पक्वाम्रपाक रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाने वाला उत्तम योग हैं


पिछले लिखो में हमने आम्रपाक से कायाकल्प कैसे और क्यों होता है इसके बारे में विस्तार से जाना तथा दो प्रकार के विविध आम्रपाक के लाभ व बनाने की विधिया भी जानी इसी कड़ी के आखिरी लेख में हम आम के तीसरे पाककल्प जिसे पक्वाम्रपाक (Pakvamrapak) भी कहते हैं उसके बारे में विस्तार से जानेंगे-

पक्वाम्रपाक रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाने वाला उत्तम योग हैं

आयुर्वेद की दृष्टि से आम फल (Mango) त्रिदोष नाशक हैं तथा कृशकाय या कमजोर व्यक्ति के वजन बढ़ाने में हितकारी है लिवर की कमजोरी, आन्तों का कडापन, रक्ताल्पता को नाश करने वाली भी रामबाण औषधि है यह मानव शरीर में चुस्ती फुर्ती, बल (Energy), उत्साह (Ecstasy) तथा प्रसन्नता भरता है तथा रोग-प्रतिकारक शक्ति (Immunity) भी बढाता हैं इसीलिए आम (Mango) को कायाकल्प करने वाला अमृत फल कहा गया हैं-

देसी आम (Mango)  के रस तथा दूसरी विविध औषधियां व शहद के संयोजन से बना हुआ यह पक्वाम्रपाक (Pakvamrapak) शरीर से विषैले तत्व (Toxins) तथा संचित दोषों तथा अम्लता (Acidity) को नष्ट करके क्षारीय तत्व (Alkaline element) जो की रोग निरोधक होते हैं उनकी वृधि करता हैं यह पक्वाम्रपाक रोगी तथा निरोगी दोनों के लिए हितकर हैं-

यह पक्वाम्रपाक (Pakvamrapak)  बनाने में बेहद आसान तथा खाने में बेहद स्वादिष्ट है इसे खाने से मुंह का स्वाद तथा भोजन की रूचि भी बढ़ती है व छोटे बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते हैं इस तरह यह एक पौष्टिक (Nutritious), स्वादिष्ट व गुणकारी (Nourishing) औषधीय पाक है-

पक्वाम्रपाक बनाने की विधि-


सामग्री-

पके हुए देसी आम का रस- 2560 ग्राम 
गाय का घी- 640 ग्राम 
काली मिर्च- 10 ग्राम 
सोठ- 40 ग्राम
छोटी पीपर- 20 ग्राम
पिपरामूल- 20 ग्राम
नागरमोथा- 50 ग्राम
चवक- 20 ग्राम
धनिया के बीज- 20 ग्राम
इलायची दाना- 20 ग्राम
नागकेसर- 20 ग्राम
दालचीनी- 20 ग्राम
तालिसपत्र- 20 ग्राम

बनाने की विधी-


सारे औषधियों का कपड़छन चूर्ण कर लेवे आम के रस को मंदाग्नि में पकाकर गाढ़ा करें जब गाढा मावे नुमा हो जाए तब इसमें सारे चूर्णों को डालकर अच्छे से मिलाकर शक्कर की चासनी बनाकर उसमे पकाए जब पक कर पक्वाम्रपाक (Pakvamrapak) सिद्ध हो जाए तब इसे बड़ी थाली में घी लगाकर फैला दे तथा इसके बर्फी की तरह टुकड़े काट ले-

सेवन विधि-


इसके एक दो टुकड़े भोजन के मध्य में खाने चाहिए अगर आपको सुबह खाना हो तो गर्म दूध के साथ इस पक्वाम्रपाक (Pakvamrapak) का सेवन करना चाहिए-

पक्वाम्रपाक सेवन से लाभ-


पक्वाम्रपाक रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाने वाला उत्तम योग हैं

पक्वाम्रपाक के नियमित सेवन से अरुचि, कमजोर पाचन शक्ति, खांसी (Cough and Cold), श्वास, कास, क्षयरोग, पीनस, एलर्जी (Allergies), कफ इन्फेक्शन (Cough Infection), गर्मियों की सर्दी, प्लीहा वृध्धि (Splenitis) तथा लिवर की कमजोरी जैसी समस्याएं नष्ट होती हैं-

विशेष सूचना-

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