple) होने का मुख्य कारण-


अधिक मिर्च-मसाले खाने, तेल तथा डालडा घी के अधिक सेवन के कारण भी फुंसियां निकल आती हैं तथा बालों की जड़ों में एक सूक्ष्म कीटाणु का संक्रमण होने से फोड़े-फुंसियां निकल आती हैं इसके अलावा खून की खराबी, आम का अधिक प्रयोग करने, कच्ची अमिया खाने, आम की चेंपी लगने, मच्छर के काटने आदि के कारण भी फुंसियां निकल आती हैं त्वचा के नीचे वाली परत में सूजन या दर्द के बाद पीव भर जाती है वही फुड़िया या फुन्सी होती है-कई बार-पैरों या जांघों में एक बाल के साथ दूसरा बाल निकलने की कोशिश करता है तब बलतोड़ (फोड़ा) बन जाता है तथा बरसात के गंदे पानी के शरीर से देर तक लगने की वजह से भी कभी-कभी फुंसियां उत्पन्न हो जाती हैं-

क्या है फोड़े-फुंसी (Boils-Pimple) की पहचान-


फोड़े-फुंसी-सूजन-कांख का फोड़े का उपचार

फोड़े-फुन्सी में पहले दर्द होता है इसके बाद जब वे पक जाती हैं तो उनमें कील और पीव पड़ जाती है कुछ फोड़े-फुन्सी नुकीले बन जाते हैं और तब वे फूट जाते हैं उनमें चसक तथा लपकन पड़ती है कुछ फुंसियां बिना पके ही बैठ जाती हैं लेकिन इनके भीतर पानी तथा पीव भरी रहती है इसलिए कुछ दिनों बाद वे पुन: पककर फटती हैं इनमें दर्द तथा जलन भी होती है-

फोड़े फुंसी के लिए घरेलू उपचार (Boils-Pimple)-


1- फोड़े और फुन्सी को ठीक करने के लिए आप 1 से 3 ग्राम त्रिफला का चुर्ण (Triphala Powder) भी खा सकते हैं और इस चुर्ण को पानी में घोलकर फोड़े और फुंसी को धो भी सकते हैं दोनों ही प्रकार से त्रिफला के चुर्ण का प्रयोग करने से फोड़े और फुंसी जल्दी ठीक हो जाते हैं-

2- यदि किसी व्यक्ति को फुंसियाँ हो गई हैं तो इन्हें ठीक करने के लिए कुछ अरंडी के बीज (Castor Seeds) लें और उनकी गिरी को पीस लें अब आप इसकी पुल्टिस बना लें और इसे फोड़े या फुंसी पर बांध लें इस प्रयोग से फोड़ा या फुंसी जल्दी ही ठीक हो जायेंगें-

3- यदि आपकी फोड़ा या फुंसी पक गई हैं और उसमें से निरंतर खून बह रहा हैं तो आप अधिक रक्त बहने से रोकने के लिए सुहागा (Borax) लें और उसे बारीक पीस लें-इसके बाद इसका लेप फोड़े या फुंसी पर करें-इसे लगाने के साथ ही खून बहना बंद हो जाएगा तथा घाव भी जल्द ही भर जाएगा-

4- फोड़े और फुंसी होने पर आम के फल की गुठली (Mango’s Seed) लें और अनार और नीम के पेड़ की कुछ पत्तियां लें और उन्हें पीस लें इन तीनों को अच्छी तरह से पिसने के बाद इसे फोड़े और फुंसी पर लगा लें-आपको लाभ काफी राहत मिलेगी-

5- फोड़े और फुंसियों से छुटकारा पाने के लिए थोडा कालाजीरा (Black Cumin) लें और उसके साथ थोडा सा मक्खन लें-अब इन दोनों को एक साथ खा लें-

कांख की गांठ (Armpit Lumps)-


1- कांख के नीचे या आस-पास अगर गांठ निकल जाएँ तो इसे ठीक करने के लिए आप कुचला लें और उसे पानी के साथ पीस लें-पिसने के बाद इसे थोडा गर्म कर लें और इसका लेप फोड़े या फुंसी पर लगायें-फोड़ा ठीक होने के बाद भी कुछ दिन लेप का प्रयोग अवश्य करते रहे जिससे दुबारा निकलने की संभावना नहीं रहती है-कुचला आसानी से पंसारी से मिल जाता है-

2- इसके अलावा आप कांख के फोड़े या फुंसी को ठीक करने के लिए अरंडी का तेल लें, गुड़ लें, गुग्गल तथा कुछ राई के दाने लें और इन्हें एक साथ पीस लें फिर पिसने के बाद इस मिश्रण में थोडा सा पानी मिला लें और इसे थोडा गर्म कर लें तथा अब इस मिश्रण को  आप फोड़े पर लगा लें-फोड़ा जल्द ही बिल्कुल ठीक हो जाएगा-

कंठमाला (Scrofula) की गांठों का उपचार-


1- जब गले में दूषित वात, पित्त और मेद गले की पीछे की नसों में एक साथ इकट्ठे हो जाते हैं और धीरे-धीरे ये फैलने लग जाते हैं जिसके कारण गले में छोटी-छोटी गांठे उत्पन्न हो जाती हैं-उन्हें गण्डमाला या कंठमाला कहते हैं गण्डमाला के कारण निकली हुई ये गांठे गर्दन में निकलना शुरू होती हैं और धीरे-धीरे कंधे तथा जांघों में हो जाती हैं-ये गांठे देखने में बहुत ही छोटी होती हैं और फिर धीरे-धीरे ये पक जाती हैं अगर आपके भी गले में कंठमाला का रोग हो गया हैं तो इसे ठीक करने के लिए आप नीचे दिया गया उपाय आजमा सकते हैं-

2- कंठमाला की गांठों को ठीक करने के लिए क्रौंच के बीज (Kaunch Beej) लें और उन्हें घीस लें और  इसके बाद इसका लेप गांठों पर करें आप जल्द गांठों से राहत पाने के लिए आप इस लेप को लगाने के साथ-साथ अरंडी के पेड़ की पत्तियों के लगभग 80 ग्राम रस का भी सेवन कर सकते हैं-

3- कंठ माला की गांठों से जल्द मुक्ति पाने के लिए कफ बढाने वाले पदार्थों का सेवन बिल्कुल सेवन न करें-

फोड़े से पस या मवाद बहने (Pus) के लिए उपचार-


1- फोड़ा या फुंसी जब पक जाए और उसमें से पस या मवाद बहने लगे तथा इसके साथ ही पीड़ा भी हो तो थोडा अरंडी का तेल (Castor Oil) लें और आम के पत्तों की राख लें और अब इन दोनों को एक साथ मिलाकर आप अपनी फुंसी पर लगा लें-जल्द ही फोड़ा ठीक हो जाएगा-

2- फुंसियों को ठीक करने के लिए थूहर का पत्ता (Euphorbia Leaves) लें और उस पर अरंडी का तेल (Castor Oil) लगा लें अब इसके बाद इस पत्ते को हल्का सेंक लें फिर इस पत्ते को उल्टा कर लें और इसे फोड़े पर बांध दें-इस पत्ते को बांधने से फोड़े से सारा मवाद बाहर निकल जाएगा और जल्द ही फोड़ा या फुंसी ठीक हो जायेगा-

पीठ पर फोड़ा (Boil On Back) होने पर-


यदि किसी व्यक्ति की पीठ पर फोड़ा हो जाये तो कोई भी व्यक्ति इसे ठीक करने के लिए वह गेहूं के आटे (Wheat flour) का प्रयोग कर सकता हैं अप इसके लिए थोडा सा आटा लें और उसमें थोडा नमक और पानी डाल लें और अब आप इस आटे की पुल्टिस बना लें और इसे पीठ के फोड़े पर लगा लें चार या पांच दिन लगातार लगाने से फोड़ा ठीक हो जाएगा-

सूजन (Swelling) होने पर करे उपचार-


1- शरीर में सूजन आ जाने पर अनानास का एक पूरा फल प्रतिदिन खाने से आठ दस दिनों में ही सूजन कम होने लगती है तथा पन्द्रह बीस दिनों में पूर्ण लाभ हो जाता है-

2- अगर घाव में सूजन हो तो रेंड (एरण्ड) के पत्ते का तेल लगाकर गर्मकर बांध दें आपकी सूजन खत्म हो जायेगी-

3- हरी मकोय के अर्क में अमलतास के गूदे को पीसकर सूजन वाली जगह पर लेप करने से सूजन कम हो जाती है-

4- ग्वारपाठे के टुकड़े को एक ओर से छीलकर उस पर थोड़ी सी पिसी हुई हल्दी छिड़के तथा आग पर गरम करके सूजन वाले स्थान पर बांध दें तो सूजन कम हो जाती है इसे तीन चार बार बांधना चाहिए-

अण्डकोषों की सूजन (Andkoshon Inflammation)-


तम्बाकू के हरे पत्तों को भी आग पर सेंककर बांधने से अण्डकोषों की सूजन दूर हो जाती है यदि हरा पत्ता न मिल सके-तो आप सूखे पत्ते पर पानी छिड़ककर उसे मुलायम कर लें-तत्पश्चात उस पर तिल का तेल चुपड़कर आग पर गर्म करें और अण्डकोशों पर बांध दें-


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