छुहारे की इतनी जानकारी आपको पहले नहीं होगी

क्या आप जानते है कि बाजार में आसानी से प्राप्त होने वाला छुहारा(Date Palm)भी बड़े काम का है क्या आपको पता है कि छुहारे के कितने उपयोग है शायद आपको पहले कभी इतनी जानकारी नहीं होगी तो आइये जाने कि ये छुहारा(Date Palm)कितने काम चीज है-

छुहारे की इतनी जानकारी आपको पहले नहीं होगी

छुहारे(Date Palm)के विभिन्न प्रकार के उपयोग-


1- 250 मिलीलीटर दूध में 2 छुहारा डालकर उबाल लें और जब दूध अच्छी तरह से उबल जाये और उसके अन्दर का छुआरा(Date Palm)फूल जाये तो इस दूध को ठण्डा करके फिर छुआरे को चबाकर खिलाने के बाद ऊपर से बच्चे को दूध पिला दें ऐसा रोजाना करने से कुछ दिनों में ही बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना बंद हो जाता है-

2- यदि बच्चे बिस्तर में पेशाब करते हो तो रोजाना रात को सोते समय खाली दो छुहारे खिलाने से भी लाभ होता है-

3- छुहारा(Date Palm)शरीर में खून को बनाता है तथा शरीर को बलवान व मोटा बनाता है इसके लिए दूध में दो छुहारे उबाल कर खाने से मांस, बल और वीर्य बढ़ता है तथा बच्चे के लिए छुहारा दूध में भिगो देते हैं और जब दूध में रखा छुहारा फूल जाता है तो इसे छानकर तथा पीसकर बच्चों को पिलाना चाहिए-

4- दो या तीन छुहारों को स्टील या चीनी मिट्टी के बर्तन में रात-भर पानी में भिगोए रखने के बाद सुबह गुठली अलग कर दें और छुहारे को दूध में पकाकर सेवन करें इससे आपके शरीर की कमजोरी मिट जाती है-

5- दो या तीन छुहारे रोजाना खाने से शीघ्रपतन के रोग में लाभ मिलता है और जिन लोगों का वीर्य पतला निकलता है वह गाढ़ा हो जाता है सर्दियों  में इसका सेवन पूरी सर्दी में करना आपको लाभदायक है-

6- यदि आपके घर में बूढे़ आदमी बार-बार पेशाब जाते हो तो उन्हें रोजाना दो छुहारे खिलाना चाहिए तथा रात को दो छुहारे खिलाकर उपर से उनको दूध पिलाना चाहिए-

7- पथरी, लकवा, पीठदर्द: पथरी, लकवा, पीठदर्द में छुहारा सेवन करना लाभदायक होता है तथा यह मासिक-धर्म को शुरू करता है छुहारा अवरोधक अर्थात बाहर निकालने वाली चीजों को रोकता है जैसे दस्त, आंसू, लार, वीर्य और पसीना आदि सभी को रोकता है तथा छुहारे में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है इसलिए कैल्शियम की कमी से उत्पन्न होने वाले रोग जैसे हडि्डयों की कमजोरी, दांतों का गलना आदि छुहारा खाने से ठीक हो जाते हैं-


8- रात को पानी में दो छुहारे और पांच ग्राम किशमिश भिगो दें फिर सुबह को पानी से निकालकर दोनों मेवे दूध के साथ खाने से शरीर में आई हुई नपुंसकता दूर हो जाती है या फिर छुहारे को दूध में देर तक उबालकर खाने से और दूध पीने से नपुंसकता खत्म हो जाती है-


9- बराबर मात्रा में मिश्री मिले दूध में छुहारों को उबालकर गुठली हटाकर खाने से नपुंसकता दूर हो जाती है और इससे वीर्य, बल, बुद्धि भी बढ़ती है-


10- अगर बालक को दस्त कराना हो तो रात को छुहारों को पानी में भिगो दें और सबेरे छुहारों को पानी में मसलकर निचोड़ लें और छुहारे को फेंक दें उसके बाद वही पानी बच्चे को पिलायें तो इससे दस्त साफ होगा अथवा थोड़े से गुलाब के फूल और चीनी खिलाकर ऊपर से पानी पिला दें इससे भी दस्त साफ होगा-


11- अगर आपका बच्चा कमजोर हो तो उसे उम्र के अनुसार 6 ग्राम से 30 ग्राम तक छुहारे लेकर पानी में धोकर साफ कर लें और गुठली निकालकर दूध में भिगो दें फिर थोड़ी देर बाद छुहारों को निकालकर सिल पर पीस लें और कपड़े में रस निचोड़ लें-इस तरह दिन में तीन बार हर बार ताजा रस निकालकर बच्चे को पिलायें आप यकीन करें बच्चे के शरीर में खूब ताकत आ जायेगी लेकिन एक महीने से कम उम्र के बच्चे को यह रस नहीं पिलाना चाहिए-


12- लगभग 10 ग्राम छुहारे लेकर सिल पर पीस लें और रोजाना कम से कम 2 ग्राम की मात्रा में इस छुहारे के चूर्ण को 250 मिलीलीटर हल्के गर्म दूध के साथ सोते समय लेने से शरीर मजबूत होता है इसका सेवन केवल सर्दियों के दिनों में ही करना चाहिए-


13- छुहारा शरीर को मजबूत व शक्तिशाली बनाता है दूध को गर्म करते समय यदि उसमें छुहारा या खजूर डाल दिया जाए और फिर उस दूध को पियें तो वह शरीर को बहुत ही शक्तिशाली बनाता है इसका सेवन ठण्ड के मौसम में जादा करना लाभदायक है-


14- लगभग 500 मिलीलीटर की मात्रा में दूध लेकर उसमें दो छुहारे डाल दें अब दूध के आधा रह जाने तक गर्म करें तथा फिर इस दूध में दो चम्मच मिश्री या चीनी लेकर मिलाकर पीयें और छुहारे को खा जायें-इसको खाने से शरीर में मांस बढ़ता है तथा शरीर की ताकत बढ़ती है और मनुष्य का वीर्य बल भी बढ़ता है ये छुहारा खून भी बढ़ाता है लेकिन इसका प्रयोग केवल सर्दी के दिनों में ही करना चाहिए-इसका सेवन करने के दो घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए ध्यान रहे कि एक बार में चार से ज्यादा छुहारों का सेवन नहीं करना चाहिए-


15- किसी मिट्टी या कांच के बर्तन में पानी लेकर इसमें दो  छुहारे शाम को भिगोकर रख दें और सुबह उठकर इन छुहारों की गुठली को निकालकर इन्हें लगभग 500 मिलीलीटर दूध में गर्म करें और 250 मिलीलीटर दूध रह जाने तक गर्म करें अब बचे हुए दूध को पीने से शरीर की कमजोरी खत्म हो जाती है और शरीर को भरपूर मात्रा में ताकत मिलती है-


16- गुठली निकालकर छुहारे के टुकड़े दिन में 8-10 बार चूसें और कम से कम 6 महीने तक इसका सेवन करने से मधुमेह में भी लाभ होता है-


17- दो छुहारों और मिश्री को दूध में डालकर उबालें और गर्म हो जाने पर उसकी गुठली को निकालकर छुहारे को हल्के गर्म दूध के साथ लेने से बुद्धि का विकास होता है-


18- छुहारे को जलाकर राख बनाकर मक्खन के साथ मिलाकर घाव पर लगाने से उपदंश में बहुत लाभ मिलता है-


19- दो या तीन छुहारे रोजाना दूध में उबालकर खाने और दूध पीने से वीर्य की कमी से होने वाला सिर का चकराना ठीक हो जाता है-


20- दो से चार छुहारों को दूध में डालकर ऊपर से मिश्री मिलाकर दूध को उबाल दें गुठली हटाकर खाने से और दूध को पी लेने से रक्तपित्त में लाभ होता है-


21- छुहारा खाने से खून साफ हो जाता है और त्वचा के रोग दूर हो जाते हैं-


22- दो छुहारे रात को 300 मिलीलीटर दूध में उबालकर खाने और दूध पीने से निम्न रक्तचाप(लो ब्लड प्रेशर)सामान्य हो जाता है-


23- सिर दर्द होने पर छुहारे की गुठली को पानी में घिसकर माथे पर लेप की तरह लगाने से सिर का दर्द दूर हो जाता है-


24- दो से चार छुहारों को गाय के दूध में उबाल लें तथा उबल जाने पर छुहारे निकालकर खायें तथा बचे हुए दूध में मिश्री मिलाकर पीयें इस तरह रोजाना सुबह-शाम इसका सेवन करने से मसूढ़ों से खून व पीव का निकलना बंद हो जाता है-


25- छुहारे की गुठली और ऊंटकटारे की जड़ की छाल का चूर्ण खाने से अग्निमान्द्यता(भूख का न लगना)में आराम मिलता है-


26- छुहारे के पेड़ से प्राप्त गोंद को 3 ग्राम से लेकर 6 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम चाटने से अतिसार (दस्त)में आराम मिलता है-


27- छुहारे से गुठली निकालकर उसमें गुग्गुल भर दें तथा इसके बाद छुहारे को तवे पर सेंककर दूध के साथ सेवन करें तथा सुबह-शाम एक-एक छुहारा खाने से कमर दर्द मिट जाता है-


28- सुबह-शाम दो छुहारों को खाने से कमर दर्द में लाभ होता है-सोते समय एक छुहारा दूध में उबालकर खा लेते हैं और दूध को पी लेते हैं इसके सेवन के 2 घंटे बाद ही पानी पिये ऐसा करने से आवाज साफ हो जाएगी-

29- पान में छुहारा और सोंठ रखकर कुछ दिनों तक चूसने से श्वास रोग(दमा)दूर हो जाता है-


30- रोजाना दो से चार छुहारा मिश्री मिले हुए दूध में उबालकर गुठली हटाकर छुहारा खाने के बाद वहीं दूध पीने से बहुत लाभ होता है इससे शरीर में ताकत आती है तथा बलगम निकल जाता है जिससे श्वास रोग(दमा)में राहत मिलती है-

उत्तम योग-


गुठली रहित छुहारे- 250 ग्राम

भुने चने- 250 ग्राम
गेहूं का आटा- 250 ग्राम
चिलगोजा- 60 ग्राम
बादाम की गिरी- 60 ग्राम
गाय का घी- 500 ग्राम
शक्कर- 500 ग्राम
गाय का दूध- 2 लीटर   


सबसे पहले आप दूध में छुहारों को कोमल होने तक उबालें फिर निकालकर बारीक पीस लें और फिर उसी दूध में हल्की आग पर खोवा बनने तक तक पकाएं और अब घी को आग पर गर्म करके गेहूं का आटा डालकर गुलाबी होने तक धीमी आग में सेंक लें फिर इसके बाद उसमें चने का चूर्ण और खोवा डालकर फिर धीमी आग पर गुलाबी होने तक भूने और जब सुगंध आने लगे तो इसमें शक्कर डालकर खूब अच्छी तरह मिलाएं और हलवा तैयार हो जाए तब इसमें और बाकी सारी चीजों को डालकर रखें अब इसे रोज 50-60 मिलीलीटर की मात्रा में गाय के गर्म दूध के साथ रोजाना एक बार सेवन करने से शरीर की कमजोरी मिट जाती है-

Upcharऔर प्रयोग-

1 टिप्पणी:

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