ह्रदय दौर्बल्य में पीपल के पत्ते का प्रयोग

Ficus Religiosa Leaves in Heart Weakness


हमारी भारतीय संस्कृति में पीपल (Ficus Religiosa) के वृक्ष को अहम और पूज्यनीय माना गया है इसलिए सिर्फ भारतीय संस्कृति में पीपल के पेड़ की पूजा भी होती है और कहा जाता है जिस तरह से हमारे देवताओं में अनेकों गुण होते हैं ठीक उसी तरह से पीपल के पेड़ में भी कई स्वास्थ्यवर्धक गुण होते हैं इस वृक्ष के पत्तों, शाखाओं और जड़ों में तीव्र गति से कार्य करने की शक्ति होती है पीपल का पेड़ हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाने में तीव्र गति से कार्य करता है-

ह्रदय दौर्बल्य में पीपल के पत्ते का प्रयोग

क्या आप जानते है कि पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी पेड़ों में से पीपल (Ficus Religiosa) का पेड़ ऑक्सिजन को शुद्ध करने वाला और सबसे अहम प्रकार का वृक्ष होता है यह ही एक ऐसा पेड़ है जो की 24 घंटे हमें ऑक्सिजन देता है जबकि अन्य पेड़ रात में कार्बन डाईऑक्साइड या फिर नाइट्रेट छोड़ते है-

इतना ही नही बल्कि पीपल (Ficus Religiosa) और भी कई औषधीय गुणों से भरपूर है इसीलिए शास्त्रोक्त आयुर्वेद, सिध्द आयुर्वेद और आदिवासी जड़ीबूटी विज्ञान में भी पीपल का प्रयोग बहुतांश होता है-

पीपल फेफड़ों के लिए तो लाभप्रद हे ही पर पीपल की जड़ और पत्ते ह्रदय के लिए भी बड़े लाभदायक है आज भी मध्यप्रदेश के गोंड आदिवासी लोग ह्रदय रोग में इसके पत्तों की मालाए पहनते है-

आज हम जो आपको प्रयोग बता रहे है यह प्रयोग हमारे द्वारा खुद का अनुभूत प्रयोग है शास्त्रों के मुताबिक हमारी हाथों की हथेलियों में देवी देवताओं के निवास है वैसे ही हमारी हथेलियों में शरीर और उसके अंगों के सूक्ष्म बिंदु भी है ओर इन्ही बिंदुओ पर प्रयोग करके हम असाध्य ओर जटिल बीमारी यो में वांछित लाभ भी प्राप्त कर सकते है-

प्रयोग विधि-


ह्रदय दौर्बल्य में पीपल के पत्ते का प्रयोग


सबसे पहले आप सुबह उठ कर शांत चित्त से सुखासन में बैठ कर अगर आप किसी कारण से बैठ ना सको तो फिर लेट कर हथेलियां खुली हुई हो और हथेलियों में फ़ोटो में दिखाए तरीके से पीपल का छोटा और कोमल पत्ता रख ले ओर पन्द्रह मिनिट स्लोली सांस लेते ओर् छोड़ते रहे-

यह प्रयोग ह्रदय दौर्बल्य, धमनि काठिन्य, जी घबराना, सांस फूलना, छाती में ह्रदय शूल, हार्ट बर्न, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, जैसे रोगों में बहुत लाभदायक है ह्रदय रोगों के रोगियों को यह उपचार बेहद लाभ देता है इसके साथ ही पीपल की जड़ से बना लॉकेट गले मे इतनी लम्बाई में पहनना चाहिए कि लॉकेट ह्रदय को छूता रहे इससे भी आश्चर्यजनक लाभ होता है-

नोट- इस पोस्ट को लोगों के लाभ के लिए लिखा गया है जो मेरे द्वारा आजमाया जा चुका है बिना खर्च का ह्रदय रोगी के लिए एक वरदान स्वरूप है कर के देखे और फिर आप स्वयं ही चमत्कार देखें मगर इसे नियमित धैर्य के साथ करें-


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