6 अक्तूबर 2018

मन में एड्स का डर बैठ जाना

Fear of AIDS in Mind


अनुभूत प्रयोग (Realized Experiment)-


लोकनाथजी बड़े सेवाभावी ओर मिलनसार व्यक्ति है उनकी उम्र 46 वर्ष है  किन्तु 2 साल पहले एक ऑपरेशन में जब उन्हें किसी डोनर का खून चढ़ाया गया तब से उनके मन मे एड्स (Aids) का डर बैठ गया था और वो हर महीने एड्स का चेकअप कराते और मानसिक रूप से काफी परेशान रहते थे-

मन में एड्स का डर बैठ जाना

उसमे बात और बिगड़ी जब लैब वाले ने कहा कि हर महीने चेक करवाते रहना सेहत के लिए अच्छा होता है सारी रिपोर्ट्स नेगेटिव आती थी फिर भी वह रात को ठीक से सो नही पाते थे इस चिंता के कारण उनका वजन भी काफी कम हो गया था-

पहले तो उनकी पत्नी ने यह बात किसी को नही बताई पर जब इनकी परेशानी दिनों दिन बढती गई तो मिसिज़ यादव ने यह बात उन्होंने अपने बड़े भाई को बताई चूँकि उनके बड़े भाई हमारे अच्छे परिचित है-

जब मैने लोकनाथ जी से बात की तो उन्होंने बड़े ही व्यग्र स्वर में कहा कि मेरा जी चाहता है लिया हुआ खून वापस निकाल दूँ अपने शरीर से तब उनको उनके लक्षणों के हिसाब से हमने बेचफ्लॉवर कॉम्बिनेशब 40 दिन के लिए तथा दूसरा कॉम्बिनेशन उनको अच्छी नींद आने के लिए दिया था-

20 वे दिन फॉलोअप में लोकनाथ जी ने कहा कि अब उन्हें डर या एड्स (Aids) के विचार नही आते है और वो अब एक महीने की दवाई चाहते है पूरे कोर्स के बाद आज वो स्वस्थ है और उनका ये डर अब उनके मन से निकल चुका है-

बैच फ्लावर चिकित्सा में इस प्रकार के रोगों का निदान बिना किसी साइड इफेक्ट के है और ये सबसे उत्तम चिकित्सा है अगर आपके समाज या परिवार में इस प्रकार की कोई समस्या है तो आप बैच फ्लावर चिकित्सा का प्रयोग करके लाभ ले सकते हैं-

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Chetna Kanchan Bhagat Mumbai

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