This Website is all about The Treatment and solutions of General Health Problems and Beauty Tips, Sexual Related Problems and it's solution for Male and Females. Home Treatment, Ayurveda Treatment, Homeopathic Remedies. Ayurveda Treatment Tips, Health, Beauty and Wellness Related Problems and Treatment for Male , Female and Children too.

24 सितंबर 2018

ल्यूकोडर्मा या सफ़ेद दाग नाशक लेप

Destroyer Leucoderma or White Stain


सफेद दाग (Leukoderma) या श्वेत कुष्ठ एक त्‍वचा रोग है इस रोग के रोगी  के बदन पर अलग-अलग स्‍थानों पर अलग-अलग आकार के सफेद दाग आ जाते हैं पूरे वि‍श्‍व में एक से दो से तीन प्रति‍शत लोग इस रोग से प्रभावि‍त हैं लेकि‍न इसके विपरीत भारत में इस रोग के शि‍कार लोगों का प्रति‍शत चार से पांच है शरीर पर सफेद दाग आ जाने को लोग एक कलंक के रूप में देखने लगते हैं और कुछ लोग भ्रम-वश इसे कुष्‍ठ रोग मान बैठते हैं-

ल्यूकोडर्मा या सफ़ेद दाग नाशक लेप

रक्षा अनुसंधान विकास संस्थान (DRDO) ने सफेद दाग के निदान के लिए आयुर्वेद में रिसर्च को बढ़ावा दिया है हि‍मालय की जड़ी-बूटि‍यों पर व्‍यापक वैज्ञानि‍क अनुसंधान करके एक समग्र सूत्र तैयार कि‍या है इसके परि‍णामस्‍वरूप एक सुरक्षि‍त और कारगर उत्‍पाद ल्‍यूकोस्‍कि‍न (lokoskin) वि‍कसि‍त कि‍या जा सका है इलाज की दृष्‍टि‍से ल्‍यूकोस्‍कि‍न (lokoskin) बहुत प्रभावी है और यह शरीर के प्रभावि‍त स्‍थान पर त्‍वचा के सफ़ेद धब्बे को सामान्‍य बना देता है इससे रोगी का मानसि‍क तनाव समाप्‍त हो जाता है और उसके अंदर आत्‍मवि‍श्‍वास बढ़ जाता है-ल्यूकोस्किन को तैयार करने में जिन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है वे हैं- विषनाग, बाकुची, कौंच, मंडूकपणीर्, अर्क और एलोविरा आदि -

ल्यूकोस्किन (Lokoskin) ओरल लिक्विड और ऑइन्टमेंट दोनों रूप में मौजूद है ओरल लिक्विड का फायदा यह है कि इससे नए सफेद दाग (New white stains) न हीं बनते है और शरीर की इम्यूनिटी (Immunity) बढ़ती है और स्ट्रेस (Stress) में कमी आती है-जबकि ऑइन्टमेंट से मौजूदा सफेद दाग ठीक होते हैं-

ल्यूकोस्किन (lokoskin) के अच्छे नतीजे तीन महीने में दिखने लगते हैं जबकि पूरी तरह ठीक होने में दो साल तक का वक्त लग सकता है लिक्विड और ऑइन्टमेंट पर एक महीने का खर्च करीब 700 से 800 रुपए के बीच आता है-

आयुर्वेद मानता है कि सफेद त्वचा के धब्बे (Leukoderma) ठीक होना इस बात पर बहुत हद तक निर्भर करता है कि आप कुछ जरूरी हिदायतों और खान-पान को लेकर सतर्क रहें-

क्या करे और क्या न करे-


1- हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, लौकी, सोयाबीन, दालें ज्यादा खाएं-

2- 30 ग्राम भीगे हुए काले चने और 3-4 बादाम हर रोज खाएं-

3- रात को तांबे के बर्तन में पानी को आठ घंटे रखने के बाद सुबह पीएं-

4- नित्यप्रति ताजा गिलोय या एलोविरा जूस पीना चाहिए इससे आपकी इम्यूनिटी बढ़ती है-

5- नमक, मूली और मांस के साथ दूध न पीएं- मांसाहार और फास्ट फूड कम खाएं-

6- तेज केमिकल वाले साबुन और डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें-

7- खट्टी चीजें जैस नीबू, संतरा, आम, अंगूर, टमाटर, आंवला, अचार, दही, लस्सी, मिर्च, मैदा, उड़द दाल न खाएं-

8- पर्फ्यूम, डियोड्रेंट, हेयर डाई, पेस्टिसाइड को शरीर को सीधे शरीर के संपर्क में आने से बचाएं-

नोट- 

आप ल्यूकोस्किन (Lokoskin) ओरल लिक्विड और ऑइन्टमेंट यदि चाहें तो यहाँ से डायरेक्ट मंगा सकते है-

AIMIL PHARMACEUTICALS

Read Next Post-

ल्यूकोडर्मा या विटिलिगो क्या है

विशेष सूचना-

सभी मेम्बर ध्यान दें कि हम अपनी नई प्रकाशित पोस्ट अपनी साइट के "उपचार और प्रयोग का संकलन" में जोड़ देते है कृपया सबसे नीचे दिए "सभी प्रकाशित पोस्ट" के पोस्टर या लिंक पर क्लिक करके नई जोड़ी गई जानकारी को सूची के सबसे ऊपर टॉप पर दिए टायटल पर क्लिक करके ब्राउज़र में खोल कर पढ़ सकते है....

किसी भी लेख को पढ़ने के बाद अपने निकटवर्ती डॉक्टर या वैद्य के परमर्श के अनुसार ही प्रयोग करें-  धन्यवाद। 

Upchar Aur Prayog

Upcharऔर प्रयोग की सभी पोस्ट का संकलन

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

GET INFORMATION ON YOUR MAIL

Loading...

Tag Posts