20 जून 2017

घुटने के दर्द में अरंडी के पत्ते का प्रयोग

Use of Castor Leaves in Knee Pain


एरंडी को अंडी (Castor) के नाम से भी जाना जाता है एरंडी उत्तम वात नाशक है उसका तेल बेहद चिकनाई युक्त होता है इसीलिए इससे केस्ट्रोल नामक इंजिन लुब्रिकेंट भी बनता है ये वातनाशक, जकड़न दूर करने वाला और शरीर को गतिशील बनाने वाला होने के कारण इसे संस्कृत में गन्धर्व भी कहा जाता है देव् लोक में नृत्य करने वाले गन्धर्व जैसे सुडौल, सुकोमल, सुंदर और फुर्तीले तथा चमकीली त्वचा और घने केश कलाप लिए होते है यही गुण एरंड (Castor) में पाए जाते है-

घुटने के दर्द में अरंडी के पत्ते का प्रयोग

आज हम आपको एरंडी के पत्तो (Castor Leaves) का प्रयोग घुटनों के दर्द में कैसे करे यह बताते है अगर आपके दोनों घुटनों में तकलीफ हो तो फिर आपको इस प्रयोग में 4 पत्ते लगेंगे एरंडी (अंडी) के पत्ते खुली हथेलियों जैसे आकार के होते है और इसकी खासियत यह है कि यह कही भी आसानी से उपलब्ध है-

घुटने के दर्द में एरंड (Castor) प्रयोग विधि-


एरंडी के पत्तो पर सीधी तरफ एरंड का तेल लगाए और इसे उल्टी तरफ से तवे पर गर्म करें अब गर्म किये हुए पत्तो को घुटने के आगे और् पीछे लगाए तथा लम्बी पट्टी नुमा सूती कपड़े से बराबर बाँध ले और पूरी रात बंधे रखकर सुबह ही निकाले-

यह प्रयोग रात्रि काल (कृष्ण पक्ष) मे उत्तम असर दिखाता है क्योंकि रात्रिकाल वायु काल होता है और एरंड एक उत्तम वायु नाशक औषधि है यह प्रयोग एड़ी के दर्द याने वात कंटक रोग में भी बहुत काभ देता है तथा छाती में होने वाली गांठ, पीठ दर्द, छाती में कफ जमा होना, गर्दन दर्द और कमर तथा कूल्हों के दर्द में भी इसकी सिकाई बहुत लाभप्रद है-

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