अल्सर होने पर घरेलू प्रयोग अपनायें

Home Remedies for Ulcer


अल्‍सर (Ulcer) होने पर छाती के पास दर्द होता है अगर दर्द छाती के पास हो तो इसे एसिडिटी रिफ्लेक्शन का असर समझना चाहिए इससे दिल के दर्द का शक होता है लेकिन दिल का दर्द छाती के ऊपरी हिस्से में होता है और कभी-कभी एसिडिटी की वजह से भी उसी जगह दर्द होता है इसलिए इन दोनों स्थिति के बीच में बिना जांच के अंतर समझ पाना आसान नहीं है-


अल्सर होने पर घरेलू प्रयोग अपनायें

अल्‍सर के मरीजों का वजन बहुत तेजी से घटने लगता है अल्‍सर (Ulcer) होने पर मरीज खाने के प्रति उदासीन हो जाता है जिसके कारण वजन कम होता है और खाना भी अच्‍छे से नही पच पाता जो वजन घटने का कारण है खासकर पेप्टिक अल्‍सर होने पर बिलकुल भूख नही लगती है सामने खाना होने पर भी खाने की इच्छा नहीं होती है-

उल्टी होना या उलटी जैसा महसूस होना अल्‍सर (Ulcerका लक्षण माना जा सकता है ऐसी स्थिति में अक्‍सर मरीज को लगता है कि उलटी होने वाली है लेकिन जब अल्‍सर बढ़ जाता है तो हालत और भी खराब हो सकती है अल्‍सर बढ़ने पर तो खून की उलटी हो सकती है ऐसे में स्टूल (मल) का रंग काला हो जाता है-

चूँकि शरीर में विजातीय द्रव्यों (विष) का बढ़ना भी इस रोग का कारण है अतः मात्र आमाशय के घाव को निरोग करना इसका स्थायी निवारण नहीं क्योंकि शरीर की दूषित अवस्था में एक स्थान का घाव अच्छा होने पर उसकी दूसरे स्थान पर पुनः उत्पन्न होने की सम्भावना रहती है अतः आहार चिकित्सा के साथ-साथ शरीर का शोधन करना अति आवश्यक है रोगी को कम-से-कम तीन सप्ताह तक प्राकृतिक उपचार एवं प्राकृतिक नियमों का पालन करना चाहिए रोगी को अल्सर की चिकित्सा में प्रतिदिन पेट की लपेट का प्रयोग करना चाहिए-

पेट की लपेट की विधि-


पेट की लपेट के लिए महीन सूती कपडा लगभग एक फिट चौड़ा एवं लम्बा इतना कि पेट पर तीन-चार लपेटे लग जाएँ इस कपडे कि पट्टी को ठन्डे पानी में भिगोकर निचोड़ लें तत्पश्चात इसे पेडू से नाभि के ऊपर तक रखकर लपेट लें इस गीली पट्टी के ऊपर कोई गर्म कपडा जैसे शाल या चादर इस तरह लपेटें कि नीचे वाली गीली पट्टी पूरी तरह से ढक जाय इसके अतिरिक्त निम्नलिखित क्रम से चिकित्सा करनी चाहिए-

अल्‍सर (Ulcer) के लिए घरेलू उपाय-


1- अल्‍सर (Ulcerके लिए पोहा बहुत फायदेमंद घरेलू नुस्खा है इसे बिटन राइस भी कहते हैं आप पोहा और सौंफ को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लीजिए 20 ग्राम चूर्ण को 2 लीटर पानी में सुबह घोलकर रखिए तथा इसे रात तक पूरा पी जाएं यह घोल नियमित रूप से सुबह तैयार करके दोपहर बाद या शाम से पीना शुरू कर दें इस घोल को 24 घंटे में समाप्त कर देना है इससे आपको अल्सर में आराम मिलेगा-

2- सहजन (Drumstick) के पत्ते को पीसकर दही के साथ पेस्ट बनाकर लें और इस पेस्ट का सेवन दिन में एक बार करने से अल्सर में फायदा होता है-

3- अल्सर के रोगी को ऐसा आहार देना चाहिये जिससे पित्त न बने, कब्ज और अजीर्ण न होने पाये इसके अलावा अल्‍सर के रोगी को अत्यधिक रेशेदार ताजे फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए जिससे अल्‍सर को जल्‍दी ठीक किया जा सके-

4- पेप्टिक अल्सर के उपचार के लिए बकरी का दूध बहुत प्रभावी है यह छालों को भरने के लिए कारगर है इसे कच्चा लेने से भी अल्सर के रोगी को बेहतर नतीजे मिलते हैं एक गिलास ता़ज़ा और कच्चा दूध दिन में तीन बार लें-

5- बेलफल का गूदा अल्‍सर (Ulcerमें बहुत राहत पहुँचाता है इसका शरबत बनाकर भी पी सकते हैं यह फल लिसलिसा होता है और इसकी प्रकृति भी ठंडी होती है यह आपके पेट की अंदरुनी सतह पर सुरक्षा कवच की तरह काम करता है-

6- मेथीदाने को पानी में उबालकर पीने से पेप्टिक अल्सर में राहत मिलती है मेथीदाने को पानी में उबालने पर यह हल्के से लिसलिसे हो जाते हैं यह लैस पेट में पहुँचकर छालों पर जमकर सुरक्षाकवच के रुप में काम करता है जिससे मरीज़ को राहत मिलती है-

7- पेप्टिक अल्सर के लिए केला सबसे प्रभावी उपायों में से है केले में एसिडिटी कम करने वाला एक पदार्थ होता है जिसे विटामिन-यू कहा जाता है इसके प्रभाव से अल्सर से होने वाली जलन कम होती है पेप्टिक अल्सर से गंभीर रुप से प्रभावित रोगियों को एक गिलास दूध और दो केले दिनभर में तीन-चार बार लेना चाहिए इसके अलावा और कुछ नहीं खाना चाहिए-

8- पत्ता गोभी और गाजर को बराबर मात्रा में लेकर जूस बना लीजिए इस जूस को सुबह-शाम एक-एक कप पीने से पेप्टिक अल्सर के मरीजों को आराम मिलता है-

9- छाछ की पतली कढ़ी बनाकर रोगी को रोजाना देना चाहिये तथा अल्सर में मक्की की रोटी और कढ़ी खानी चाहिए-

10- दूध पीने से भी गैस्ट्रिक एसिड बनाता है लेकिन अगर आप आधा कप ठंडे दूध में आधा नीबू निचोड़कर पियें तो वह पेट को आराम देता है और जलन का असर कम हो जाता है और आपका अल्‍सर ठीक होता है-

विशेष सूचना-

सभी मेम्बर ध्यान दें कि हम अपनी नई प्रकाशित पोस्ट अपनी साइट के "उपचार और प्रयोग का संकलन" में जोड़ देते है कृपया सबसे नीचे दिए "सभी प्रकाशित पोस्ट" के पोस्टर या लिंक पर क्लिक करके नई जोड़ी गई जानकारी को सूची के सबसे ऊपर टॉप पर दिए टायटल पर क्लिक करके ब्राउज़र में खोल कर पढ़ सकते है....

किसी भी लेख को पढ़ने के बाद अपने निकटवर्ती डॉक्टर या वैद्य के परमर्श के अनुसार ही प्रयोग करें-  धन्यवाद। 

Upchar Aur Prayog

Upcharऔर प्रयोग की सभी पोस्ट का संकलन

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Upchar Aur Prayog

About Me
This Website is all about The Treatment and solutions of Home Remedies, Ayurvedic Remedies, Health Information, Herbal Remedies, Beauty Tips, Health Tips, Child Care, Blood Pressure, Weight Loss, Diabetes, Homeopathic Remedies, Male and Females Sexual Related Problem. , click here →

आज तक कुल पेज दृश्य

हिंदी में रोग का नाम डालें और परिणाम पायें...

Email Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner