ल्यूकोडर्मा पर लगाने व खाने की दवा

Apply on and Taking Medicine for Leucoderma


वैसे तो सफ़ेद दाग यनि ल्यूकोडर्मा (Leukoderma) मे लगाने की दवाइयाँ प्रायः जलन ही पैदा करती हैं परंतु यह दवाई बिलकुल भी जलन पैदा नहीं करती है खाने की दवाइयों के साथ लगाने के लिए यह प्रयोग करे और यदि किसी कि आँख के पास या अन्य किसी कोमल अंग पर सफ़ेद दाग हो तब यह जरूर प्रयोग करें यह भी बहुत सफल दवाई है-

ल्यूकोडर्मा पर लगाने व खाने की दवा

सफेद दाग की समस्या कोई लाइलाज बीमारी नहीं है आयुर्वेदिक उपायों एवं बैच फ्लावर की चिकित्सा के जरिए इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है साथ ही यह बीमारी छूने से किसी से हाथ मिलाने से या फिर शररिक संबंध बनाने से भी नहीं फैलती है-

सामग्री-


सरसों का तेल (Mustard oil)- 250 ग्राम (कच्ची घानी का अधिक लाभदायक है)

हल्दी- एक किलो (साबुत कच्ची हल्दी ले) 

(यदि कच्ची हल्दी मिल जाए जो आधिक गुणकारी है लेकिन यदि कच्ची हल्दी ना मिले तो सुखी साबुत हल्दी 500 ग्राम ले बस ध्यान दे कि साबुत सुखी हल्दी मे घुन ना लगा हो)

बनाने का तरीका-


एक  किलो कच्ची या गीली हल्दी को या 500 ग्राम सुखी साबुत हल्दी को मोटा मोटा कूट ले अब आप इसे 4 किलो पानी मे उबाले तथा जब एक  किलो पानी बचे तब छान कर इस हल्दी के पानी को रख ले अब एक लौहे कि कड़ाही ले जिसमे 4 किलो पानी आ सके तथा इसमे 250 ग्राम सरसों का तेल व 1 किलो हल्दी का पानी मिलाकर धीमी आग पर पकाए तथा जब हल्दी का पानी खत्म हो जाए व कड़ाही मे नीचे कीचड़ सा बच जाए तब आग बंद कर दे और ठंडा होने पर तेल को सावधानी से अलग कर ले-यदि आप अधिक प्रभावशाली दवाई बनाना चाहते हैं तो इस तेल मे 3 बार 1-1 किलो हल्दी का पानी मिलाकर पकाए-यह तेल लगाने पर धीरे धीरे सफ़ेद दाग को खत्म कर देता है साथ मे खाने की दवाई भी जरूर खाए-

एक और सरल प्रयोग (Simple Use)-


बावची का एक  दाना सुबह पानी से खाली पेट ले फिर अगले दिन दो  दाने ले और इसी तरह 1-1 दाने को बढ़ाते हुए आप इसे 21 दाने तक बढ़ाए तथा फिर 1-1 दाने को कम करते हुए वापस 1 दाने पर ले आए और फिर दोबारा बढ़ाते हुए 1 से 21 तक व 21 से 1 तक ले आए आप यह प्रयोग 3-4 बार करें ऐसा करने से सफ़ेद दाग ठीक हो जाते हैं इस प्रयोग से यदि कभी कभी बीच मे गर्मी लगने लगे तो फिर आप आगे ना बढ़ाए बस वहीं से कम करना शुरू कर दे-

नारियल का पानी पीने व नारियल की गिरि खाने से गर्मी लगने कि समस्या कम हो जाती है अधिक लाभ के लिए रात को 2 कप पानी मे 2 चम्मच आंवला चूर्ण डाल दे तथा सुबह छान कर इस पानी से बावची के दाने ले तो फिर गर्मी नहीं लगती है-

अन्य प्रयोग-


1- 100 ग्राम तिल व 100 ग्राम बावची मिलाकर बारीक कूट ले तथा एक चम्मच सुबह हर दिन पानी से ले यदि बीच मे यदि गर्मी लगे तो कुछ दिन बंद कर दे तथा फिर दोबारा शुरू कर दे इससे भी सफ़ेद दाग ठीक हो जाते हैं-

2- बाबची और इमली के बीज बराबर बराबर मात्रा में पानी में 3-4 दिन भिगोकर रखे फिर छाया में सुखा दे अब इसका पेस्ट बनाकर सफ़ेद दाग पर नियमित लगाये-

3- बावची 100 ग्राम व चित्रक मूल 100 ग्राम ले तथा मोटा-मोटा कूट ले फिर रात को 2 चम्मच यह मिश्रण +1 कप पानी +2 कप दूध के साथ उबाले और जब केवल दूध बच जाए तब इसे छान कर आप दही जमा दे और इस दही मे ½ कप पानी मिलाकर लस्सी बना ले आप इसमे नमक या चीनी ना मिलाए इसे ऐसे प्रतिदिन पिए तथा कभी-कभी इसमे से मक्खन निकाल कर उस मक्खन को सफ़ेद दागों पर लगाए व लस्सी पी ले-

4- रिजका और खीर ककड़ी का रस 100-100 ग्राम मात्रा में मिलाकर सुबह शाम कुछ महीनों तक नियमित सेवन करे-

5- हरड का पावडर और लहसुन का रस मिलाकर सफ़ेद दाग पर लगायें-

6- तांबे के बर्तन में रात को पानी भरकर उसका सुबह सेवन करें तथा गाजर, लौकी और दालें अधिक से अधिक सेवन करें-एलोवेरा का जूस पीएं दो से चार बादाम डेली सेवन करें तथा सफेद तिल को खाने में अवश्य ही इस्तेमाल करें-पालक, गाय का घी, खजूर का इस्तेमाल करते रहें-

7- अदरख का जूस सफ़ेद दाग में रक्तसंचार (Circulatory) बढ़ाने एवं शक्तिवर्धक होता है-सफ़ेद दाग पर अदरख (Ginger) की पत्तियों को घिस कर लगाना लाभदायक रहता है-

8- 100 ग्राम बावची को लाकर साफ करके कूट ले तथा इसमे खैर व विजयसार का काढ़ा डाल कर धूप मे सुखाए आप काढ़ा इतना ही डालें कि एक दिन मे सुख जाए-इस तरह कम से कम 10 दिन करे-यदि इस तरह 21 बार काढ़ा डालकर सूखा ले तो अधिक अच्छा होगा उसके बाद इस बावची को बारीक पीस ले तथा ½ चम्मच इस बावची पाउडर को सुबह शाम आंवले के पानी से ले इससे भी बहुत जल्दी लाभ होता है ख़ैर व विजयसार का काढ़ा कैसे बनायें तथा आंवले के पानी के लिए नीचे देखे-

खैर विजयसार का काढ़ा बनाने की विधि-


जड़ी बूटी वाले से 250 ग्राम खैर की छाल व 250 ग्राम विजयसार की लकड़ी ले आए तथा कूट कर आपस में मिला ले फिर 50 ग्राम इस मिश्रण को 400 ग्राम पानी मे पकाए आप इसे धीमी आग पर पकाए और जब लगभग 100 ग्राम पानी रह जाए तब इसे छान ले तथा ठंडा होने पर जो बचा हुआ अंश है उसे कपड़े मे से निचोड़ ले-यह काढ़ा साफ बर्तन मे एक रात के लिए रख ले और सुबह ऊपर का साफ पानी निथार ले-जो अंश नीचे बैठ जाए उसे छोड़ दे (छानने के बाद जो बचता है उसे कचरे मे ना फेंके किसी पेड़ की जड़ में डाल दे ये बढ़िया खाद का काम करेगी) आप यह काढ़ा प्रतिदिन ताजा बनाए-

आंवले का पानी बनाने की विधि- 


रात को 2 कप पानी मे 2 चम्मच आंवला चूर्ण डाल दे तथा सुबह छान कर ही इस पानी का प्रयोग करे-


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