13 फ़रवरी 2018

आयुर्वेदिक क्षीर पाक कल्पना

Preparation Method of Ayurvedic Kshir Pak


क्षीर याने दूध तथा पाक याने सिद्ध की हुई औषधि-विभिन्न रोगों या शारीरिक समस्याओं के अनुरूप रोगी के प्रकृति, आयुमान, तथा रोग की अवस्था व काल को ध्यान में रखकर निर्धारित की हुई औषधि या औषधि युक्त द्रव्य को दूध में उबालकर सिद्ध की हुई औषिधीय कल्पना को क्षीरपाक (Kshir Pak) कहा जाता है-

आयुर्वेदिक क्षीर पाक कल्पना

इस लेख में हम आपको आयुर्वेदिक क्षीरपाक (Kshir Pak) कल्पना तथा क्षीरपाक बनाने की विधि व उसके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे इस लेख की दूसरी कड़ी के अंतर्गत हम आपको विभिन्न रोगों में या विभिन्न शारीरिक तकलीफों में उपयोग होने वाले औषधीय क्षीरपाक की जानकारी देंगे जिसे आप घर में बनाकर बेहद आसानी से स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं-

जैसा कि हम सब जानते हैं रोग निवारण हेतु आयुर्वेदिक चिकित्सा में वटी, गुटी या वर्तिका का प्रयोग किया जाता है लेकिन जब उपचार की गति को बढ़ाना हो तब सामान्यता चूर्णों का उपयोग किया जाता है लेकिन जब बढ़ी हुई समस्याओं तथा जीर्ण रोगों में उपचार प्रक्रिया  को और ज्यादा गतिशीलता देनी हो तब क्वाथ, कषाय तथा आसव आरिष्ट का प्रयोग किया जाता है-क्षीरपाक (Kshir Pak) भी एक तरह की क्वाथ प्रक्रिया ही है-

आयुर्वेदिक क्षीर पाक कल्पना

क्षीरपाक (Kshir Pak) मुख्य प्रयोजन औषधियों की रुक्षता तथा तीक्ष्णता को कम करना तथा दूध की कफ कारिता को कम करके उत्तम औषधि योग निर्माण कर शरीर को बल तथा उपचार प्रदान करना है-

क्षीरपाक (Kshir Pak) ज्यादातर मुख्य औषधि के तौर पर ही प्रयोग किया जाता है लेकिन कभी-कभी रोग व रोगी की प्रकृति अनुसार इसे चूर्ण या वटी तथा गूटीका जैसी औषधियों के अनुपान के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है-

क्षीरपाक (Kshir Pak) बनाने की विधि-


चरक संहिता के अनुसार-

द्रव्या द्र्ष्टगूणम क्षीरं क्षीरात तोयं चतुर्गुणम।
क्षिरावशेष : कर्तव्य : क्षीरपाके तव्यं विधि :।।

निर्धारित औषधि द्रव्य से चार गुना दूध तथा दूध से आठ गुना पानी लेकर इसे उबालकर पाक करें जब जल का अंश उड़ जाए तथा दूध बाकी रह जाए तब इसे सिद्ध हुआ मान ले अब इस औषधि द्रव्य क्वाथ को छान ले यह क्षीरपाक विधि है-

यानी जिस औषधि का क्षीरपाक (Kshir Pak) बनाना हो अगर उसे 50 ग्राम ले तो उसके चार होना याने 200 ml दूध ले तथा दूध से 4 गुना याने 800 ml पानी लेकर तीनों को मिलाकर उबालें जब 250 ग्राम द्रव्य बच जाए तब इसे छान ले-

ज्यादातर क्षीरपाक (Kshir Pak) गर्म ही पिया जाता है आप क्षीरपाक में स्वाद वर्धन के लिए मिश्री, गुड या शहद भी डाल सकते हैं-

कभी-कभी क्षीरपाक में घी या विविध तेल डालकर भी इसका सेवन किया जाता हैं-

क्षीरपाक शरीर को पोषण तथा उपचार दोनों हेतु से सेवन किया जाता है-

इस लेख की की दूसरी कड़ी के अंतर्गत हम आपको विविध रोगों में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न आयुर्वेदिक औषधीय क्षीरपाक (Kshir Pak)  के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे-


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