5 फ़रवरी 2018

गुलाब अर्क या गुलाब जल बनाने की विधि-गुण-लाभ तथा उपयोग

Preparation Methods and Medicinal Properties of Rose Water


पिछले लेखों में क्रमशः हमने गुलाब के गुण लाभ व औषधीय प्रयोग, गुलाब के घरेलू औषधीय प्रयोग, गुलाब के अनुभूत औषधीय प्रयोग तथा गुलाब के आयुर्वेदिक औषधीय प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी ली अब इस लेखन माला की पांचवी कड़ी के अंतर्गत हम आपको गुलाब अर्क या गुलाब जल बनाने की विधि, गुण, लाभ तथा उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे-

गुलाब अर्क या गुलाब जल बनाने की विधि-गुण-लाभ तथा उपयोग

गुलाब जल (Rose water) गुलाब की पंखुड़ियों से बनने वाला उत्पाद है गुलाब का तेल बनाते समय जो पानी बच जाता है उसे गुलाब अर्क या गुलाब जल कहा जाता है जो अपने सौंदर्यवर्धक गुणों की वजह से घर घर में प्रचलित है तथा युवा वर्ग की पहली पसंद है-

सौंदर्य वर्धन के साथ-साथ गुलाब जल (Rose water)  औषधि के अनुपात के तौर पर भी उपयोग में लिया जाता है गुलाब जल धार्मिक विधियों में मिठाइयों में तथा दवाइयों में भी उपयोग होता है इसीलिए गुलाब जल का शुद्ध तथा असली होना बेहद जरूरी है-

आजकल मिलावट के जमाने में पानी में गुलाब का इत्र मिलाकर उसे गुलाब जल (Rose water)  के तौर पर बेचा जाता है इस वजह से नकली गुलाब जल लाभ करने की बजाय नुकसान ही करता है इसीलिए अगर आप गुलाब जल के पारंपरिक या शास्त्रोक्त लाभ लेना चाहते हो तो इसे घर पर बनाना ही बेहतर उपाय है-

आज इस लेख में हम आपको गुलाब जल (Rose water)  बनाने के घरेलू तरीके, पारंपरिक तरीके तथा अन्य प्रचलित तरीके बताएंगे जिनसे आप घर बैठकर असली, ताजा, व उत्तम गुणों वाला गुलाब जल घर पर ही बना सकते हैं तथा इसके वांछित लाभ ले सकते हैं- 

गुलाबजल (Rose water) या गुलाब अर्क बनाने के विविध तरीके-


घरेलू तरीका-


गुलाब की ताजी 500 ग्राम पत्तियों को लेकर सवा लीटर पानी में उबालें जब पानी आधा हो जाए तब इसे ठंडा करके छानकर कांच की बोतलों में भर लें इसे आप फ्रिज में रखकर भी तो कर सकते हैं-

पारंपरिक तरीका-


ताजे देसी गुलाब की पत्तियां 1 किलो तथा डेढ़ किलो पानी को मिलाकर भपका यंत्र में डालकर इसे उबाले इसकी भाप निकाले और इसे एक अलग कांच के बर्तन में एकत्रित करें-

जब आधे लीटर जितनी भाप का पानी एकत्रित हो जाए तब इसे बंद करके ठंडा करके इसे साफ बर्तन में रख लें यह उत्तम गुणवत्ता वाला गुलाब जल (Rose water) तैयार है-

अन्य प्रचलित तरीके-


आजकल विदेशों में विविध प्रकार के व जाति के गुलाबों के औषधीय उपयोग काफी प्रचलन में है पारंपरिक तरीके से बनाया हुआ गुलाब जल (Rose water) के साथ साथ वह सन मेथड का भी उपयोग करते हैं जिसमें गुलाब की पत्तियों या गुलाब के फूलों को पानी में डुबोकर कांच के बर्तन में रखकर सूर्य प्रकाश में 4 से 6 घंटे तक रखा जाता है इसके बाद में उस पानी को छानकर उसमें उतनी ही मात्रा में अल्कोहल मिलाकर उसे अंधेरी साफ-सुथरी जगह पर रख दिया जाता है 40 दिन के बाद इसे उपयोग में ले सकते हैं-

गुलाब जल (Rose water) के गुण-


गुलाब अर्क या गुलाब जल बनाने की विधि-गुण-लाभ तथा उपयोग

गुलाब जल गुण में बेहद शीतल तथा मन को सुकून  देने वाला होता है गुलाब जल त्वचा के लिए उत्तम टोनर है साथ ही साथ गुलाब जल आंखों के लिए भी बेहद उत्तम औषधि है शरीर का दाह, जलन, छाले (Ulcers) खुजली, मुत्रविकार, उष्मा जन्य विकार, पित्तजन्य विकार जैसी तकलीफों में गुलाबजल रामबाण औषधि है गुलाब जल को मिठाइयों में डालने से स्वाद और सुगंध (Flavour) दोनों बढ़ती है गुलाब जल तन और मन दोनों को ताजगी को ठंडक देता है इस तरह गुलाबजल उत्तम स्वास्थ्यवर्धक तथा सौंदर्यवर्धक औषधि योग है-

गुलाब जल (Rose water) के अनुभूत प्रयोग-


आंखों का उपचार-


1- गुलाब जल (Rose water) से आंखों के रोग दूर किए जाते हैं आंखों में गुलाबजल डालने से आंखों के विकार खत्म होते हैं तथा आंखों को ठंडक (Coolent) मिलती है यह आंखों के लिए एक प्रकार का अमृत है जो आंखों की को पूर्ण स्वस्थ बना देता है आंखों की ज्योति बढ़ाने के लिए भी गुलाब जल का प्रयोग किया जाता है गुलाब जल से आंखों के लिए नयनामृत बनाया जाता है जिस की विधि हम पिछली कड़ी के अंतर्गत आपको दे चुके हैं-

2- यदि पसीने की दुर्गंध से परेशान हो तो नहाने की बाल्टी में कुछ बूंदें गुलाब जल (Rose water) की डालकर नहाने से बदन की दुर्गंध दूर होकर ताजगी मिलती हैं-

3- शरीर का कोई अंग जल (Burn) गया हो जलन, खुजली करता हो तब गुलाब जल (Rose water) में गोपीचंदन मिलाकर इसका लेप करने से इन समस्याओं से छुटकारा मिलता है-

4- एक्जिमा (Eczema) पर नींबू का रस गुलाब जल में मिलाकर लगाने से लाभ होता है-

5- गुलाब जल में सेब का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे का रंग गोरा होता है तथा धूप गर्मी की वजह से त्वचा पर आया हुआ कालापन (Tanning) मिटता है-

6- लू (Sunstroke) लगने पर ठंडे पानी में बर्फ और गुलाबजल मिलाकर माथे पर पट्टी करने से लू से हुई तकलीफें दूर होती हैं-

7- शिरीष के पत्तों की कुछ बूंदे गुलाब जल में मिलाकर आंखों के ऊपर लेप करने से तथा आंखों में डालने से ग्रीष्म ऋतु में होने वाली आंखों की सूजन तथा आंखों के रोग ठीक हो जाते हैं यह रतौंधी (Night Blindness) की भी उत्तम दवा है-

8- सफेद जीरा, सोंठ, पीपल, लाल मिर्च, भूनी हींग, धनिया बीज, बच, अजमोद, पाठ, सेंधा नमक सबको समान भाग लेकर नींबू के रस में खरल करके चने के आकार की गोलियां बना लें इन गोलियों को आधा आधा घंटे के अंतराल पर गुलाब जल के साथ लेने से हैजा (Cholera) की तकलीफों में राहत मिलती हैं-

9- एक कप गुलाब जल-एक चौथाई कप चूने का पानी-संतरे का रस इन सबको मिलाकर दिन में 3 बार पीने से सीने में जलन, गले में जलन, जी मचलाना, वमन तथा एसिडिटी (Acidity) रोग नष्ट हो जाते हैं-

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