27 मई 2018

सफ़ेद बालों के लिए आयुर्वेदिक हेयर डाई

Ayurvedic Hair Dye for White Hair


पहले के जमाने में राजा महाराजा जब अपने सर पर पहला सफेद बाल (White Hair) देखते थे तब अपने उत्तराधिकारी को राज कारभार सौप कर पर स्वयं सन्यास लेकर एकांतवास में चले जाते थे या समाज कल्याण व प्रभु भक्ति जैसे आध्यात्मिक प्रवृत्तियों में लीन हो जाते थे कहने का तात्पर्य यह है कि सफेद बाल निश्चित ही वृधावस्था तथा जीवन की आपाधापी से निवृत्ति लेने का योग्य समय आ गया है ऐसी प्रकृति द्वारा दी जाने वाली सूचना ही है-

सफ़ेद बालों के लिए आयुर्वेदिक हेयर डाई

लेकिन आजकल बच्चों तथा युवाओं के भी सफेद बाल (White Hair) पाए जाते हैं जो अवश्य ही चिंता का विषय है इस लेखन माला की समस्त कड़ियों में बताए गए विविध उपचार तथा सावधानियों का नियमित पालन करके हम बालों का झड़ना (Hair loss)  तथा बालो का असमय सफेद (White Hair) होना रोक सकते हैं लेकिन जो बाल सफेद हो गए हैं उनके लिए हमें विभिन्न केश रंजक (Ayurvedic Hair Dye) उपायों को करना आवश्यक बन जाता है-

असमय सफेद बाल (Premature Greying of Hair) होना-


प्राचीन काल में जब आयुर्वेद ग्रंथ लिखे गए थे उस समय प्राकृतिक रूप से बाल सफेद (White Hair) होने की उम्र 75 से 80 साल बताई गई है फिर समय गुजरने के साथ साथ जीवन शैली तथा ऋतुमान से हुए बदलाव की वजह से आज से 50 साल पहले तक बाल सफेद होने की स्वाभाविक उम्र 50 से 60 साल तक हो गई थी तथा आज से लगभग 15 से 20 साल पहले तक व्यक्ति के 45 साल बाद बाल सफेद होने को प्राकृतिक माना जाता था लेकिन पिछले 15 साल से हमारे भारतीय जीवन शैली तथा भोजन शैली में आए भीषण बदलाव की वजह से आजकल 15 साल के विद्यार्थियों के भी बाल सफेद पाए जाते हैं और इसे ही बालों का असमय सफेद होना कहते हैं-

बाजारू हेयर डाई व हेयर क्रीम-


असमय बाल सफेद होने की समस्या ने सौंदर्य प्रसाधन बनाने वाली देशी विदेशी कंपनियों को अच्छा मुनाफा व नियमित आजीवन ग्राहक उपलब्ध करा दिए हैं-

आजकल बाजारों में विविध हेयर डाई व हेयर कलर क्रीम हर्बल तथा आयुर्वेदिक नाम से खूब बिकते हैं लेकिन यहां हम आपको बता दें कि उसमें 99% हानिकारक रसायन ही होते हैं जो बालों को विविध रंगों में रंग तो देते हैं लेकिन सर की त्वचा, चेहरे की त्वचा तथा आंखों पर बुरा प्रभाव डालते हैं-

जब एक या दो सफेद बाल (White Hair)  छुपाने के चक्कर में हेयर डाई हेयर क्रीम का उपयोग किया जाता है तब आपने देखा होगा कि अक्सर धीरे-धीरे सिर में सफेद बालों की संख्या बढ़ने लगती है व हमें 15 या 20 दिन में ही हेयर डाई या हेयर क्रीम का इस्तेमाल करना अनिवार्य बन जाता है-

बाजारु हेयर डाई (Hair Dye) तथा हेयर क्रीम में मौजूद हानिकारक रसायनों की वजह से आजकल लोगों को आंखों के आसपास काले घेरे (Dark Circles), त्वचा का खुरदुरापन, चेहरे पर झाइयां, दाग धब्बे जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती है ऐसे में हेयर डाई बेचने वाली कंपनियां पेकिंग कवर पर एलर्जी टेस्ट की सावधानी छोटे अक्षरों में लिखकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं-जिसे आम लोग कभी भी नहीं पढ़ते है-

आयुर्वेदिक नाम से बेचे जाने वाले हेयर डाई (Hair Dye) या हेयर कलर क्रीम में पोषक तत्वों की मात्रा या औषधीय तत्व की मात्रा ना के बराबर होती है तथा हानिकारक रसायनों की भरमार होने से ऐसे प्रोडक्ट बालों को रंगने के अलावा बालों को दूसरा कोई फायदा नहीं पहुंचाते और इसी कारण असमय आपके बाल झड़ने लगते हैं-

आज हम आपको बालों को प्राकृतिक रंग देने वाले आयुर्वेदिक केश रंजक लेप (Ayurvedic Hair Dye) के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे यह संपूर्ण निरापद है जिनसे बालों की समस्या कम होती हैं ये लेप बालों को काला करने के साथ साथ बालों को झड़ने (Hair fall) से भी रोकते हैं-

बालो को काला करने के लिए विविध लेप-


शारंगधर संहिता में महर्षि शारंगधर ने बालों को काला करने के लिए उत्तम केश रंजक लेप (Ayurvedic Hair Dye) बताए हैं-

उत्तम केश रंजक लेप(Ayurvedic Hair Dye)-


सफ़ेद बालों के लिए आयुर्वेदिक हेयर डाई

यह लेप आज के आधुनिक युग में भी बनाने में सरल तथा बेहद लाभदाई है इसे आप आसानी से घर पर बना कर अपने बालों को बिना किसी केमिकल का उपयोग किए काला कर सकते हैं तथा बालों का झड़ना (hair fall) भी रोक सकते हैं-

अयोरजो भृंगजस्त्रिफला कृष्णमृत्तिका ||२७||
स्थितमिक्षुरसे मासंलेपनात पलितंजयेत |

अर्थात-

लौह चूर्ण, भृंगराज, त्रिफला तथा काली मिट्टी इन सब को समान भाग लेकर मिलाकर चूर्ण करके गन्ने के रस में 1 महीने तक डुबोकर रखें इस चूर्ण का सिर पर लेप करने से सफ़ेद बाल काले होते हैं तथा बालों का असमय सफेद (Premature Greying of Hair) होना रुकता है तथा बाल मजबूत बनते हैं-

टिप्स- कुछ वैद लोग इस योग को लोहे के डिब्बे में डाल कर जमीन के अंदर या गेहूं के ढेर के अंदर 1 महीने तक रखते हैं इस योग में सारे चूर्णों को गन्ने के रस में डूबने तक भिगोना है-

सफ़ेद बालो पर खिजाब-


धात्रीफलत्र्यं पथ्ये तथैकं बिभितकम ||२८||
पग्चाम्रमज्जा लोहस्य कशैक च प्रदीयते |
पिष्ट्वा लोह्मये भाणडे स्थापयेदूषितं निशि ||२९||
लेपोड्य हन्ति न चिरादकालपलितं महत |

अर्थात-

तीन भाग आंवला, दो भाग हरड, एक भाग बहेड़ा, आम की गुठली का चूर्ण 5 भाग तथा एक भाग लोह चूर्ण इन सबको मिलाकर इनके चूर्ण को पानी से मिलाकर लेप बना ले इस लेप को लोहे की कढ़ाई में रात भर रख दें तथा सुबह बालों पर लेप करने से सफेद बाल काले होते हैं-

यह एक तरह का हेयर डाई (Ayurvedic Hair Dye) ही है इसे अपनी समस्या व आवश्यकता के अनुसार प्रतिदिन लगाने से सफेद बाल काले होते हैं तथा बालों का असमय सफेद होना (Premature Greying of Hair) रुकता है इस लेप से  सिर की गर्मी शांत होती है तथा बालों में रूसी (Dandruff) या खुजली जैसी समस्या दूर होती है तथा बालों का झड़ना भी रुकता है-

यह लेप (Ayurvedic Hair Dye) आजकल के आधुनिक युग में भी बेहद व्यवहारिक तथा उपयोगी है कई अभिनेता व अभिनेत्रियां अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर अपने बालों को रंगने के लिए इस लेप का इस्तेमाल करते हैं तथा अपने बालों को स्वस्थ वह मुलायम रखते हैं-

सावधानियां-


1- केश रंजक लेप (Ayurvedic Hair Dye) रात को लगाकर पूरी रात रखकर सुबह धोने से इन लेपों का उत्तम लाभ मिलता है-

2- हम आपको कहना चाहते है कि आप आलस्य त्याग कर इन लेपों को घर पर बनाकर ही उपयोग अवश्य करें यह लेप बनाने के लिए ली जाने वाली औषधि साफ-सुथरी तथा उत्तम गुणवत्ता की हो यह जरूरी है इसीलिए इन्हें अपने विश्वसनीय स्रोतों से ही खरीदें तथा नकली व पुराने माल से सावधान रहें-

3- आप यह प्रयोग करते समय बाजारु तेल, शैंपू, हेयर डाई तथा हेयर क्रीम का उपयोग बिल्कुल बंद कर दें-

4- यह लेप बालों में लगाते समय दस्ताने अवश्य पहने अन्यथा हाथ व नाखून काले हो सकते हैं तथा यह कालापन छुड़ाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है-

5- अनुवांशिकता के चलते असमय सफेद बाल की समस्या हो ऐसे व्यक्तियों ने यह उपाय जितनी जल्द हो सके आरम्भ कर देना चाहिए-

6- यह लेप (Ayurvedic Hair Dye) संपूर्ण निरापद है तथा बालों को पोषण देने वाले भी है इसलिए सफेद बालों के साथ-साथ बालों की अन्य समस्याएं भी इस लेप के नियमित उपयोग से कम होती है-



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