15 जुलाई 2017

बड़बड़ाना या अपने आप से बातें करना

Talking to Yourself


अक्सर लोग कहते है कि हमे स्वयं के साथ बैठकर हमे स्वयं से बाते करनी चाहिए और यह कई सुज्ञानी लोग ध्यान से तथा कई लोग बेख्याली या बेध्यानी से भी यह क्रिया करते ही है लेकिन यदि किन्ही वजहों से यह क्रिया मन के मन मे ना रहकर यदि ज्यादा उभर जाए तब आपको वास्तविक रूप से परेशानी झेलनी पड़ती है-


बड़बड़ाना या अपने आप से बातें करना

क्या है बड़बड़ाना (Murmur)-


जब यह आपने आप से बोलने की क्रिया जोर-जोर से बोलने या बुदबुदाने (Murmur) के रूप में प्रगट होने लग जाती है तब वह व्यक्ति उपहास का पात्र बनने लग जाता है इस कारण से उस व्यक्ति की शारीरिक ऊर्जा व मानसिक ऊर्जा का बहुत जादा व्यय होता है जिससे उसे थकावट, कमजोरी तथा लघुताग्रन्थि भी आती है-

आपको अपने एक केस से अवगत कराती हूँ श्रीकंठ नायडू उम्र 56 वर्ष बेंगलुरु में कॉलेज में प्रोफेसर थे वे बड़े ही पढे लिखे और ज्ञानी पुरुष थे तथा वे काफी शांत स्वभाव के व्यक्ति थे लेकिन अचानक ही उन्हें धीरे-धीरे कुछ बोलने की आदत लग गई तथा चिंता व तनाव लगने लगा उनके परिवार के लोगों ने डॉक्टर को दिखाया तो डॉक्टर ने स्ट्रेस ओर अवसाद बताकर आराम करने को कहा तथा कुछ दवाएं भी दी किन्तु फिर भी लाभ ना होता देख घरवालो ने उनको रिटायरमेन्ट लेने को कहा और् उन्होंने रिटायरमेन्ट ले भी लिया-

अब रिटायर्ड लाइफ, अच्छा आराम, उत्तम खानपान तथा उचित व्यायाम सब करते हुए भी उनकी यह परेशानी कम नही हुई किन्तु अब बुदबुदाने (Murmur) के साथ हाथ से इशारे भी होने लगे थे उनकी बहू जो यहां मुंबई में रहती है और मेरी पेशंट है उन्होंने यह बात मुझे बताई और मैने श्रीकंठ जी से तथा उनकी पत्नी से बात की तब मुझे उनकी केस हिस्ट्री डिटेल में पता चली उनके सारे मेंटल सिम्पटसम्स जानने के बाद मैने उन्हें 2 बेचफ्लॉवर कॉम्बिनेशन बनाकर दिए पहले महिने में उनकी थकावट और बैचेनी में फर्क महसूस हुआ तथा दूसरे महिनी में उन्होंने बताया कि उनका आत्मविशावास बढ़ा है तथा अब उन्हें सकारात्मक विचार आने लगे है और तीसरे महिनी में उनके हाथ के इशारे व हाथ दर्द दूर हुआ तथा उनकी बुद्बुदाने की आदत कम हुई है-

इसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि में छोटे बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था से जुड़ना चाहता हूं तो मेरा उत्साह और बढ़े ऐसी दवाई दी जाए इस तरह 5 महीने बेचफ्लॉवर लेने से श्रीकंठ जी आज अपनी तकलीफ से पूरी तरह से मुक्त है इस तरह की तकलीफ बढ़ने से पहले प्रिवेंट की जाए तो ही बेहतर है अगर आपको निम्नलिखित कोई भी लक्षण स्वयं में या दूसरों में महसूस हो तो बिना वक्त गवाए चिकित्सा अवश्य ले-

नींद कम या जादा आना
काम में फोकस की कमी (Lack of focus)
शरीर की अवांछित क्रिया जैसे पैर हिलाते रहना, सर हिलाना, नाखून चबाना
कमजोर याददाश्त या बोलते-बोलते अचानक भूल जाना
अचानक एकांत अच्छा लगने लगना
बहुत ज्यादा विचार आना
एक ही एक बात का मन मे स्मरण रहना
बिना बात की हंसी आना
रेस्टलेस नेस
शारीरिक व मानसिक थकावट
हमेशा डर सा लगा रहना
घुटन महसूस होना
छोटी सी भी बात मन को लग जाना

बैच फ्लावर चिकित्सा में इस प्रकार के रोगों का निदान बिना किसी साइड इफेक्ट के है और ये सबसे उत्तम चिकित्सा है अगर आपके समाज या परिवार में इस प्रकार की कोई समस्या है तो आप बैच फ्लावर रेमिडीज द्वारा इस परेशानी को दूर कर सकते है-

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