24 सितंबर 2018

ल्यूकोडर्मा का होम्योपैथी इलाज

Homeopathy Treatment of Leukoderma


एक बार सफेद दाग (Leukoderma) होने पर इसके फैलने की आशंका बनी रहती है होम्योपैथी इसलिए इसके सिस्टमैटिक इलाज पर जोर देती है यानी इलाज सही कारण के आधार पर हो और पूरा हो आपको पहले ये जान लेना जरूरी है कि होम्योपैथी इलाज में अमूमन 2 से 3 साल तक का समय लगता है और होम्योपैथी से 100 में से 70 मामलों में सफेद दाग को पूरी तरह से ठीक होते पाया गया है-

ल्यूकोडर्मा का होम्योपैथी इलाज

ल्यूकोडर्मा (Leukoderma) का होम्योपैथी इलाज-


अगर सफेद दाग ऑटो-इम्यून डिसऑर्डर (Auto-Immune Disorders) की वजह से हुआ है तो शरीर के बीमारी से लड़ने की क्षमता को बढ़ाकर इलाज शुरू किया जाता है ऑटो-इम्यून डिसऑर्डर के कई कारणों में से एक स्ट्रेस और इमोशनल सेट बैक (Emotional set back) भी हो सकता है इसके लिए जो दवाइयां दी जाती हैं वे निम्न प्रकार से हैं-

1- इग्नेशिया (Ignatia-30)

2- नेट्रम म्यूर (Natrum mur-30)

3- पल्सेटिल्ला (Pulsatilla-30)

4- नक्स वॉमिका (Nux vomica-30)- (खासतौर से स्ट्रेस की वजह से सफेद दाग पनपने पर)

केमिकल एक्सपोजर से सफेद दाग (Leukoderma) हुआ है तो ये फिर दवाइयां दी जाती हैं-

1- सल्फर (Sulphur-30)

2- आर्सेनिक एल्बम (Arsenic album-30)

3-अगर यह जिनेटिक कारणों से है तो सिफलिनम (Syphllinum-200) भी कारगर है

4- आर्सेनिक सल्फ फ्लेवम-6 (Arsenic sulph Flevum-6) -ऐसी दवा है जिसे किसी भी कारण से सफेद दाग होने पर दिया जा सकता है-

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