बाल रोगों में लहसुन की माला के अनुभूत प्रयोग


हिंदी में आयुर्वेद उपचार-Ayurveda treatment in Hindi


लहसुन (Garlic) कैल्शियम, पोटेशियम तथा फॉस्फरस जैसे खनिज तत्वों से भरपूर है लहसुन में आयोडीन भी कुछ मात्रा में पाया जाता है लहसुन में विटामिन बी, सी तथा थोड़ी मात्रा में विटामिन भी है लहसुन में एलायल सल्फाइड (Allyl Sulphide) प्रचुर मात्रा में होने से लहसुन फेफड़ों का क्षय, ग्रंथि क्षय, कंठमाळ, अस्थिक्षय, उदर क्षय जैसे क्षय रोग तथा सड़न पर अमृतसम  काम करने वाली गुणकारी औषध है-

बाल रोगों में लहसुन की माला के अनुभूत प्रयोग

लहसुन (Garlic) सडन और टी बी के अणुओं की वृद्धि को रोकता है यह एक उत्तम जंतुनाशक एंटीसेप्टिक (Antiseptic) है यह शरीर में जाकर ऑक्सीजन में सल्फ्यूरिक एसिड नाम का अम्लीय तत्व बनाता है जो त्वचा, फेफड़े, किडनी, लिवर वगैरे अंगों की कार्यक्षमता को सुचारू करता है इसीलिए प्रतिदिन लहसुन का सेवन करने वालों को टी बी की तकलीफ नहीं होती है इंग्लैंड के सुप्रसिद्ध डॉक्टर एम्.डब्ल्यू.मेक्डोफ तथा डॉ.मींच ने सिर्फ लहसुन (Garlic) के प्रयोग से हजारों क्षय रोगियों को पूर्णता ठीक किया है-

श्वसन नलिका में होने वाली सडन तथा कुकुर खांसी में लहसुन (Garlic) का प्रयोग बेहद कारगर है लहसुन किडनी को उत्तेजित करके मूत्र की उत्पत्ति बढ़ाता है जिससे हृद्यविकार से उत्पन्न हुए सर्वांग शोथ तथा जलोदर के रोगियों में भी लहसुन हितकारी है लहसुन (Garlic) उत्तम एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) भी है लहसुन में पाया जाने वाला एंटीसेप्टिक द्रव्य जंतुओं का नाश करता है इसीलिए श्वसन नलिका तथा फेफड़े के रोग व क्षय रोग जैसे रोग मिटते हैं, सड़े-गले नाड़ी वर्णों पर भी लहसुन उत्तम एंटीबैक्टीरियल व सड़न मिटाने वाला औषध साबित हुआ है लहसुन पाया जाने वाला एलायल सल्फाइड (Allyl Sulphide) द्रव्य त्वचा,फेफड़े तथा किडनी को जारी सुचारू करता है श्वसन नलिका में जमे हुए कफ को बाहर निकालता है कफ की दुर्गंध का नाश करता है तथा कफ के अंदर रहे जंतुओं का विनाश करता है तथा इंफेक्शन से बचाता है-

इस पोस्ट में हम आपको लहसुन की माला (Garlic Garland) अनुभूत प्रयोग बताएंगे जो शत प्रतिशत सुरक्षित बिना साइड इफेक्ट के बेहद आसान और कारगर है इसके चमत्कारिक प्रभाव तो जिसने प्रयोग किया हो वही जान सकता है-

लहसुन की माला (Garlic Garland) कैसे बनाएं-


लहसुन की 16 से 18 कलियां लेकर या बच्चे के गले या कमर या किसी भी अंग में पहनानी हो उसका योग्य नाप लेकर लहसुन की कलियां ले कलियों को छीन ले तथा सुई धागे में पिरोकर इसकी माला बना ले इसे समस्या के अनुरूप बच्चे के गले, कमर, पाव, या हाथ में पहनाए-

बाल रोगों में लहसुन की माला के अनुभूत प्रयोग

दूसरे तरीके में माला बनाकर माला को धूप में रख कर सुखा लिया जाता है तथा यह माला बच्चों को विभिन्न अंगों पर पहनाई जाती है जब लंबे समय तक माला शरीर पर रखनी हो तब माला कर सुखा कर प्रयोग किया जाता है लेकिन जब कम तकलीफ हो या माला (Garlic Garland)  हर रोज बदलनी हो ऐसी परिस्थिति में ताजे लहसुन की कलियों की माला बनाकर पहनाई जाती है माला कम से कम 4 घंटे तक शरीर पर रखनी चाहिए एक बार इस्तेमाल की हुई माला दूसरी बार इस्तेमाल नहीं की जाती है जब भी जरूरत हो ताजी माला बनाकर ही पहननी चाहिए सुखाई हुई माला शरीर पर 2 से 5 दिन तक धारण कर सकते हैं-


बाल रोगों में लहसुन की माला (Garlic Garland) पहनने से होने वाले लाभ-


1- लहसुन की माला (Garlic Garland) बच्चे के गले में पहनाने से बच्चों को सताने वाली कुकुर खांसीसूखी खांसी में लाभ होता है इसमें माला थोड़ी बड़ी याने फेफड़ों तक आती हुई पहनानी चाहिए-

2- लहसुन की माला को थोड़ा गर्म करके गले में पहनाने से बच्चों की काली खांसी (whooping cough) में आश्चर्यजनक लाभ मिलता है-

3- लहसुन की माला (Garlic Garland)  पहनाने से डिप्थीरिया (diphtheria) टॉन्सिल्स जैसी बीमारियों में भी आराम मिलता है-

4- लहसुन की माला को थोड़ा अरंड तेल लगा कर हल्का गर्म करके गले के आसपास बांधने से कंठमाला, गले की सूजन, गठान जैसी तकलीफें दूर होती है-

5- जिन बच्चों को मिर्गी (Epilapsy) या आकडी आती हो उन्हें लहसुन की छोटी कोमल कलियां की माला बनाकर लेफ्ट पांव में पायल की तरह पहननी चाहिए-

6- बाल लकवा या बालक्षय जैसे रोगों में रोज रात को लहसुन की माला (Garlic Garland)  पहन के बच्चों को सुलाना चाहिए सुबह माला निकाल देनी चाहिए यह प्रयोग प्रतिदिन करना चाहिए व प्रतिदिन नई माला इस्तेमाल करनी चाहिए-

7- जिन बच्चों को बार बार खांसी होती है उन्हें लहसुन की सूखी हुई माला कमर में पहनानी चाहिए तथा रोज गर्म पानी से स्नान करना चाहिए यह प्रयोग कम से कम 15 दिन लगातार करना चाहिए सूखे हुए लहसुन की माला 3 से 4 दिन में बदल देनी चाहिए व नई माला पहननी चाहिए-

8- सूखा रोग में बच्चों को कमर में लहसुन की माला पहनानी चाहिए-

9- चेचक रोग (Chikenpox) में बच्चों के दोनों हाथों में लहसुन की माला पहनाने से चेचक रोग में आश्चर्यजनक लाभ होता है-

आप इसे भी देखे-
____________________________

सारिवा या अनंतमूल की क्या विशेषता है

अनंतमूल के विभिन्न घरेलू अनुभूत प्रयोग

अनंतमूल त्वचा के लिए बेहद उपयोगी औषधि है

अनंतमूल बॉडी पॉलिशिंग पैक

बालों के लिए अनंतमूल हेयर स्पा पैक

बालो को प्राकतिक काला कैसे करे

कोलेस्ट्रॉल क्या है इसके कारण और लक्षण


विशेष सूचना-

सभी मेम्बर ध्यान दें कि हम अपनी नई प्रकाशित पोस्ट अपनी साइट के "उपचार और प्रयोग का संकलन" में जोड़ देते है कृपया सबसे नीचे दिए "सभी प्रकाशित पोस्ट" के पोस्टर या लिंक पर क्लिक करके नई जोड़ी गई जानकारी को सूची के सबसे ऊपर टॉप पर दिए टायटल पर क्लिक करके ब्राउज़र में खोल कर पढ़ सकते है....

किसी भी लेख को पढ़ने के बाद अपने निकटवर्ती डॉक्टर या वैद्य के परमर्श के अनुसार ही प्रयोग करें-  धन्यवाद। 

Upchar Aur Prayog 

Upcharऔर प्रयोग की सभी पोस्ट का संकलन

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Upchar Aur Prayog

About Me
This Website is all about The Treatment and solutions of Home Remedies, Ayurvedic Remedies, Health Information, Herbal Remedies, Beauty Tips, Health Tips, Child Care, Blood Pressure, Weight Loss, Diabetes, Homeopathic Remedies, Male and Females Sexual Related Problem. , click here →

आज तक कुल पेज दृश्य

हिंदी में रोग का नाम डालें और परिणाम पायें...

Email Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner