पारद शिव लिंग के क्या लाभ है


पारद शिवलिंग (Parad Shivalingm) के कई लाभ है पारद एक विशिष्ट तरल रूपी धातु है और स्वयं सिद्ध पदार्थ है जिस प्रकार मनुष्य  के सोलह संस्कार होते है लेकिन पारद शिवलिंग के अट्ठारह संस्कार होते है लेकिन इसे बहुत ही गोपनीय विधियो से तथा कई प्रकार के संस्कार से पारद शिवलिंग का निर्माण किया जाता है-

पारद शब्द की उत्पत्ति भोले नाथ शिव के वीर्य (रस) से हुई है- 

पा = विष्णु 
आ =कालिका 
द = ब्रह्मा के बीज अक्षर  है

वैसे तो सिल्वर शिवलिंग (Silver Shivlingm) की पूजा का भी कई जगह विधान है लेकिन घरो में नर्मदेश्वर शिवलिंग (Narmadeshwar Shivlingm) की पूजा ही सामान्य रूप से की जाती है-

पारद शिव लिंग के क्या लाभ है

प्राचीन तांत्रिक ग्रंथो के अनुसार करोड़ो शिवलिंगो की पूजा से जो फल मिलता है उस से भी कई गुना फल पारद शिवलिंग (Parad Shivalingm) के दर्शन पूजन और अभिषेक से सहज ही प्राप्त हो जाता है चूँकि पारद एक तरल पदार्थ होता है और इसे ठोस रूप में लाने के लिए विभिन्न अन्य धातुओं जैसे कि स्वर्ण, रजत, ताम्र सहित विभिन्न जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता है इसे बहुत उच्च तापमान पर पिघला कर स्वर्ण और ताम्र के साथ मिला कर और फिर उन्हें पिघला कर आकार दिया जाता है-

पारद को भगवान् शिव का स्वरूप माना गया है और ब्रह्माण्ड को जन्म देने वाले उनके वीर्य का प्रतीक भी इसे माना जाता है धातुओं में अगर पारद को शिव का स्वरूप माना गया है तो ताम्र को माँ पार्वती का स्वरूप माना गया है- इन दोनों के समन्वय से शिव और शक्ति का सशक्त रूप उभर कर सामने आ जाता है-

ठोस पारद के साथ ताम्र को जब उच्च तापमान पर गर्म करते हैं तो ताम्र का रंग स्वर्णमय हो जाता है इसीलिए ऐसे शिवलिंग को "सुवर्ण रसलिंग" भी कहते हैं-

पारद शिव लिंग के नियमित पूजन से आप के घर के समस्त वास्तु दोष-ज़मीन के नीचे के दोष-तांत्रिक बंधन से मुक्ति-शांति-समृद्धि-धन-संपत्ति -यश-कीर्ति -विवाह बाधा से मुक्ति-सुख की प्राप्ति होती है तथा असाध्य रोगो से भी मुक्ति मिल जाती है-

पारद शिवलिंग  के लाभ (Benefits of Parad Shivalingm ) -


1- घर में पारदेश्वर विग्रह (Pardeshwara vigraah) की नियमित आराधना करने से समस्त रोग-दोष आदि का नाश होता है पारद शिवलिंग की ऐसी अद्भुत महिमा है कि आप भी इसे अपने घर में स्थापित कर घर में समस्त दोषों से मुक्त हो सकते हैं- लेकिन ध्यान अवश्य रहे कि साथ में शिव परिवार को भी रख कर पूजन करें-

पारद शिव लिंग के क्या लाभ है

2- मान्यता है कि 100 अश्वमेध यज्ञ, चारों धामों में स्नान, कई किलो स्वर्ण दान और एक लाख गौ दान से जो पुण्य मिलता है वो बस पारे के बने इस शिवलिंग के दर्शन (Shivalingm Puja) मात्र से ही उपासक को मिल जाता है-

3- यदि योग और ध्यान में आपका मन लगता हो और मोक्ष की प्राप्ति की इच्छा हो तो आपको पारद शिवलिंग (Parad Shivalingm) की उपासना करनी चाहिए-ऐसा करने से आपको मोक्ष की प्राप्ति भी हो जाती है-

4- पारद के शिवलिंग को शिव का स्वयंभू प्रतीक भी माना गया है रूद्र संहिता में रावण के शिव स्तुति की तो वहां भी पारद के शिवलिंग का विशेष वर्णन मिलता है चूँकि रावण को रस सिद्ध योगी भी माना गया है और इसी पारद शिवलिंग (Parad Shivalingm) का पूजन कर उसने अपनी लंका को स्वर्ण की लंका में तब्दील कर दिया था-

5- कुछ ऐसा ही वर्णन बाणासुर राक्षस के लिए भी माना जाता है उसे भी पारद शिवलिंग की उपासना के तहत अपनी इच्छाओं को पूर्ण करने का वर प्राप्त हुआ था-

6- पारद एक ऐसा शुद्ध पदार्थ माना गया है जो भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है इसकी महिमा केवल शिवलिंग से ही नहीं बल्कि पारद के कई और अचूक प्रयोगों के द्वारा भी मानी गयी है-

7- आपको जीवन में कष्टों से मुक्ति नहीं मिल रही हो और हर तरफ से निराश हो या फिर बीमारियों से आप ग्रस्त रहते हों या फिर लोग आपसे विश्वासघात कर देते हों या बड़ी-बड़ी बीमारियों से ग्रस्त हों तो पारद के शिवलिंग (Parad Shivalingm) को यथाविधि शिव परिवार के साथ पूजन करें-ऐसा करने से आपकी समस्त परेशानियां ख़त्म हो जाएंगी और आपको बड़ी से बड़ी बीमारियों से भी मुक्ति मिल जाएगी-

8- अगर आपको धन सम्पदा की कमी बनी रहती है तो आपको पारे से बने हुए लक्ष्मी और गणपति को पूजा स्थान में स्थापित करना चाहिए-जहां पारे का वास होता है वहां माँ लक्ष्मी का भी वास हमेशा रहता है उनकी उपस्थिति मात्र से ही घर में धन लक्ष्मी का हमेशा वास रहता है-

9- अगर आपके घर में हमेशा अशांति, क्लेश आदि बना रहता हो अगर आप को नींद ठीक से नहीं आती हो, घर के सदस्यों में अहंकार का टकराव और वैचारिक मतभेद बना रहता हो तो आपको पारद निर्मित एक कटोरी में जल डाल कर घर के मध्य भाग में रखना चाहिए तथा उस जल को रोज़ बाहर किसी गमले में डाल दें-ऐसा करने से धीरे-धीरे घर में सदस्यों के बीच में प्रेम बढ़ना शुरू हो जाएगा और मानसिक शान्ति की अनुभूति भी होगी-

10- पारद को पाश्चात्य पद्धति में उसके गुणों की वजह से पारस पत्थर (Philospher's stone) भी बोला जाता है-आयुर्वेद में भी इसके कई उपयोग हैं-

नोट-

आप सही और उत्तम फल प्राप्ति के लिए किसी जानकार और अनुभवी से संपर्क करके असली पारद शिवलिंग (Parad shivalingm) प्राप्त करे या फिर जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे-

आप इसे भी देखे-

विशेष सूचना-

सभी मेम्बर ध्यान दें कि हम अपनी नई प्रकाशित पोस्ट अपनी साइट के "उपचार और प्रयोग का संकलन" में जोड़ देते है कृपया सबसे नीचे दिए "सभी प्रकाशित पोस्ट" के पोस्टर या लिंक पर क्लिक करके नई जोड़ी गई जानकारी को सूची के सबसे ऊपर टॉप पर दिए टायटल पर क्लिक करके ब्राउज़र में खोल कर पढ़ सकते है... धन्यवाद। 

Upchar Aur Prayog 

Upcharऔर प्रयोग की सभी पोस्ट का संकलन

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Upchar Aur Prayog

About Me
This Website is all about The Treatment and solutions of Home Remedies, Ayurvedic Remedies, Health Information, Herbal Remedies, Beauty Tips, Health Tips, Child Care, Blood Pressure, Weight Loss, Diabetes, Homeopathic Remedies, Male and Females Sexual Related Problem. , click here →

आज तक कुल पेज दृश्य

हिंदी में रोग का नाम डालें और परिणाम पायें...

Email Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner